Saransh
पीएफआई की शुरुआत से लेकर प्रतिबंध तक की पूरी कहानी
लंबे समय से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई जांच एजेंसियों की रडार पर था. फिलहाल इस संगठन पर पांच सालों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है. प्रतिबंध से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने संगठन के कई ठिकानों और इससे जुड़ों लोगों के यहां छापेमारी की. केंद्र सरकार का कहना है कि पीएफआई का संबंध आतंकी संगठनों से है. यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गया था.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अलग-अलग राज्यों में पीएफआई के मौजूद ठिकानों पर कई दिनों तक छापेमारी की गई, साथ ही संगठन के महासचिव अनीस अहमद सहित बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार भी किया गया.
एनएल सारांश में हम बात करेंगे कि पीएफआई क्या है? इस संगठन पर क्या आरोप हैं और इसे क्यों बैन किया गया? साथ ही जानेंगे कि सरकार पीएफआई को लेकर क्या कहती है और पीएफआई का पक्ष क्या है?
देखिए पूरा वीडियो-
Also Read
-
Dalit woman murdered, daughter abducted: Silence and tension grip Rajput-majority Kapsad
-
TV Newsance 327 | New Year, old script: ‘Tukde Tukde’ returns
-
Get your Milton Friedman and Ayn Rand right: Zomato and Blinkit aren’t capitalism
-
Why Umar Khalid is still in jail
-
South Central 57: Chandrababu Naidu’s RSS shift and the Kochi Biennale controversy