NL Tippani
डंकापति की निगरानी वाया ड्रोन और सिलिंड्रेला देवी का राहुल राग
इस बार का धृतराष्ट्र दरबार सावन के उत्पाती माहौल में लगा था. लेकिन शिवभक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं थी. खुद डंकापति भी इन दिनों लगातार पूजा-पाठ में व्यस्त दिखे. डंकापति की व्यस्तता ऐसी कि खुद उनके शागिर्दोंं को बार-बार याद दिलाना पड़ रहा है कि वो कितने व्यस्त हैं. संजय के मुताबिक डंकापति की सारी व्यस्तता आर्यावर्त को महान बनाने के लिए ही है. इन दिनों खबर है कि डंकापति ड्रोन के जरिए मणिपुर की चौकस निगरानी कर रहे हैं. धृतराष्ट्र ने इसे डंकापति का ईवेंटप्रेम करार दिया.
डंकापति के एक और शागिर्द हैं. उन्होंने डंकापति की एक अनमोल सलाह से पूरे देश को अवगत करवाया. ये कहकर कि इंडिया तो ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम में भी है, इंडियन मुजाहिदीन में भी है और पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया में भी है. शागिर्द की इस छंटी हुई विद्वता पर संजय ने समझाया कि कौवा के नाम में ‘क’ है और कबूतर के नाम में भी 'क' है. इसलिए कौवा ही कबूतर है और कबूतर ही कौवा है. धृतराष्ट्र को बात पूरी समझ नहीं आई. तब संजय ने पिर से समझाया कि आर्यावर्त में बहुत से मोदी हैं. उनमें से कुछ मोदी भ्रष्ट हैं, कुछ मोदी कम भ्रष्ट हैं लेकिन कुछ कट्टर ईमानदार भी हैं. धृतराष्ट्र ने कहा पता है संजय तुम्हारे इस बयान पर तुम्हारी नागरिकता छीनी जा सकती है.
सुधीर चौधरी ने इस हफ्ते देश को ‘एसी’ चिंतन से अवगत करवाया. रूबिका लियाकत ने बताया कि प्रधानममंत्री कायर नहीं है और शहजाद पूनावाला ने बताया कि अगर मनमोहन सिंह ने पूर्वोत्तर का दौरा किया होगा, या संसद में बयान दिया होगा तो वो अपना नाम बदल देंगे. इन्हीं प्रसंगों पर इस हफ्ते की टिप्पणी.
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