Report
हरियाणा: मोनू मानेसर, अफवाह और पुलिस की लापरवाही बनी नूंह से गुरुग्राम तक सांप्रदायिक हिंसा की वजह?
31 अगस्त को हरियाणा के नूंह जिले में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी द्वारा आयोजित ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई. हिंसा के दौरान पत्थरबाजी, आगजनी और गोलीबारी के कारण अब तक 6 लोगों की मौत हो गई और 60 लोग घायल हो गए. वहीं यात्रा में शामिल करीब 60 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया.
नूंह में हुई हिंसा की प्रतिक्रिया में सोहना में करीब 70 दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया. 1 अगस्त की देर रात तक गुरुग्राम के बादशाहपुर चौक, सेक्टर-66 और सेक्टर-57 में समुदाय विशेष की दुकानों में आगजनी, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी हुई. गुरुग्राम में एक मस्जिद पर भी उपद्रवियों ने हमला कर दिया. इस हमले में मस्जिद के इमाम मौलाना साद की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
वहीं, नूंह में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान 20 लोगों को स्थानीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया. इनमें से 7 पुलिसकर्मी थे. मेडिकल कॉलेज द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक दो लोगों को गोली लगी थी.
पुलिस के मुताबिक, हिंसा से संबंधित अब तक 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और इनकी संख्या 25 तक पहुंच सकती है. वहीं, अब तक 116 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.
फिलहाल, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में सुरक्षाबलों और पुलिस की 20- 20 कंपनियां तैनात की गई हैं. वहीं, एहतियात के तौर पर धारा 144 भी लागू कर दी गई है. साथ में इलाके में 2 अगस्त तक इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं.
लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि हिंसा की शुरुआत कैसे हुई? क्या सांप्रदायिक हिंसा सुनियोजित थी? हमारी यह रिपोर्ट इन्हीं सवालों की पड़ताल करती है. देखिए.
Also Read
-
TMC MP Kirti Azad on cracks in his party, BJP in Bengal, and INDIA bloc’s future
-
Dear Cockroaches, please make Sonam Wangchuk’s sacrifice count
-
‘Deeply flawed’ spin: Editors Guild slams MEA’s defense of Modi’s press conference dodge
-
In Bengaluru and Hyderabad, BLOs point to crushing workload, physical exhaustion
-
कीर्ति आजाद: ‘बगावत सांसदों के डर और लालच का नतीजा’