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दिल्ली एमसीडी चुनाव: क्या कूड़े की समस्या एक मुद्दा है?
दिल्ली नगर निगम के चुनावों में आम आदमी पार्टी दिल्ली में कूड़े के निस्तारण को लेकर मैदान में उतरी है. चुनावों की घोषणा के बाद से ही पार्टी के शीर्ष नेताओं ने दिल्ली में कूड़े के तीन पहाड़ों - भलस्वा, गाजीपुर और ओखला - को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है.
हालांकि पिछले 15 सालों से एमसीडी में काबिज भाजपा को लेकर जमीन पर कोई खास रोष नजर नहीं आता. न्यूज़लॉन्ड्री ने पूर्वी दिल्ली में लक्ष्मी नगर और उत्तरी दिल्ली के रोहिणी इलाके में लोगों से बातचीत की. यहां लोगों का सामना लक्ष्मी नगर में बंद पड़ी नालियों और कूड़े के ढेर से होता तो जरूर है, लेकिन स्थानीय निवासी मुख्यमंत्री केजरीवाल के आश्वासनों से संतुष्ट नहीं दिखाई पड़ते.
लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए ‘आप’ ने 20 नवंबर तक बूथ स्तर पर "कूड़े पर चर्चा" नाम से कार्यक्रमों का आयोजन किया है. इनका उद्देश्य कूड़े को लेकर कर्मचारियों और आम जनता, दोनों को जागरूक करना है. लक्ष्मी नगर में ललिता पार्क वार्ड में हमने आप पार्टी की उम्मीदवार मेहनाज वकार चौधरी से बात की. अपनी पार्टी की तर्ज पर ही वह सवाल उठाती हैं कि आखिर दिल्ली साफ-सफाई के मामले में अमेरिका, फ्रांस और जापान जैसे अन्य देशों से पीछे कैसे रह सकती है.
रोहिणी इलाके में जहां एक ओर रिहाइशी सोसाइटी के अंदर साफ-सफाई है, वहीं दूसरी ओर लोग सड़कों पर कूड़ा फेंके जाने से परेशान हैं. एक मॉडल वार्ड कहे जाने वाले रोहिणी में, 2018 में दिल्ली एमसीडी द्वारा कूड़े के निस्तारण को लेकर यन्त्र लगाया गया था. लेकिन फिर भी पार्कों के बाहर की गंदगी कुछ और ही बयान करती है.
इस मुद्दे पर लोगों की राय जानने के लिए देखिए ये ग्राउंड रिपोर्ट.
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