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दिल्ली हाईकोर्ट ने बिजनेस मैगजीन को ओयो के खिलाफ खबर हटाने का दिया निर्देश
दिल्ली हाई कोर्ट ने बिजनेस मैगजीन इनवेंटिवा को ओयो के खिलाफ उसके द्वारा प्रकाशित छह 'अपमानजनक' लेखों को हटाने का निर्देश दिया है.
जस्टिस मिनी पुष्कर्ण ने नाइन नेटवर्क के स्वामित्व वाली इस वेबसाइट को ओयो के खिलाफ किसी भी तरह के झूठे, अपमानजनक, और गलत जानकारी देने या लेख प्रकाशित और प्रसारित करने से रोक दिया है.
आपको बता दे कि इस साल और 2019 में ओयो के खिलाफ करीब छह लेख प्रकाशित किए गए थे. जिनमें कम्पनी पर मनी लॉन्ड्रिंग और बाकी घोटालों का आरोप लगाया गया था.
ओयो रूम्स को चलाने वाली कंपनी ऑरवेल स्टेयस लिमिटेड (ओएसएल) के द्वारा नाइन नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और बाकी कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि बिजनेस मैगजीन इनवेंटिवा ओयो के खिलाफ गलत प्रचार कर रही है. हमारी कंपनी और संस्थापक के सम्मान को नुकसान पहुचाने के इरादे से झूठे, अपमानजनक और गलत लेख प्रकाशित किए जा रहे हैं. ये लेख इन वेबसाइट पर आराम से मिल जाएंगे.
अपने ऊपर लगे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का खंडन करते हुए ओयो ने कोर्ट को बताया कि उनके खिलाफ कोई भी ऐसे मामले लंबित नहीं हैं. और न ही टेक्स चोरी करने का कोई मामला दर्ज है.
ओयो ने आरोप लगाते हुए कहा कि वेबसाइट ने ऐसे विवादस्पद लेखों का इस्तेमाल इसलिए किया है ताकि अपने दर्शकों की संख्या को बढ़ा सके और इससे उसे फायदा हो. इसी वजह से डिफेंडेन्ट कंपनी ने इस तरह के लेखों का सहारा लिया है.
कोर्ट ने इस पूरे मामले पर दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि न्यायालय आरोप लगाने वाली कंपनी के कर्मचारियों, एजेंटों, प्रतिनिधियों और बाकी सभी लोगों को ओयो के खिलाफ किसी भी तरह की अपमानजनक, झूठे और गलत जानकारी के लेखों को प्रकाशित करने से रोकता है.
इसके साथ ही कोर्ट ने आरोप लगाने वाली कंपनियों के खिलाफ नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है.
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