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मुजफ्फरनगर स्कूल केस: वीडियो शेयर करने के मामले में पत्रकार जुबैर के खिलाफ एफआईआर
फैक्ट चेकिंग वेबसाइट अल्ट न्यूज़ के सहसंस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. आरोप है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के एक प्राइवेट स्कूल में ‘थप्पड़ कांड’ में पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर की है. मालूम हो कि एक्स (ट्विटर) पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें महिला टीचर द्वारा एक मुस्लिम बच्चे को उसके सहपाठियों द्वारा थप्पड़ों से पिटवाया गया था.
विष्णुदत्त नामक एक व्यक्ति की शिकायत पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने सोमवार को मोहम्मद जुबैर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के अनुच्छेद 74 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने ट्वीट कर कहा था, “उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक शिक्षिका द्वारा कक्षा में बच्चे को अन्य बच्चों से पिटवाए जाने की घटना की जानकारी मिली है. संज्ञान लेकर कार्यवाही हेतु निर्देश जारी किए जा रहे हैं, सभी से निवेदन है कि बच्चे का वीडियो शेयर न करें इस तरह की घटना की जानकारी ईमेल द्वारा दें, बच्चों की पहचान उजागर कर अपराध के भागी न बनें.”
उसके बाद जुबैर ने एक्स से वीडियो हटा दिया था. जुबैर ने कहा, “वीडियो इसलिए हटा दिया, क्योंकि एनसीपीसीआर ने निर्देश जारी किया था.”
दर्ज याचिका में कहा गया है कि अल्ट न्यूज़ के पत्रकार मोहम्मद जुबैर ने वीडियो में पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर की. यह किशोर न्याय अधिनियम के तहत बालक के अधिकारों का हनन है.
स्क्रॉल से बात करते हुए जुबैर ने कहा कि उसने वीडियो हटा दिया था, फिर भी उसे निशाना बनाया गया. “सिर्फ मेरे खिलाफ ही कार्रवाई की गई है. जबकि कई लोग, यहां तक कि कई मीडिया संस्थान ने भी इस वीडियो को शेयर किया था.”
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मुजफ्फरनगर जिले के खुब्बापुर गांव के जिस प्राइवेट स्कूल में यह घटना हुई थी, उस स्कूल को बंद कर दिया गया है. पुलिस ने लड़के के परिवार की शिकायत पर मुख्य आरोपी शिक्षिका तृप्ता त्यागी के खिलाफ आइपीसी की धारा 323 और 504 दोनों गैर-संज्ञेय अपराध (एनसीआर) के तहत मामला दर्ज किया गया.
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