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गाजियाबाद: छात्रा की मौत के बावजूद स्नैचरों का आतंक जारी, 24 घंटे में तीन और घटनाएं
27 अक्टूबर को गाजियाबाद के एबीइएस कॉलेज की इंजीनियरिंग छात्रा कीर्ति सिंह (19) ऑटो से अपने घर हापुड़ लौट रही थी. तभी एनएच-9 पर दो बाइक सवार स्नैचरों ने उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की. मोबाइल बचाने की कोशिश में कीर्ति ऑटो से गिर गई और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं. गत रविवार को छात्रा ने दम तोड़ दिया. गाजियाबाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी जितेन्द्र उर्फ जीतू को सोमवार तड़के सुबह एनकाउंटर में मार गिराया. जितेंद्र पर स्नैचिंग और लूटवार से संबंधित 12 मुकदमे पहले से दर्ज थे. वहीं, दूसरे आरोपी बलविंदर उर्फ बल्लू को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी है. यह घटना गाजियाबाद के मसूरी थाना के अंतर्गत हुई थी.
पेशे से लोको पायलट कीर्ति सिंह के पिता रविंद्र सिंह ने बेटी के सपनों पूरा करने के लिए उसका दाखिला एबीइस इंजीनियरिंग कॉलेज में कराया था. वह कहते हैं कि मेरी बेटी पढ़ने में बहुत होशियार थी और सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती थी लेकिन अभी उसको कॉलेज में एडमिशन लिए 15 दिन भी नहीं हुए और वह इस दुनिया से चली गई.
27 तारीख को सूचना पाकर रविंद्र सिंह जब गाजियाबाद पहुंचे तो उन्होंने देखा की कीर्ति के सिर में गंभीर चोटें आई थीं और डॉक्टर ने बताया कि उसका काफी खून बह गया था. इसलिए कीर्ति को बचाना मुश्किल था. वहीं, कीर्ति की मां संतोष ने उसकी मौत की वजह डॉक्टरों की लापरवाही बताई है.
वे कहती हैं कि उन्हें घटना की सूचना दोपहर करीब 1:00 बजे मिली थी और शाम 6:00 बजे तक वे गाजियाबाद पहुंची. वहां, पहुंचकर उन्होंने देखा कि डॉक्टरों ने कीर्ति का इलाज शुरू नहीं किया था. वह कहती हैं, "5 घंटे तक डॉक्टरों ने मेरी बेटी को छुआ तक नहीं जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. अगर टाइम से इलाज मिल जाता है तो शायद मेरी बेटी जिंदा होती."
कीर्ति सिंह की मौत ने पूरे देश में हलचल मचा दी. तो वहीं, दूसरी तरफ यूपी पुलिस ने एक आरोपी का एनकाउंटर करके वाहवाही लूट ली. लेकिन इसके बावजूद गाजियाबाद में स्नैचिंग की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं.
हमें पता चला कि गाजियाबाद के कीर्ति नगर, राजेंद्र नगर, इंदिरापुरम, पुराना बस अड्डा, मसूरी चौक, लाल कुआं पर स्नैचिंग की घटनाएं आम हैं. जिस थाने के अंतर्गत कीर्ति सिंह से स्नैचिंग की घटना हुई, उससे महज बीस मीटर दूर ऑटो स्टैंड है. यहां के ऑटो चालकों ने बताया कि इस घटना के बाद भी उनकी सवारियों के फोन स्नैचरों ने छीन लिए.
इंदिरापुरम में हालात कहीं ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं. हमें बताया गया कि यहां शाम होते ही स्नैचरों का आतंक बढ़ जाता है. देखिए हमारी यह वीडियो रिपोर्ट-
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