Saransh
पीएफआई की शुरुआत से लेकर प्रतिबंध तक की पूरी कहानी
लंबे समय से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई जांच एजेंसियों की रडार पर था. फिलहाल इस संगठन पर पांच सालों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है. प्रतिबंध से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने संगठन के कई ठिकानों और इससे जुड़ों लोगों के यहां छापेमारी की. केंद्र सरकार का कहना है कि पीएफआई का संबंध आतंकी संगठनों से है. यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गया था.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अलग-अलग राज्यों में पीएफआई के मौजूद ठिकानों पर कई दिनों तक छापेमारी की गई, साथ ही संगठन के महासचिव अनीस अहमद सहित बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार भी किया गया.
एनएल सारांश में हम बात करेंगे कि पीएफआई क्या है? इस संगठन पर क्या आरोप हैं और इसे क्यों बैन किया गया? साथ ही जानेंगे कि सरकार पीएफआई को लेकर क्या कहती है और पीएफआई का पक्ष क्या है?
देखिए पूरा वीडियो-
Also Read
-
From ‘Godi media’ taunts to assault: The reporters caught in Jantar Mantar’s anger
-
‘Told my father to quit police job’: Inside Ram Manohar Lohia Hospital after the Parliament march
-
The story of the Parliament march, told hour by hour
-
A flagship 2024 promise, a 99% shortfall: PM internship scheme spent nearly as much on ads as interns
-
CJP protest and how Delhi Police broke the law