Report
मध्य प्रदेशः ‘झूठा निकला’ सस्ती दरों पर गैस सिलेंडर मुहैया कराने का सीएम शिवराज चौहान का वादा
मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र महिलाओं के लिए कई योजनाओं की घोषणा की. जिसमें सस्ते दरों पर महिलाओं के लिए घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का वादा किया गया. लेकिन शिवपुरी जिले में जमीनी हकिकत बिल्कुल विपरीत है. सस्ती दरों पर गैस सिलेंडर खरीदने की उम्मीद लेकर यहां पहुंची कई महिलाओं को खाली हाथ लौटना पड़ा.
मालूम हो कि कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा था, “सावन के महीने में रसोई गैस 450 रुपये में तुम्हारा भैया दिलवाएगा. और इसके बाद परमानेंट मैं व्यवस्था बनाऊंगा ताकि महंगी गैस हमें परेशान ना करें”
इस दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार द्वारा जनवरी में घोषित लाडली बहना योजना के फायदे के बारे में भी बात की. इस योजना को राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं को ध्यान में रखकर लाया गया है.
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शुरूआत मनोज कुमार स्टारर फिल्म बेईमान के गीत ‘ये राखी बंधन है ऐसा’ गाते हुए की. सीएम चौहान ने वादा किया कि सावन के महीने में एलपीजी गैस सिलेंडर 450 रुपये प्रति सिलेंडर की दर से दिया जाएगा.
अगले दिन कई महिलाएं गैस सिलेंडर एजेंसी के पास घोषित दरों पर सिलेंडर लेने चली गईं, लेकिन सबको खाली हाथ वापस लौटना पड़ा. दरअसल, योजना को लागू करने के आधिकारिक निर्देश के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है.
कार्यक्रम से पहले मध्य प्रदेश भाजपा ने एक प्रेस रिलीज जारी किया था. जिसमें बताया गया था कि मुख्यमंत्री महिलाओं को कार्यक्रम में तोहफा देंगे.
राखी का तोहफा सिर्फ दो दिनों के लिए था
शिवपुरी के पिछोरे तहसील में गैस एजेंसियों ने महिलाओं से गैस सिलेंडर के लिए पहले जितने ही दाम मांगे.
एक 33 वर्षीय महिला, जो सीएम के कार्यक्रम को देखने के लिए ऑनलाइन जुड़ी थी, ने कहा, “कई महिलाएं ऑनलाइन इस कार्यक्रम से जुडी थीं. यह राखी तोहफा सिर्फ दो दिनों के लिए था. इसलिए अगले दिन ही सस्ते दर पर गैस सिलेंडर लेने के लिए हम लोग गैस एजेंसी पहुंच गए. लेकिन एजेंसी वालों ने कहा कि गैस सिलेंडर 1,185 रुपये की दर से मिलेंगे न कि 450 रुपये की दर से. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में महिलाओं को बार-बार बहना कहा था. वे दिखाना चाहते थे कि वे महिलाओं का खूब ध्यान रखते हैं. लेकिन उन्होंने राज्य की महिलाओं से झूठा वादा किया. आगामी विधानसभा चुनाव में सीएम को महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा.”
शिवपुरी जिले की लक्ष्मी कुशवाहा (25 वर्ष) नामक एक महिला ने बताया कि सिविक एजेंसी के द्वारा महिलाओं को कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़ने के लिए कहा गया था.
मिथिला गोस्वामी (55 वर्ष) नामक एक महिला ने कहा, “मैं गैस सिलंडर भरवाने के लिए एजेंसी गई, क्योंकि मुझे लगा कि इस तोहफा से लगभग 700 रुपये बच जाएंगे. हम लोग बहुत गरीब हैं. हमारे लिए 200 रुपये की बचत बहुत मायने रखती है. लगभग 40-50 महिलाएं गैस सिलेंडर भरवाने के लिए गैस एजेंसी पहुंची, लेकिन शर्मिंदा होकर घर वापस लौटना पड़ा.”
शिवपुरी स्थित गैस एजेंसी के मालिक लोकेश सोढ़ी ने कहा, “सीएम चौहान के वादे के बाद लगभग 50 महिलाएं सिलेंडर भरवाने के लिए मेरी एजेंसी आईं. हम लोगों को कोई सरकारी दिशा-निर्देश नहीं मिले थे. इसीलिए हमने 450 रुपये की दर से सिलेंडर देने से मना कर दिया. पिछले दो दिनों में उक्त दर पर सिलेंडर लेने के लिए सैकड़ों लोग आए और न जाने कितनों ने फोन किया लेकिन हम लोग इसमें कुछ नहीं कर सकते.”
भोपाल के इस कार्यक्रम में सीएम चौहान ने सरकारी नौकरी में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा भी की. साथ ही लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को दिए जाने वाले आर्थिक सहयोग को भी 1,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 1,250 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की गई. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की 1.25 करोड़ महिलाओं के खाते में 250 रुपये भेज दिए गए हैं ताकि सभी महिलाएं अच्छे से रक्षाबंधन त्योहार मना सकें बाकी के 1,000 रुपये सितंबर महीने में भेज दिए जाएंगे.
न्यूज़लॉन्ड्री ने सीएम चौहान के अधिकारी सत्येंद्र खरे से संपर्क किया, वे इस कार्यक्रम में विशेष ड्यूटी पर थे. उन्होंने कहा, “सीएम ने सावन में पैसे देने की घोषणा की, अगले दो-तीन दिनों में पैसे महिलाओं के खाते में भेज दिए जाएंगे.”
इसके बाद उन्होंने कहा, “विमान उड़ान भर रहा है. उतरने के बाद मैं आपको फोन करूंगा.”
गौरतलब है कि इसी साल के अंत में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां चुनावी लाभ के लिए राज्य की महिलाओं को रिझाने में लगी हुई हैं क्योंकि राज्य के चुनाव परिणाम को निर्धारित करने में महिलाओं की मुख्य भूमिका है.
सीएम चौहान द्वारा योजना की घोषणा करने के बाद राज्य कांग्रेस इकाई के मुखिया कमलनाथ ने भाजपा की तीखी आलोचना की. उन्होंने कहा कि सीएम डूबते जहाज को उबारने की कोशिश में लगे हुए हैं.
Also Read
-
‘Alarm bells ringing’: Why Indian newsrooms are losing public trust
-
SIP was the successful Sharma ji ka ladka. Now it has a problem
-
Digital platforms complicit in pushing hate-filled Hindutva-pop, finds new CSoH report
-
Iran’s defiance: Lessons for the Gulf and the Global South
-
The Voice of Hind Rajab review: A child’s voice in a world that stopped listening