NL Charcha
एनएल चर्चा 273: शहरी प्रबंधन का जानलेवा ढांचा और सवाल करने वाले ट्रोल आर्मी का निशाना क्यों?
इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय रूस में वागनर समूह का विद्रोह और फिर समझौता, पीएम मोदी का मध्यप्रदेश दौरा और समान नागरिक संहिता पर बयान, मणिपुर में दो महीने से जारी हिंसा, भीम आर्मी प्रमुख चंद्र शेखर आज़ाद पर जानलेवा हमला, उत्तर प्रदेश के कई इलाक़ों में ग्रीष्म लहर और लू की घटनाओं का बढ़ना, कर्नाटक पुलिस द्वारा बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय पर एफआईआर, टमाटर के दामों में बेहताशा बढ़ोतरी, प्रधानमंत्री से अमेरिका में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल करने वाली वॉल स्ट्रीट जर्नल की पत्रकार सबरीना सिद्धिकी की ऑनलाइन ट्रोलिंग, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का बराक ओबामा पर बयानी हमला, महानगरों में ख़राब प्रबंधन के कारण हो रही जानलेवा घटनाएं जिनमें में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक महिला की करंट लगने से मौत शामिल है, आदि रहे.
चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, प्रकाश के रे, विनीता पांडे और न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा के शुरुआत करते हुए अतुल बराक ओबामा पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की टिप्पणी का ज़िक्र करते हैं, “बराक ओबामा पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत का ये कहना है कि उन्होंने तो खुद छः मुस्लिम देशों पर बम गिराए हैं, तो भारत की प्रतिक्रिया इतनी टची (तुनकमिजाज़ जैसी) क्यों है?, आलोचना को लेकर जो कॉन्फिडेंस का भाव और सकारात्मकता होती है वह यहां पूरी तरह से लुप्त है.”
इस पर प्रकाश कहते हैं, “एक पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति, एक नोबल लॉरिएट, बेस्ट सेलर ऑथर और दुनिया भर में पॉपुलर होने के नाते उन्हें सुना जाना चाहिए. अगर सुनना ही नहीं है तो आप फिर जी20 क्यों करा रहे हो? दुनिया की सभ्यताएं ऐसे नहीं चलती.”
वे आगे कहते हैं, “मैं इस बात से भी सहमत नहीं हूं कि जो भारत के बहुत से मीडिया के लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को डिस्टर्ब करने के लिए ओबामा ने यह बात कही. यह बात ग़लत है. ओबामा जब राष्ट्रपति थे तब भी और उसके बाद भी इस तरह की बातों को बोलते रहे हैं. वे खुद भी ‘होप और चेंज’ के नारे पर आए थे.”
इसके अलावा प्रधानमंत्री से सवाल करने वाली पत्रकार की ऑनलाइन ट्रोलिंग पर भी विस्तार से बात हुई. सुनिए पूरी चर्चा-
टाइम कोड्स:
00:00:00 - 00:8:43 - इंट्रो व हैडलाइंस
00:08:45 - 00:41:20 - शहरी प्रबंधन
00:41:25 - 01:13:45 - पीएम मोदी से सवाल करने वाली पत्रकार सबरीना सिद्दीकी की ट्रोलिंग
01:13:46 - 01:36:03 - रूस में वागनर समूह का विद्रोह और समझौता
01:36:03 - जरूरी सूचना व सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
हृदयेश जोशी
नेटफ्लिक्स पर डॉक्यूमेंट्री सीरीज़- आवर प्लेनेट (सीजन 2)
प्रकाश के रे
फिल्म- अफवाह
वेब सीरीज- लस्ट स्टोरीज पार्ट 2
आनंद वर्धन
क़िताब- द आर्ट ऑफ़ डूइंग नथिंग: सिंपल वेज़ टू मेक टाइम फॉर योअरसेल्फ
द मिंट पे मनु जोसेफ का लेख- देअर इज़ ए फ्यूच़र फॉर बोरडम इन द एज़ ऑफ इमर्सिव फन
अतुल चौरसिया
पियूष बबेले की किताब: गांधी: सियासत और साम्प्रदायिकता
ट्रांस्क्राइबः तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसरः आशीष आनंद
एडिटर: समरेंद्र
Also Read
-
A flagship 2024 promise, a 99% shortfall: PM internship scheme spent nearly as much on ads as interns
-
‘This is about the future’: At Parliament march, students who came without fear
-
Lathis, tear gas and injured protesters: The ‘Chalo Sansad’ crackdown in pictures
-
Why PM Modi isn’t asking Dharmendra Pradhan to resign
-
The story of the Parliament march, told hour by hour