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गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर कला रामचंद्रन का तबादला, बोलीं- सुदर्शन न्यूज़ के संपादक पर मुकदमा नहीं है इसकी वजह
हरियाणा की भाजपा सरकार ने गुरुग्राम की पुलिस आयुक्त (कमिश्नर ऑफ पुलिस) कला रामचंद्रन का तबादला कर दिया है. न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत में कला ने इस तबादले को एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि इस तबादले का सुदर्शन न्यूज़ चैनल के संपादक के खिलाफ एफआईआर से कोई संबंध नहीं है. मालूम हो कि सुदर्शन न्यूज़ दक्षिणपंथी विचारधारा का एक प्रोगपेंडा चैनल है.
1994 बैच की हरियाणा काडर की आईपीएस कला ने कहा कि उन्होंने गुरूग्राम में डेढ़ साल से अधिक का वक्त बिताया है. वह हरियाणा की उन 20 आईपीएस अधिकारियों में से हैं, जिनका गुरूग्राम से तबादला कर दिया गया है. उनको अब अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है. वहीं, विकास अरोड़ा को गुरूग्राम का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है.
सुदर्शन न्यूज़ चैनल के खिलाफ एफआईआर
मालूम हो कि 9 अगस्त को गुरुग्राम पुलिस ने संपादक मुकेश कुमार के खिलाफ कथित तौर पर फेक न्यूज फैलाने और धार्मिक शत्रुता को बढ़ावा देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी.
एफआईआर से एक दिन पहले मुकेश ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (ट्विटर) पर दावा किया था कि गुरूग्राम में हिंदू कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी का मुख्य कारण अल-जज़ीरा न्यूज़ चैनल द्वारा नूंह हिंसा को लेकर रामचंद्रन पर दबाव है. बाद में मुकेश कुमार ने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया.
पुलिस ने इस ट्वीट को फेक न्यूज़ बताया और भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (B) यानि धार्मिक शत्रुता को बढ़ावा देने, 469 (जालसाजी), 501 (मानहानि), 505 (अफवाह फैलाने) और सूचना प्रौधोगिकी अधिनियम की धारा 66C (चोरी की पहचान) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली. दो दिन बाद साइबर अपराध विंग द्वारा कुमार को गिरफ्तार किया गया.
जब तक मुकेश की जमानत नहीं हुई तब तक दक्षिणपंथी समर्थक अकाउंट्स द्वारा #मुकेश कुमार को रिहा करो का ट्रेंड चलाया गया. सुदर्शन न्यूज चैनल ने कुमार की गिरफ्तारी को ‘प्रेस की स्वतंत्रता’ पर हमला बताया.
रेवाड़ी के जिला उपायुक्त का भी तबादला
इसके बाद 19 अगस्त को हरियाणा सरकार ने 16 अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति के आदेश जारी किए. इनमें रेवाड़ी के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इमरान रेज़ा भी शामिल थे. उन्होंने रेवाड़ी जिले के गांवों में सरपंचों और पंचायत सदस्यों द्वारा नूंह हिंसा के बाद मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ नोटिस जारी किया था.
अगस्त की शुरुआत में हरियाणा में हुई हिंसा के बारे में न्यूज़लॉन्ड्री ने विस्तार से रिपोर्ट की थी. गुरुग्राम में मुस्लिम परिवारों को किस तरह से घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, यह समझने के लिए न्यूज़लॉन्ड्री के इस वीडियो को देखें.
वहीं, हिंसा में शामिल उपद्रवियों पर कार्रवाई के नाम पर राज्य पुलिस प्रशासन ने सैंकड़ों घरों एवं दुकानों को ढ़हा दिया. जिसमें अधिकांश घर मुस्लिमों के थे. न्यूज़लॉन्ड्री ने इस बारे में भी रिपोर्ट की थी.
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