Khabar Baazi
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्टेट्समैन के पत्रकार के आरोपों की जांच के दिए निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते ईपीएफओ को स्टेट्समैन के पत्रकार के प्रोविडेंट फंड से जुडे मुद्दे पर कार्यवाही करने का आदेश दिया है.
शाहिद परवेज फिलहाल इंडियन एक्सप्रेस के लिए काम कर रहें हैं. उन्होने 1994 से 2021 तक स्टेट्समैन के लिए काम किया है. इसी साल 10 फरवरी को उन्होंने स्टेट्समैन के मैनेजिंग डायरेक्टर और ट्रस्टी के खिलाफ ईपीएफओ में याचिका दायर की है. उन्होंने स्टेट्समैन पर प्रोविडेंट फंड की बकाया राशि नहीं देने का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है.
16 मई को परवेज ने एक और यचिका दायर की. जिसमें उन्होंने स्टेट्समैन स्टेट्स प्रोविडेंट फंड रजिस्ट्रेशन को रद्द करने के मामले में जांच की गुहार लगाई है. प्रोविडेंट फंड के लिए उन्होंने कंपनी और ट्रस्टी के खिलाफ भी मुकदमा चलाने की मांग की है.
18 मई को कोर्ट ने परवेज की याचिका से जुड़े लोगों से छह हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है. इसमें ईपीएफओ, एसएसपीएफ, एसएसपीएफ ट्रस्टी रवींद्र कुमार, एसएसपीएफ के ट्रस्टी और स्टेट्समैन के संपादक शामिल हैं.
हालांकि, कोर्ट ने कहा कि वह याचिकाकर्ता की योग्यता के आधार पर कोई राय नहीं दे रही है.
शाहिद परवेज के वकील तलाह अब्दुल रहमान ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि उनकी मांग को लेकर ईपीएफओ के कानों में जूं तक नहीं रेंगती नजर आ रही है. इसके कारण याचिकाकर्ता बार-बार कोर्ट के चक्कर काटने को मजबूर हैं.
इस मामले को लेकर ईपीएफओ के आयुक्त नीलम शमी राव को न्यूज़लॉन्ड्री ने कुछ सवाल भेजे हैं. उनका जवाब आने पर खबर को अपडेट कर दिया जाएगा.
Also Read
-
‘Full enjoy bhai’: Free birds or civic nuisance? Why Indian tourists are hated worldwide
-
‘Hindu ekta khatre mein’: How TV news rewrote UGC’s equity norms
-
Only 3 meetings on Delhi’s air crisis. But guess how many air purifiers in ministry’s office
-
समता के नाम पर 'संग्राम': यूजीसी के नियमों से क्यों बरपा हंगामा
-
फर्स्टपोस्ट की मैनेजिंग एडिटर का पद छोड़ेंगी पलकी शर्मा, खुद का नया वेंचर लाने की तैयारी