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प्रिया सिंह बॉडी बिल्डर: “जहां मेरा बचपन शुरू होना था वहां खत्म हो गया”
राजस्थान के बीकानेर जिले की रहने वाली प्रिया सिंह मेघवाल ने हाल ही में थाईलैंड के पटाया में आयोजित हुई 39वीं अंतर्राष्ट्रीय महिला बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता है. इससे पहले प्रिया सिंह ने 2018, 2019 व 2020 में तीन बार मिस राजस्थान, और एक बार अंतर्राष्ट्रीय खिताब भी अपने नाम किया है.
सिंह की इस सफलता पर उन्हें काफी तारीफ मिली लेकिन उनका जीवन आसान नहीं रहा. दलित परिवार में जन्मी सिंह की शादी महज 8 साल साल की उम्र में हो गई थी. वहीं 15 साल की उम्र तक आते-आते वह दो बच्चों की मां बन चुकी थीं.
वे न्यूज़लॉन्ड्री से बात करते हुए कहती हैं, “जहां मेरा बचपन शुरू होना था वहां खत्म हो गया. मैं दो बच्चों की मां बन चुकी थी.”
आर्थिक तंगी और प्रिया का रिश्ता बचपन से परछाई की तरह उनके साथ रहा. उनके पिता ट्रक ड्राइवर थे और उनके लिए भरण पोषण करना भी मुश्किल था.
बॉडी बिल्डर कैसे बनीं? इस सवाल पर वह कहती हैं, “मेरी हाइट और पर्सनालिटी अच्छी थी, जसको देखकर लोगों ने मुझे जिम ट्रेनर बनने का सुझाव दिया. फिर मैं जिम ट्रेनर बन गई. वहां कुछ लोगों ने मुझे बॉडी बिल्डिंग का सुझाव दिया और नतीजा ये मेडल है जो आपके सामने है.”
“कुछ समय के लिए परिवार को भूल गई थी कि मेरा परिवार भी है, क्योंकि मुझे पैसों की बहुत जरूरत थी. घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए मुझे लगता है कि जिंदगी कोल्हू का बैल हो गई थी. बहुत ताने सुने, साथ वालों ने साथ छोड़ दिया था, लेकिन खुद से कभी नहीं लगा कि मैं गलत हूं. आज वही लोग सोशल मीडिया पर मेरे साथ फोटो लगाने के लिए कहते हैं.” उन्होंने कहा.
अब सब कुछ बदल गया है.
वह कहती हैं, “आज लोग मुझे नहीं मेरे स्ट्रगल को सलाम करते हैं. 100-100 रुपए के लिए मैंने खेतों में काम किया है. सुबह चार बजे उठकर रात को नौ- नौ बजे तक घर आई हूं. मैंने बकरी चराई, फसल काटी, पानी ढोया. ऐसा कोई काम नहीं है जो नहीं किया. हमारे यहां कल्चर है कि बहू घूंघट में आती है और घूंघट में ही मर जाती है. लेकिन मजबूरी ने बहुत कुछ सिखा दिया है.”
क्या दलित परिवार से आने के चलते आपको भेदभाव का भी सामना करना पड़ा? जवाब में वह कहती हैं, “जब हवा चलती है तो लोग उसकी चपेट में आ ही जाते हैं, तो वैसे ही मैं भी आ गई. लोग मेरी सफलता को नहीं पचा पा रहे हैं. लोग कहते हैं कि मैं जातिवाद को सामने लाई हूं, जबकि लोगों को अब पता चला है कि प्रिया सिंह किस समाज से है, जब मेरे समाज वालों ने मुझे सिर पर बैठाया. तो इसमें जातिवाद कहां से आ गया?”
प्रिया ने अपने करियर, सही डाइट और जातिवाद पर खुल कर अपनी बात रखी. इसके अलावा अपने ऊपर लगे आरोपों के बारे में भी उन्होंने विस्तार से बताया.
देखिए पूरा इंटरव्यू-
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