Media
एग्जिट पोल्स: ज्यादातर में कांग्रेस तो दो में भाजपा की सरकार, असल नतीजों का सबको इंतजार
कर्नाटक चुनाव के लिए मतदान हो चुका है. 13 मई को आने वाले नतीजों का सभी को इंतजार है. हालांकि, नतीजों से पहले 10 एग्जिट पोल आ चुके हैं. जिनमें से चार ने कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने की भविष्यवाणी की है. एक ने भाजपा की बहुमत से सरकार बनने का दावा किया है. वहीं, पांच एग्जिट पोल जनता दल सेक्युलर को किंगमेकर की भूमिका में बता रहे हैं. बता दें कि 224 विधानसभा सीटों वाले कर्नाटक राज्य में बहुमत का आंकड़ा 113 का है. इस बार कर्नाटक में 65.65 फीसदी लोगों ने मतदान किया है.
पिछली बार की बात करें तो भाजपा 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी. वहीं, कांग्रेस के 76 और जनता दल सेक्युलर के 37 विधायकों के अलावा तीन निर्दलीय विधायक चुनकर आए थे. जिसके बाद कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर ने मिलकर सरकार बनाई थी. हालांकि, सालभर में ही यह सरकार गिर गई और भाजपा ने 17 विधायकों की मदद से सरकार बना ली.
क्या कहते हैं एग्जिट पोल?
इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया सर्वे के मुताबिक, इस बार जनता ने कांग्रेस की सरकार चुनी है. कांग्रेस को 122 से लेकर 140 तक सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, भाजपा की सीटें घटकर 62-80 तक रहने का अनुमान है. इस सर्वे में जेडीएस को 20-25 सीटें ही मिलने का अनुमान जताया गया है. सर्वे के मुताबिक कांग्रेस को 43 फीसदी तो भाजपा को 35 फीसदी वोट मिल रहे हैं.
न्यूज़ 24 - टुडेज़ चाणक्य सर्वे के मुताबिक भी कांग्रेस की ही सरकार बन रही है. यह सर्वे भी कांग्रेस को 120 तक सीटें मिलने का अनुमान जता रहा है. वहीं, भाजपा को 92 और जेडीएस को 20 तक सीटें मिलने का अनुमान इस सर्वे में जताया गया है. वोट शेयर की बात करें तो इसने कांग्रेस को 42 फीसदी और भाजपा को 39 फीसदी वोट मिलने का अनुमान जताया है.
एबीपी-सी वोटर सर्वे के मुताबिक कांग्रेस को 100 से 112 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, भाजपा 100 सीटों (83-95) तक भी नहीं पहुंच पा रही है. हालांकि, यहां जेडीएस को 21-29 तक सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है.
रिपब्लिक टीवी-पी मार्क सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाएगी. उसे 94-108 तक सीटें मिलेंगी और भाजपा भी मुश्किल से ही 100 सीटों तक जीत पाएगी. इस सर्वे में जेडीएस 24-32 तक सीटें जीतकर किंगमेकर की भूमिका में होगी.
टाइम्स नाऊ-ईटीजी सर्वे के मुताबिक, राज्य में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी. कांग्रेस यहां 106-120 सीटें जीत सकती है. वहीं, भाजपा 78 से 92 के बीच सीटें जीत सकती है. जेडी-एस के खाते में 20 से 26 सीटों का अनुमान है.
टीवी9 भारतवर्ष-पोल्सट्रैट सर्वे के मुताबिक, कर्नाटक में कांग्रेस को 99 से 109 तक सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, भाजपा को 88 से 98 तक सीटें मिलेंगी. जनता दल सेक्युलर को 21 से 26 तक सीटें मिल सकती हैं. इस सर्वे के मुताबिक राज्य में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिल रहा है.
ज़ी न्यूज़-मैट्राइज सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस को 103 से 118 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, बीजेपी 79 से 94 और जेडीएस को 25 से 33 सीटें मिल सकती हैं. इस सर्वे की मानें तो कांग्रेस को बहुमत मिलता नजर आ रहा है.
इनके अलावा दो एग्जिट पोल्स ऐसे भी हैं. जिनमें भाजपा को बहुमत और कांग्रेस को दूसरे नंबर की पार्टी बताया गया है.
न्यूज़ नेशन-सीजीएस सर्वे के मुताबिक, भाजपा को करीब 114 सीटें मिलेंगी और कांग्रेस पार्टी 86 सीटों तक सिमट जाएगी. वहीं, जनता दल सेक्युलर को 21 तक सीटें मिलने का अनुमान है.
जन की बात-एशियानेट सुवर्ण न्यूज़ सर्वे के मुताबिक भी भाजपा को बहुमत मिल रहा है और वह कर्नाटक में सरकार में वापसी कर रही है. इस सर्वे में भाजपा को 94 से 117 सीटें तक जीतने का अनुमान है. वहीं, कांग्रेस 91 से 106 तक सीटें जीत पा रही है. जनता दल सेक्युलर को यहां 14 से 24 तक सीटें मिल रही हैं.
कुल मिलाकर आठ सर्वे ऐसे हैं, जिनमें कांग्रेस सरकार बनाने की ओर बढ़ रही है. वहीं, दो सर्वे ऐसे हैं जो सत्तासीन भाजपा सरकार की वापसी का अनुमान जता रहे हैं. कांग्रेस, भाजपा और जेडीएस तीनों के लिए यह चुनाव काफी मायने रखता है. कांग्रेस की जीत जहां अगले साल होने वाले आम लोकसभा चुनावों में उसे नई ऊर्जा देगी तो भाजपा की जीत भी दक्षिण में उसके बढ़ते प्रभाव और मोदी मैजिक पर एख बार फिर मुहर लगाएगी. वहीं, जनता दल सेक्युलर का ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना उसके लिए किंगमेकर बनने में सहायक सिद्ध होगा. हालांकि, ये सिर्फ एग्जिट पोल हैं. ऐसे में असल नतीजों का सबको इंतजार है.
Also Read
-
TV Newsance 330 | Savarna khatre mein hai? Primetime hysteria over UGC’s equity rules
-
‘Full enjoy bhai’: Free birds or civic nuisance? Why Indian tourists are hated worldwide
-
‘Hindu ekta khatre mein’: How TV news rewrote UGC’s equity norms
-
UGC norms row leaves Allahabad University campus divided
-
Only 3 meetings on Delhi’s air crisis. But guess how many air purifiers in ministry’s office