Khabar Baazi
एनडीटीवी की प्रमोटर कंपनी आरआरपीआर ने अडानी समूह के वीसीपीएल को शेयर ट्रांसफर किए
नई दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (एनडीटीवी) की प्रमोटर कंपनी आरआरपीआर ने बताया कि उसने अडानी ग्रुप के विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (वीसीपीएल) को 99.9 प्रतिशत शेयर ट्रांसफर कर दिए हैं.
स्टॉक एक्सचेंज में भेजी गई जानकारी के मुताबिक आरआरपीआर ने यह ट्रांसफर सोमवार को किया और इसकी प्रक्रिया पूरे होते ही अडानी समूह को एनडीटीवी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी मिल जाएगी. इसके अलावा समूह ने एनडीटीवी में 26 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के लिए ओपन ऑफर रखा है.
इसी साल अगस्त के महीने में, अडानी ग्रुप के स्वामित्व वाले वीसीपीएल ने शेयर ट्रांसफर करने को लेकर एक वांरट जारी किया था. लेकिन सेबी द्वारा राधिका व प्रणय रॉय पर स्टॉक एक्सचेंज गतिविशियों में भाग लेने पर दो साल तक रोक लगी होने के कारण यह शेयर ट्रांसफर नहीं हुए थे. रोक की यह मियाद 26 नवंबर को खत्म हुई और 28 नवंबर को आरआरपीआर ने वीसीपीएल को यह शेयर ट्रांसफर कर दिए.
यह ओपन ऑफर 22 नवंबर से जारी होकर 5 दिसंबर तक रहेगा. इस प्रस्ताव में अडानी समूह ने 294 प्रति शेयर की पेशकश की है.
बता दें कि 2009 में राधिका और प्रणय रॉय ने आरआरपीआर की ओर से वीसीपीएल से 403.85 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त लोन लिया था. इसके तहत उन्होंने वीसीपीएल को अधिकार दिया था कि कम्पनी चाहे तो आरआरपीआर के 99.99 प्रतिशत शेयरों का मालिकाना हक ले सकती है.
आरआरपीआर, रॉय दंपत्ति के नामों के पहले अक्षर (राधिका रॉय-प्रणव रॉय), 29.18 प्रतिशत शेयरों के साथ एनडीटीवी की सबसे बड़ी शेयरधारक है. इसमें राधिका रॉय के पास 16.32 फीसदी और प्रणय रॉय के पास 15.94 फीसदी शेयर हैं. रॉय दंपत्ति और आरआरपीआर मिलकर एनडीटीवी का प्रमोटर ग्रुप बनाते हैं. कुल मिलाकर इस प्रमोटर ग्रुप के पास कंपनी के 61.45 प्रतिशत शेयर थे.
Also Read
-
Operation Sindoor: One year on, Poonch has a plaque for its dead, few bunkers for its living
-
4 states and a UT: Decoding the verdict from West Bengal to Tamil Nadu
-
Can BJP govern Bengal without becoming its old political order?
-
‘Suspended for speaking up’: Hansraj College’s crackdown leaves 1 student still fighting
-
Saffron ink: How Bengal’s newspapers covered – and coloured – the BJP’s win