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पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के खुलासों पर हिंदी के प्रमुख अखबारों की चुप्पी
हाल ही में जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने ‘द वायर’ को इंटरव्यू दिया. वरिष्ठ पत्रकार करण थापर द्वारा लिए गए इस इंटरव्यू में सत्यपाल मलिक ने पुलवामा हमले को मोदी सरकार की लापरवाही का नतीजा बताया. इंटरव्यू में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का भी जिक्र किया.
मलिक ने अपने इंटरव्यू में सीआरपीएफ और केंद्रीय गृह मंत्रालय को खासतौर से जिम्मेदार ठहराया. उल्लेखनीय है कि उस वक्त राजनाथ सिंह देश के गृह मंत्री थे. उनका दावा है कि सीआरपीएफ ने सरकार से अपने जवानों को ले जाने के लिए विमान उपलब्ध करवाने की मांग की थी, लेकिन गृह मंत्रालय ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था.
घटना के बाद शाम को मलिक ने पीएम मोदी से बात की और कहा कि जो भी हुआ इसमें हमारी लापरवाही है. अगर हम एयरक्राफ्ट दे देते तो ऐसा नहीं होता. मलिक का दावा है कि इस पर पीएम मोदी ने कहा, “तुम चुप रहो, ये कुछ और चीज है.” मलिक इस दौरान सिर्फ पीएम ही नहीं बल्कि मौजूदा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने भी उन्हें चुप रहने को कहा था. डोभाल, मलिक के क्लासमेट भी रहे हैं. तब मलिक कहते हैं कि उन्हें लग गया था कि इसकी सारी जिम्मेदारी अब ये लोग पाकिस्तान पर डालने वाले हैं.
दरअसल, 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. जिस वक्त पुलवामा हमला हुआ था उस वक्त सत्यपाल मलिक जम्मू कश्मीर के राज्यपाल थे. इस इंटरव्यू के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दल मोदी सरकार पर हमलावर हो गए हैं.
इस इंटरव्यू के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर लोग केंद्र सरकार से सवाल कर रहे हैं जबकि मेनस्ट्रीम मीडिया ने इस इंटरव्यू को नहीं दिखाया है. हमने हिंदी के कुछ अखबारों की पड़ताल की है कि आखिर इस इंटरव्यू को अखबारों ने कैसे लिया है. हमने पाया कि अखबारों ने इस खबर को लगभग सिरे से खारिज कर दिया है.
दैनिक जागरण
दैनिक जागरण अखबार ने इस खबर को दो नंबर पेज पर जगह दी है. सत्यपाल मलिक के इंटरव्यू के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जागरण ने उसी को खबर बनाया है. खबर का शीर्षक है "पुलवामा में सीआरपीएफ को केंद्र ने क्यों नहीं उपलब्ध कराए थे विमान: कांग्रेस". वहीं नीचे मोटे अक्षरों में लिखा है, पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के दावे के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, मलिक ने साक्षात्कार में दावा किया था कि केंद्र की चूक के कारण हुआ था हमला.
इस मुद्दे पर सवाल उठाने की बजाय दैनिक जागरण ने खबर में लिखा है कि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल पद से स्थानांतरित किए जाने के बाद से लगातार सनसनीखेज बयान देने वाले पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के नए बयान ने कांग्रेस को केंद्र सरकार पर हमला करने का मौका दिया है. खबर में नीचे कांग्रेस नेताओं के बयानों को जगह दी गई है.
इस खबर को ऐसे लिखा गया है जैसे सत्यपाल मलिक जम्मू कश्मीर से हटाए जाने के बाद से ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं. यानी देखा जाए तो पूरी खबर में सत्यपाल मलिक ने जो दावे किए हैं, उसे जगह नहीं दी है बल्कि कांग्रेस ने जो प्रेस कॉन्फ्रेंस की है उसे जगह दी है. साथ ही भाजपा प्रवक्ता के बयानों को तवज्जो दी है.
वहीं, इस खबर के ठीक नीचे भारतीय जनता पार्टी का बयान भी छपा है. खबर का शीर्षक है, "भाजपा ने कहा-मलिक को कोई गंभीरता से नहीं लेता, वे अविश्वसनीय बयान देते हैं"
खबर में लिखा है भाजपा ने जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक पर जोरदार पलटवार किया है. कहा- मलिक को कोई गंभीरता से नहीं लेता. वह विश्वसनीय नहीं है. बयान देकर पलट जाना उनकी आदत रही है.
खबर में भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी का बयान भी छपा है. जिसे मोटे अक्षरो में लिखा गया है- "यह राजनीति की नई गिरावट है. सत्यपाल मलिक को जब तक पद मिला, वह चुप बैठे रहे और अब अनाप-शनाप बयान देकर खबरों में रहना चाहते हैं. उनकी क्या महत्वाकांक्षा है, यह तो वही बताएंगे. लेकिन यह साफ है कि कांग्रेस उनका राजनीतिक इस्तेमाल कर खुद को खड़ा करना चाहती है.
अमर उजाला
सभी अखबारों ने अतीक अहमद और अशरफ की हत्या की खबर को प्रमुखता से छापा है. लेकिन अमर उजाला ने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के इंटरव्यू को न जगह दी है और न ही इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को जगह दी है. यही नहीं अमर उजाला ने 17 अप्रैल को भी इससे जुड़ी कोई खबर प्रकाशित नहीं की है.
हिंदुस्तान
हिंदुस्तान हिंदी ने भी पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा ‘द वायर’ को दिए गए इंटरव्यू की कोई खबर प्रकाशित नहीं की है. अखबार ने अतीक अहमद-अशरफ की हत्या और अरविंद केजरीवाल से सीबीआई की पूछताछ वाली खबर को प्रमुखता से जगह दी है. वहीं 17 अप्रैल को भी अखबार ने इस बारे में कोई खबर प्रकाशित नहीं की.
दैनिक भास्कर
हमने दैनिक भास्कर अखबार को भी सत्यपाल के मामले पर खंगालने की कोशिश की. हालांकि 16 और 17 अप्रैल, दोनों दिन के अखबारों में ही हमें यह खबर नजर नहीं आई.
जनसत्ता
इंडियन एक्सप्रेस समूह के हिंदी अखबार जनसत्ता ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. खबर का शीर्षक है, "मलिक का दावा, पुलवामा पर चुप रहने को कहा गया". वहीं सब हेड में लिखा गया है कि कांग्रेस ने सरकार से जवाब मांगा. जनसत्ता ने इस खबर को सत्यपाल मलिक की तस्वीर के साथ प्रकाशित किया है.
खबर में आगे लिखा गया है, जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक साक्षात्कार में दावा किया कि 14 फरवरी, 2019 को पुलवामा में सैनिकों पर हुए हमले के समय वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संपर्क में थे और पीएम ने उन्हें इस बारे में चुप रहने को कहा था. खबर में कांग्रेस नेता जयराम रमेश का बयान भी छापा गया है. पहले पन्ने की खबर को आठ नंबर पेज पर भी जगह दी है. जिसमें सत्यपाल मलिक के दावे और कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी है.
नवभारत टाइम्स
हमने इस खबर के लिए नवभारत टाइम्स अखबार को भी खंगाला. लेकिन 16 और 17 अप्रैल के अखबारों में सत्यपाल मलिक के खुलासों या कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस से संबंधित कोई भी खबर प्रकाशित नहीं की गई है.
नोटः हमारी पड़ताल में सभी अख़बारों के दिल्ली संस्करण शामिल किए गए हैं.
याद हो कि सत्यपाल मलिक ने इससे पहले भी किसान आंदोलन के दौरान पीएम मोदी को लेकर एक बयान दिया था. तब भी अख़बारों में इसको जगह नहीं मिली थी. न्यूज़लॉन्ड्री ने इसे तब भी रिपोर्ट किया था. जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं.
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