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रोज़नामचाः नूंह हिंसा का विस्तार और मणिपुर पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार बनी आज की सुर्खियां
हिंदी के प्रमुख अख़बारों ने आज एक नहीं अलग-अलग ख़बरों को प्राथमिकता दी है. किसी ने हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा तो किसी ने सुप्रीम कोर्ट में मणिपुर मामले की सुनवाई को प्राथमिकता दी है. वहीं, किसी दिल्ली में सेवाओं पर केंद्र के विधेयक को अपनी पहली सुर्खी बनाया है.
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अमर उजाला ने नूंह में दंगे से संबंधित ख़बरों को प्राथमिकता दी है. अख़बार ने लिखा कि हरियाणा के नूंह में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है. वहीं, शांति व्यवस्था कायम करने के लिए नूंह में कर्फ्यू जारी है. यहां दंगाइयों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है. ख़बर के मुताबिक, अब तक मामले में 44 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 70 संदिग्ध हिरासत में लिए जा चुके हैं.
अख़बार ने संसद में विपक्षी गठबंधन द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को भी प्रमुखता दी है. अख़बार ने लिखा कि अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में 8 से 10 अगस्त के बीच विस्तृत चर्चा होगी और अंतिम दिन यानी 10 अगस्त को पीएम मोदी जवाब देंगे. बता दें कि विपक्षी गठबंधन द्वारा मणिपुर हिंसा मामले पर पीएम मोदी के बयान की मांग को लेकर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था.
इसके अलावा हंगामे के बीच दिल्ली सेवा विधेयक लोकसभा में पेश, पृथ्वी की कक्षा को छोड़ चांद की ओर चंद्रयान-3, सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का आरोपी सचिन बिश्नोई भारत लाया गया, बिहार में जारी रहेगी जाति जनगणना आदि ख़बरों को भी अख़बार ने प्रमुखता से पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक जागरण ने दिल्ली में सेवाओं पर केंद्र को अधिक अधिकार देने वाले विधेयक (संशोधन), 2023 को लोकसभा में पेश किए जाने को प्रमुखता दी है. अख़बार ने लिखा कि लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने विधेयक पेश किया. बता दें कि यह विधेयक दिल्ली अध्यादेश की जगह लेगा. विपक्षी पार्टियों द्वारा लोकसभा में इस विधेयक का काफी विरोध किया गया. वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस विरोध को राजनीतिक बताया.
अख़बार ने मणिपुर हिंसा मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार को भी अहमियत दी है. अख़बार ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मणिपुर की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के खिलाफ हो रही यौन उत्पीड़न मामले में भी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए.
इसके अलावा बिहार में जाति आधारित जनगणना को हरी झंडी, नूंह के उपद्रव में अब तक पांच लोगों की मौत एवं 70 हिरासत में, दुष्कर्म पीड़िता के बच्चे को कस्टडी में ले सरकार, ओबीसी के उपवर्गीकरण के लिए गठित आयोग ने राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट, अनुच्छेद 370 हटाने के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में आज से सुनवाई, पंजाबी गायक और नेता सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता दिल्ली लाया गया आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर प्रमुखता से जगह दी है.
हिंदुस्तान अख़बार ने हरियाणा के नूंह में सोमवार को धार्मिक यात्रा पर पथराव के बाद भड़की हिंसा को प्राथमिकता दी है. अख़बार ने लिखा कि यह हिंसा गुरुग्राम, पलवल और फरीदाबाद तक पहुंच चुकी है. अख़बार के मुताबिक, गुरुग्राम में उपद्रवियों ने निर्माणाधीन मस्जिद पर हमला कर दिया, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई. फरीदाबाद में दुकानों में तोड़फोड़ की गई और पलवल में भी कई झुग्गियों को ढहा दिया गया.
अख़बार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा मणिपुर प्रशासन की फटकार को भी अहमियत दी है. ख़बर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंसा प्रभावित मणिपुर में कानून-व्यवस्था एवं संवैधानिक मशीनरी पूरी तरह चरमरा गई है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर पुलिस के महानिदेशक को भी तलब किया है.
इसके अलावा बिहार में जातीय जनगणना फिर शुरू होगी, सेवा बिल बदलावों के साथ पेश, ठाणे में निर्माण के दौरान क्रेन गिरने से 20 लोगों की मौत आदि ख़बरों को भी प्रमुखता दी है.
दैनिक भास्कर ने हरियाणा के नूंह में भड़की हिंसा के विस्तार को पहली ख़बर के रूप में छापा है. ख़बर का शीर्षक है- ‘हरियाणा में हिंसा और भड़की, आंच राजस्थान तक, यूपी अलर्ट’. अख़बार ने लिखा कि उपद्रवियों ने गुरुग्राम में धर्मस्थलों, दूकानों को आग के हवाले कर दिया. वहीं, हिंसा में पांच की मौत हो गई. बता दें कि हरियाणा के कई जिलों में शांति कायम करने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है.
इसके अलावा 2 हजार के 88 फीसदी नोट बैंकों में वापस लौटे, खालिस्तानी लिंक को लेकर इनेलो नेता जरनैल सिंह चंदी के घर सिरसा और पंजाब में एनआईए की छापेमारी, धारा 370 हटाए जाने के बाद से कितना बदला कश्मीर आदि ख़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
जनसत्ता ने हरियाणा के नूंह में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के विस्तार संबंधी ख़बरों को प्राथमिकता दी है. अख़बार ने लिखा कि गुरुग्राम में भी यह हिंसा भड़क चुकी है. गुरुग्राम की एक निर्माणाधीन मस्जिद पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया और मस्जिद के इमाम की हत्या कर दी. राज्य के तीन जिलों नूंह, पलवल और फरीदाबाद में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. अख़बार के मुताबिक, हिंसा से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है.
अख़बार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा मणिपुर प्रशासन को फटकार को भी अहमियत दी है. अख़बार के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मणिपुर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है. शीर्ष अदालत ने राज्य पुलिस द्वारा मामले की जांच को बहुत ही सुस्त और लचर बताया है.
इसके अलावा विपक्ष के विरोध को दरकिनार कर मोदी के सम्मान समारोह में शामिल हुए शरद पवार, लोकसभा में राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (विधेयक) 2023 पेश, अविश्वास प्रस्ताव पर 8 अगस्त से लोकसभा में चर्चा होगी, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज से सुनवाई, पाकिस्तान के पीएम के बयान- युद्ध कोई विकल्प नहीं भारत के साथ बातचीत को तैयार आदि ख़बरों को भी अख़बार ने प्रमुखता से पहले पन्ने पर जगह दी है.
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