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एनएल चर्चा 262: बाघों की बढ़ती तादाद और विपक्ष के बदलते समीकरण
इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय पूर्व नेता और गैंगस्टर अतीक अहमद के बेटे असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत, ईडी द्वारा बीबीसी पर फेमा एक्ट में मामला दर्ज करना, कोविड के मामलों में फिर उछाल आना, कोलकाता हाईकोर्ट द्वारा हावड़ा में रामनवमी पर हुई हिंसा पर तल्ख टिप्पणी, बिहार शरीफ में रामनवमी पर हुई हिंसा में पुलिस द्वारा बजरंग दल संयोजक कुंदन कुमार की भूमिका बताना, द हिन्दू की रिपोर्ट- ग्यारहवीं कक्षा की एनसीईआरटी की किताब से भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद का उल्लेख हटाना, जम्मू कश्मीर के विलय की जानकारी हटाना, म्यांमार के एक गांव में हवाई हमले में 100 लोगों का मारा जाना, चीन द्वारा गृह मंत्री अमित शाह के अरुणाचल प्रदेश दौरा करने पर आपत्ति जताना, पीएम मोदी द्वारा प्रोजेक्ट टाइगर की पचासवीं सालगिरह पर रिपोर्ट जारी करना, जिसमें बताया गया कि भारत में बाघों की संख्या बढ़कर 3167 हो गई है, के अलावा सचिन पायलट का एक बार फिर धरने पर बैठ जाना आदि विषय रहे.
बतौर मेहमान इस चर्चा में वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष और लेखक अनीश अधेरिया, न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन और न्यूज़लॉन्ड्री के सह-संपादक शार्दूल कात्यायन जुड़े. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल अनीश से सवाल करते हैं, “देश में बाघों की संख्या को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं, वह एक अच्छी स्थिति है या इसमें अभी भी सुधर और बदलाव की ज़रुरत है?”
जिसके जवाब में अनीश कहते हैं, “भारत के अलावा 12 और देशों में बाघ पाए जाते थे. जिसमें से 4 देशों से बाघ खत्म हो चुके हैं और भारत में दुनिया भर के 75 प्रतिशत बाघ हैं. भारत एकमात्र ऐसा देश है, जहां जनसंख्या समेत गरीबी जैसी समस्याओं का सामना करते हुए देश ने एक मांसाहारी जानवर को ख़त्म होने की कगार से लेकर आज तीन हज़ार की संख्या तक पहुंचाया है. यह क़ाबिल ए तारीफ़ है.”
इसी विषय पर बात रखते हुए आनंद कहते हैं, “पिछले 50 सालों में वन्य प्रशासन में विस्तार हुआ है. 1973 में नौ टाइगर रिज़र्व थे, अभी 53 हैं यानी क्षमता में भी विस्तार हुआ है. 2018 तक जो गणना 2967 थी और अब इसमें 200 की वृद्धि हुई है. हालांकि कुछ क्षेत्रों में बाघों की संख्या में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है बल्कि गिरावट ही आई है. साथ ही यूनीक टाइगर की संख्या में भी कमी आई है. यह सभी वार्निंग सिग्नल्स भी हैं.”
शार्दूल इस विषय पर कहते हैं, “भारत में पूर्वी क्षेत्र में बाघ लगभग गायब हो गए हैं लेकिन पश्चिम भारत में स्थिति अच्छी है. इस समय देश में 15 ऐसे टाइगर रिज़र्व हैं जहां से बाघ एकदम गायब हो गए हैं. यही हाल उत्तर बंगाल से पूरे पूर्वोत्तर वन क्षेत्र का है. दंडकारण्य के वनों में बाघों की संख्या बहुत कम है जबकि 1972 में इन राज्यों में बाघों की आधी संख्या थी. सरकार और वन विभाग को इस विसंगति पर ध्यान जरूर देना चाहिए.”
टाइम कोड्स:
00:00:00 - 00:08:00 - हेडलाइंस व जरूरी सूचनाएं
00:08:00 - 01:03:10 - बाघों की संख्या में बढ़ोत्तरी
01:03:30 - 01:38:10 - आम आदमी पार्टी को मिला राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा
01:38:12 - 01:56:54 सब्सक्राइबर्स के मेल
01:56:56- सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय- क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
शार्दूल कात्यायन
रीजन डॉट कॉम की स्टोरी
बांधवगढ़ नेशनल पार्क के प्रख्यात टाइगर्स
न्यूज़लॉन्ड्री का नया पॉडकास्ट- माइंड की बात
आनंद वर्धन
स्कॉट आर. स्ट्राउड की किताब- द एवोल्यूशन ऑफ प्रैगमैटिज़्म इन इंडिया- एन इंटेलेक्चुअल बायोग्राफी ऑफ डॉ. बी.आर. अंबेडकर
शशि थरूर की किताब- आंबेडकर ए लाइफ
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट
अतुल चौरसिया
बीबीसी रेडियो पॉडकास्ट- चाइना एंड द इन्फोर्मेशन वॉर
बीबीसी रेडियो पॉडकास्ट- राइटिंग ए फर्स्ट ड्राफ्ट ऑफ हिस्ट्री
बीबीसी रेडियो पॉडकास्ट- द ग्रेट इम्पार्शियलिटी डिबेट
अनीश अधेरिया
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ट्रांसक्राइब - तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसर - चंचल गुप्ता
एडिटिंग - उमराव सिंह
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