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पीएम मोदी भाषण तो बहुत देते हैं लेकिन प्रेस कांफ्रेंस करने से कतराते हैं: डब्ल्यूएसजे इंटरव्यू
अमेरिका की अपनी पहली राजकीय यात्रा के लिए रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) को इंटरव्यू दिया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच "अभूतपूर्व विश्वास" है.
बता दें कि संभवतः ये पहली बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी विदेशी मीडिया को साक्षात्कार दिया है.
यूं तो पीएम मोदी कई बार अमेरिका के दौरे पर जा चुके हैं लेकिन ये उनकी पहली राजकीय यात्रा होगी. 22 जून को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और पीएम मोदी के बीच मुलाकात होगी.
डब्ल्यूएसजे की रिपोर्ट में कहा गया है कि “पीएम मोदी भाषण तो खूब देते हैं पर प्रेस कांफ्रेंस या इंटरव्यू न के बराबर ही देते हैं.” गौरतलब है पीएम मोदी ने इंटरव्यू तो दिए हैं लेकिन उन पर आरोप लगता है कि वह सभी स्क्रिप्टिड होते हैं.
अखबार से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा, "भारत एक बहुत अधिक गहरी और व्यापक भूमिका का हकदार है." उन्होंने संकेत दिया कि भारत की इच्छा अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शामिल होने की भी है.
उन्होंने कहा, "भारत में इतनी बड़ी आबादी है और अर्थव्यवस्था के मामले में भी भारत का एक अहम स्थान है, लेकिन क्या यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मौजूद है?"
रिपोर्ट में कहा गया है, "कुल मिलाकर मोदी का संदेश था कि भारत का समय आ गया है, चाहे फिर बात ग्लोबल पॉलिटिक्स में इसकी भूमिका को लेकर हो या फिर विश्व अर्थव्यवस्था में इसके योगदान की."
‘सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और लोकतंत्र को खत्म करने’ के विपक्ष के आरोपों पर अखबार ने मोदी के हवाले से लिखा है, “भारत न केवल सहन करता है बल्कि अपनी विविधता का जश्न मनाता है, आप दुनिया के हर धर्म के लोगों को भारत में सद्भाव से रहते हुए पाएंगे.”
यात्रा के दौरान पीएम मोदी द्वारा भारत में हल्के लड़ाकू विमानों के लिए जेट-फाइटर इंजन के निर्माण और प्रीडेटर ड्रोन खरीदने के लिए मल्टीबिलियन डॉलर के समझौते के सौदे पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है. एक आधिकारिक बयान में, कहा था कि यह यात्रा "हमारी साझेदारी की गहराई और विविधता को समृद्ध करने का अवसर" होगी.
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