Report
यूपी में दलित युवक के साथ हुई हिंसा की घटना का पूरा सच
उत्तर प्रदेश के मेरठ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें एक लड़के के हाथ-पैर बांधकर उसकी पिटाई की जा रही है. युवक के चेहरे पर कालिख पोती गई है. साथ ही उसे आधा गंजा किया गया है. युवक के गले में जूते-चप्पलों की माला देखी जा सकती है. इतना ही नहीं एक वीडियो में तो युवक को मल खाने के लिए भी मजबूर करते हुए देखा जा सकता है. लोग दावा कर रहे हैं कि ये वीडियो यूपी में दलितों पर हो रहे अत्याचार की बानगी भर है. जिससे कुछ लोग ये समझ रहे हैं कि ये मामला जातिगत अत्याचार का है. आइए जानते हैं कि मामले की हकीकत क्या है.
द दलित वॉयस ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “यूपी के मेरठ में एक दलित युवक लखन के हाथ-पैर पेड़ से बांधकर उसका मुंह काला किया गया और फिर भीड़ के सामने गंजा कर दिया गया. इस दौरान उनके गले में जूते-चप्पलों की माला भी डाली गई…”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “यूपी के मेरठ में जूते पॉलिश करने वाले मोची लखन के हाथ-पैर पेड़ से बांधकर उसका चेहरा काला किया गया और फिर भीड़ के सामने गंजा कर दिया गया. इस दौरान उनके गले में जूते-चपल की माला भी डाली गई.”
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को कुछ इस तरह से शेयर किया गया कि पीड़ित दलित युवक के साथ अन्य समुदाय के लोगों ने उसकी पिटाई की है. हालांकि हम यहां साफ कर देना चाहते हैं कि इस पूरे मामले में शामिल सभी लोग एक ही समुदाय के हैं.
इस पूरे मामले को जानने के लिए हमने वीडियो में दिख रहे पीड़ित लखन से बात की. 17 वर्षीय लखन दावा करते हैं कि उन्हें कुछ युवकों ने मल खिलाने और पेशाब पीने के लिए मजबूर किया. उन्हें तीन- चार दिन घर में बंधक बनाकर रखा और बेरहमी से पिटाई की. इस दौरान उनकी मूंछें काटी गईं और ब्लेड से नाक काटी गई.
लखन कहते हैं, "मेरी बहुत ज्यादा बदनामी हो गई है. अब मैं कहीं मुंह दिखाने लायक भी नहीं रहा हूं. मुझे इंसाफ चाहिए."
वायरल वीडियो और इससे संबंधित घटना पर पीड़ित लखन ने न्यूज़लॉन्ड्री से विस्तार से बात की. वे कहते हैं, 22 मार्च की रात को करीब तीन चार बजे उनके पड़ोस में ही रहने वाले कुछ युवक उनको घर से पीटते हुए उठा कर ले गए. जहां उन्हें बंधक बनाया गया और तीन चार दिनों तक लगातार अलग-अलग तरीके से उन्हें यातनाएं देते रहे.
इसके बाद वह किसी तरह से 25 फरवरी की रात को अपनी जान बचाकर वहां से भागकर गाजियाबाद अपने एक रिश्तेदार के घर पहुंचे. इसके बाद उन्होंने रिश्तेदार की मदद से मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में मामला दर्ज कराया.
जातिगत अत्याचार के सवाल पर लखन कहते हैं कि जिन्होंने उसकी पिटाई की है, वे लोग भी दलित ही है और रिश्तेदार हैं.
ऐसा क्यों किया गया, इस सवाल पर वह कहते हैं, “ये लोग पहले से ही हमसे रंजिश रखते हैं. मुझ पर आरोप लगाया है कि मैं लड़की के साथ सोया हूं. जबकि ये हमारे रिश्तेदार हैं. जो लड़की मुझ पर आरोप लगा रही है वह मुझे चाचा कहती है. इनके घर हमारा आना जाना था क्योंकि ये हमारी बिरादरी के हैं और रिश्तेदार भी हैं.”
बता दें कि मूल रूप से राजस्थान के चुरू जिला निवासी लखन 8-9 महीने पहले से मेरठ में अपनी बहन, जीजा के घर रहकर मोची का काम कर रहे हैं. उनके जीजा भी इसी काम को करते हैं. लखन दलित हैं और सांसी समुदाय से आते हैं. यह सभी लोग मेरठ की मंगतराम झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं.
अब तक क्या हुई कार्रवाई
लखन से मारपीट के मामले में पुलिस ने छह लोगों पर एफआईआर दर्ज की है. इनमें रवि, सुनीता, भगवती, सोनू, आरती और कश्मीरा शामिल हैं. इन सब पर आईपीसी की धारा 147, 342, 323, 504, 355 और 506 के तहत कार्रवाई की गई है.
ब्रह्मपुरी थाना के मौजूदा थाना इंचार्ज राजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने चार आरोपियों को मेरठ की मंगतपुरम झुग्गी झोपड़ी, दिल्ली रोड से 28 फरवरी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार होने वाले लोगों ने लखन पर लड़की से छेड़खानी का आरोप लगाया है. हालांकि, इन उन्होंने पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी है. इसीलिए अभी लखन के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.
एसएचओ बताते हैं, “पीड़ित लखन एक वकील के साथ पुलिस कप्तान के पास गया था. इसके बाद 27 मार्च को मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई. जबकि लखन से मारपीट 22 मार्च को हुई थी. फिलहाल, इस मामले में दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा.”
क्या हैं लखन पर आरोप
वहीं लखन को क्यों पीटा और उसके साथ ऐसा सलूक क्यों किया गया, इस पर 14 वर्षीय पूजा (बदला नाम) कहती हैं कि वह अपनी दादी और चाची साथ घर में सो रही थी. रात में लखन आया और उसकी रजाई में जबरदस्ती घुस गया. लखन उसके साथ गलत काम करने की कोशिश करने लगा. इसके बाद उसने चिल्लाने की कोशिश की तो लखन ने उसका मुंह दबा लिया.
वह आगे कहती हैं, “लखन की इस जबरदस्ती के दौरान मैंने पास में ही सो रही चाची को लात मारी. इसके बाद सब जाग गए और फिर हल्ला हो गया. ऐसे में वे लखन को मारते-पीटते नहीं तो क्या करते.”
लड़की यह भी बताती हैं कि लखन रिश्ते में उसका चाचा लगता है. वह उसे आते-जाते वक्त टोका करता था. हालांकि, ये बात उसने परिजनों को कभी नहीं बताई, क्योंकि वह रिश्तेदारों के बीच झगड़ा नहीं चाहती थी.
वायरल वीडियो पर पूजा कहती हैं, कि वो तो हमारे यहां रिवाज है. राजस्थान के एक गांव से पंडित बंडू आया और उसने लखन के बाल काटे. लड़की के मुताबिक परिवार में से किसी ने भी लखन के बाल नहीं काटे.
वह कहती हैं, “मैं बहुत छोटी हूं और मेरी उम्र भी ज्यादा नहीं है, इसलिए मुझे ज्यादा समझ नहीं है कि मेरे साथ क्या हुआ, क्योंकि मेरे अंदर इतना दिमाग भी नहीं है”
इस पर एसएसपी रोहित सिंह सजवान कहते हैं कि लखन से मारपीट करने और उस पर अत्याचार करने का वायरल वीडियो जब उनकी जानकारी में आया तो उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए. जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ. फिलहाल, केस दर्ज कर जांच की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है.
Also Read
-
Only 1,468 voters restored for Bengal’s final phase rolls. Poll duty staff among the excluded
-
LaLiT Hotel ducked crores in dues. Justice Varma granted it relief but HC tore up his order
-
From rights to red tape: India's transgender law amendment
-
बंगाल में माछखोर, मणिपुर पर मौन मोदी और राघव चड्ढा
-
‘Bend it like Modi!’ Forget Messi and Ronaldo. We have a ‘Made in India’ GOAT