Report
भारत ने विकिपीडिया को अर्शदीप की जानकारी को लेकर ‘समन’ नहीं किया, केवल 24 घंटे के भीतर जानकारी मांगी
इकोनॉमिक टाइम्स की सोमवार को छपी एक रिपोर्ट से उलट, भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने विकिपीडिया के किसी भी अधिकारी को विकिपीडिया पर पृष्ठों से छेड़छाड़ को लेकर "समन" नहीं किया है.
इसके बजाय, मंत्रालय ने विकिमीडिया फाउंडेशन से भारतीय क्रिकेटर अर्शदीप सिंह और इसी नाम के एक भारतीय फुटबॉलर से संबंधित विकिपीडिया पृष्ठों से हुई छेड़छाड़ पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए कहा है. न्यूज़लॉन्ड्री को पता चला है कि यह जानकारी 24 घंटे के भीतर प्रदान करने के लिए कहा गया है.
मंत्रालय के साइबर कानून प्रभाग के ग्रुप समन्वयक दीपक गोयल ने, मंत्रालय के कानूनी निदेशक (शासन व जोखिम) जैकब रोजर्स और वरिष्ठ अधिवक्ता (शासन और जोखिम) कबीर सिंह चौधरी को सोमवार शाम 6.52 बजे, इकोनॉमिक टाइम्स के द्वारा इस कहानी को प्रकाशित करने के सात घंटे बाद यह ईमेल भेजी थी.
यह ईमेल सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 की धारा 3(1)(बी) और 3(1)(डी) के तहत भेजी गई थी. जो किसी भी मध्यस्थ संस्था को अवैध, या भारत की संप्रभुता और अखंडता या अन्य मामलों में खतरा बन सकने वाली जानकारी को होस्ट करने, संग्रहित करने या प्रकाशित करने से रोकता है.
क्या थी घटना?
रविवार को पाकिस्तान से भारत की हार के बाद सोशल मीडिया पर आक्रोश की हदें पार हो गईं जब ट्विटर पर लोगों ने भारत के 23 साल के गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर खालिस्तानी और राष्ट्र-विरोधी होने के आरोप लगाने शुरू कर दिए. बता दें कि अर्शदीप से 18वें ओवर में एक कैच छूट गया था.
मैच खत्म होने के घंटे भर बाद हालात और खराब हो गए जब किसी ने अर्शदीप के विकिपीडिया पेज से छेड़छाड़ की और उनका नाम बदलकर "मेजर अर्शदीप सिंह लंगड़ा" कर दिया. संपादित जानकारी में उन्हें "एक खालिस्तानी क्रिकेटर" बताया गया, जिसे "खालिस्तान के दस्ते में नामित किया गया था." वह जिस राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हैं उसे बदलकर "खालिस्तान पंजाब" कर दिया गया था.
जानकारी को संपादित करने वाले की जानकारी उसके आईपी एड्रेस (39.41.171.125) से मालूम हुई, जिससे अंदेशा होता है कि यह यूजर पाकिस्तान से था. इस आईपी एड्रेस या इंटरनेट के पते की WHOIS प्रविष्टि पाकिस्तान में रावलपिंडी का पता बताती है, जहां इंटरनेट कनेक्शन पाकिस्तान दूरसंचार कंपनी लिमिटेड (पीटीसीएल) नाम की एक निजी पाकिस्तानी टेलीकॉम कंपनी द्वारा दिए जाते हैं. WhatIsMyIPAddress नाम की सेवा इस यूजर को रावलपिंडी से लगभग 90 किमी दूर पाकिस्तान के शहर मुरी में बताती है और इस कनेक्शन की आईएसपी, यानी इंटरनेट उपलब्ध करने वाली कंपनी, पीटीसीएल ही है.
यह माना जा रहा है कि सोमवार शाम को भेजी गई ईमेल में, आईटी मंत्रालय ने दक्षिणपंथी फैक्ट चेकिंग वेबसाइट ओनलीफैक्ट के संस्थापक विजय पटेल के इस ट्वीट का हवाला दिया. सुबह यही ट्वीट मंत्रालय के सचिव अल्केश कुमार शर्मा के संज्ञान में आया.
सोमवार को ईटी की रिपोर्ट के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी इस बारे में ट्वीट किया, और कहा कि भारत में काम कर रहा कोई भी मध्यस्थ “इस प्रकार की गलत सूचना की अनुमति नहीं दे सकता.”
उसी दिन बाद में, माना जा रहा है कि मंत्रालय को यह भी पता चला कि गोवा के एक गोलकीपर अर्शदीप सिंह के विकिपीडिया पेज को भी सोमवार दोपहर 2.28 बजे छेड़छाड़ करके बदल दिया गया था. 1997 में जन्मे इस फुटबॉल खिलाड़ी का जन्म स्थान बदलकर "चंडीगढ़, खालिस्तान" कर दिया गया.
लेकिन जिस यूजर ने आईपी एड्रेस 2409:4055:2dcf:68ac:edc9:f4e1:9269:2c87 से ये बदलाव किए, वह भारत के बाहर से है और उसकी आईएसपी, रिलायंस जिओ है. एक रोचक बात यह है कि इस यूजर की जगह का विवरण, मंत्रालय ने विकिमीडिया फाउंडेशन को भेजी अपनी ईमेल में नहीं किया है. इस यूजर ने अर्शदीप सिंह नाम के एक और भारतीय फुटबॉलर, जिनका जन्म 1994 में हुआ है, के विकिपीडिया पेज की जानकारी से छेड़छाड़ की और उनका जन्म स्थान भी बदलकर "चंडीगढ़, खालिस्तान" कर दिया. हालांकि आईटी मंत्रालय ने अपनी ईमेल में इसका कोई जिक्र नहीं किया है.
यही यूजर पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के विकिपीडिया पेज पर भी गया, जहां उसने हरभजन के जन्म स्थान को बदलकर “जालंधर, पंजाब, खालिस्तान” कर दिया. ईमेल में इस छेड़छाड़ का उल्लेख भी नहीं किया गया था.
क्रिकेटर अर्शदीप, दोनों फुटबॉल खिलाड़ी और हरभजन सिंह, इन सभी के पेज अब ठीक कर दिए गए हैं. दिलचस्प बात यह है कि भारतीय समयानुसार रात 8.08 बजे, क्रिकेटर अर्शदीप सिंह के पेज पर हुए 16 संशोधनों को सार्वजनिक आर्काइव से हटा दिया गया था, और अब वे छिपे हुए हैं (यहां देख सकते हैं). इन सबको सार्वजनिक उपलब्ध जानकारी से हटाने की वजह इस जानकारी का "बेहद तिरस्कारी, अपमानजनक या आपत्तिजनक होना है, जिसका विश्वकोश में कोई मूल्य या परियोजना में उपयोग नहीं है." एक और वजह जीवित लोगों की जीवनी पर विकिपीडिया की नीति का उल्लंघन करना बताई गई है.
जगह से जुड़ी जानकारी कितनी भरोसे लायक है?
रोहिणी लक्षणे 14 वर्षों से अधिक समय से विकिपीडिया की एक स्वयंसेवी संपादक हैं. उन्होंने हमारी इस जानकारी को बेहतर ढंग से समझने में मदद की.
उसने समझाया कि जानकारी से ऐसी अराजक छेड़छाड़ "विघटनकारी" होती है, इसे "आवश्यक प्रमाणकों से पुष्ट नहीं किया जाता”, और “इसमें सत्यापित जानकारी नहीं होती है." इस मामले में, सुबह 12:53 बजे यानी आधे घंटे के भीतर, अर्शदीप सिंह के पेज पर किए गए सभी "अराजक संपादनों" को अमेरिका के एक अन्य उपयोगकर्ता द्वारा ठीक कर दिया गया था. यह विकिपीडिया पृष्ठ अब पूरी तरह से सुधार दिया गया है.
क्या यह मुमकिन है कि आईपी एड्रेस या जगह गलत भेजी जा रही हो?
वे बताती हैं, "अपंजीकृत खातों के मामले में संपादकों के आईपी एड्रेस लॉग किए जाते हैं. स्थान गलत नहीं है; आईपी एड्रेस गलत हो भी सकता है और नहीं भी.”
रोहिणी कहती हैं, "'दुरुपयोग को रोकने के लिए' ही अनगिनत खुली या अज्ञात प्रॉक्सी, ज़ोंबी प्रॉक्सी, वीपीएन, लोकेशन वेब होस्ट व अन्य वेब होस्ट के आईपी एड्रेस से, अंग्रेजी विकिपीडिया को संपादित करने पर प्रतिबंध है. इसलिए, अगर यह एक नकली आईपी, टॉर नोड या वीपीएन है, तो यह कुछ ऐसा है जिसे अभी तक अंग्रेजी विकिपीडिया के अवरोधकों द्वारा सूचीबद्ध नहीं किया गया है और इसलिए इसका पता नहीं चल पाया होगा.”
यह पूछने पर कि क्या ऐसी कोई संभावना है कि यही ख़ास "छेड़छाड़ करने वाला" अंग्रेजी विकिपीडिया के अवरोधकों से बच गया हो? उन्होंने कहा कि वे इस बारे में कोई संकेत नहीं दे सकतीं, लेकिन "विकिपीडिया पर ब्लॉक आईपी एड्रेस की सूचियां निरंतर अपडेट की जाती हैं."
दिक्कत क्या है?
साफ शब्दों में कहें तो, सवाल है कि विकिमीडिया फाउंडेशन को इसके स्वयंसेवकों द्वारा ऑनलाइन विश्वकोश में जोड़ी गई सामग्री के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है या नहीं? ऐसा लगता है कि राजीव चंद्रशेखर की नजर में फाउंडेशन को थोड़ी जिम्मेदारी लेनी चाहिए, या कम से कम तत्काल कार्रवाई तो करनी ही चाहिए.
2007 में फ्रांस की एक अदालत ने फैसला सुनाया था कि विकिमीडिया फाउंडेशन, अपने विकिपीडिया पृष्ठों पर यूजर्स द्वारा जोड़ी गई सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
यह एक बड़ी समस्या है जो केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए परेशानी का सबब है. क्या एक मध्यस्थ - यानी इंटरनेट पर मौजूद एक इकाई जो कोई सामग्री खुद नहीं बनाती - को उस सामग्री के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिसे उसे इस्तेमाल करने वाले अपलोड करते हैं? इसका संक्षिप्त उत्तर है, नहीं. यही कारण है कि बिचौलियों के पास सेफ हारबर नाम का संरक्षण है, जो उन्हें अपने उपयोग करने वालों द्वारा अपलोड की गई सामग्री के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं ठहराता. आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने वाले उपयोगकर्ता को ही उसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है. इस परिस्थिति का अपवाद केवल तब है, जब किसी उचित अधिकारी द्वारा मध्यस्थ संस्था को अवैध सामग्री के बारे में सूचित कर दिया जाता है.
पिछले साल स्थिति गड़बड़ा गई जब भारत सरकार ने निर्धारित किया कि भारत में 50 लाख से अधिक यूजर वाले वाले सभी सोशल मीडिया मध्यस्थों (जो मध्यस्थों का एक विशेष वर्ग है), को भी एक मुख्य अनुपालन अधिकारी, एक नोडल संपर्क व्यक्ति और एक रेजिडेंट शिकायत अधिकारी नियुक्त करना होगा - जो उनकी ओर से भारत सरकार के संपर्क में रहेगा. ये सभी भारत के निवासी होने चाहिए.
इस मामले में, यह समझा जा रहा है कि आईटी मंत्रालय के लिए विकिपीडिया एक सोशल मीडिया मध्यस्थ नहीं है, और इसलिए उस पर इस निर्देश के अनुपालन का दबाव कहीं कम है.
इस साल की शुरुआत में, मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 में संशोधन का भी प्रस्ताव रखा. प्रस्तावित संशोधनों में शिकायतों पर एक अपील समिति का गठन शामिल है, लेकिन इसकी संरचना फिलहाल निर्धारित नहीं हुई है.
विकिमीडिया फाउंडेशन क्या कहती है?
न्यूज़लॉन्ड्री को दिए एक बयान में विकिमीडिया फाउंडेशन के एक प्रवक्ता ने माना कि मंत्रालय ने फाउंडेशन को इस छेड़छाड़ से अवगत कराया, साथ ही यह भी कहा कि क्रिकेटर अर्शदीप सिंह से संबंधित लेख अब "अर्ध-संरक्षित" है, यानी इसमें केवल एक विश्वस्त यूजर ही बदलाव कर सकता है.
विकिपीडिया का पूरी दुनिया में कहीं भी, कोई कर्मचारी या अधिकारी नहीं है. इसकी मूल संस्था विकिमीडिया फाउंडेशन अपने कर्मचारी रखती है. फाउंडेशन का मुख्यालय अमेरिका में है और इसके सभी अधिकारी भी वहीं रहते हैं. विकिपीडिया के स्वयंसेवक दुनिया भर में फैले हुए हैं. फाउंडेशन ने अलग-अलग देशों में विभिन्न स्वयंसेवी अध्यायों को मान्यता दी है. विकिमीडिया इंडिया को 2010 में एक अध्याय के रूप में मान्यता दी गई थी, लेकिन सितंबर 2019 में इसकी मान्यता रद्द कर दी गई.
ऐसा समझा जाता है कि फाउंडेशन अपनी किसी भी जानकारी वेबसाइट जैसे विकिपीडिया, विक्षनरी इत्यादि के लिए संपादकीय नीतियां निर्धारित नहीं करती है.
दिसंबर 2019 में आईटी नियमों को नोटिफाई किए जाने से पहले, फाउंडेशन ने तत्कालीन आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद को एक पत्र लिखकर कहा था कि उस समय प्रस्तावित नियमों से "भारतीयों की ऑनलाइन ज्ञान पर पहुंच और भागीदारी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा." पत्र में उस समय कहा गया था कि किसी जानकारी को हटाने हेतु तेजी से काम करने के लिए आटोमेटिक प्रणालियों का उपयोग करना होगा, जो "लोगों की साथ-साथ एक दूसरे का सहयोग करने की क्षमता में अड़चन डालेगा."
पत्र में यह भी कहा गया था कि एक नॉन-प्रॉफिट पर, स्थानीय निगमन की आवश्यकताओं, नए कर्मचारियों व प्रौद्योगिकी में निवेश, "एक वैश्विक गैर-लाभकारी संस्थान के लिए एक अवास्तविक बोझ" होगा.
फाउंडेशन का न्यूज़लॉन्ड्री को दिया पूर्ण वक्तव्य
“विकिमीडिया फाउंडेशन, यूएस-आधारित गैर-लाभकारी संस्था, जो विकिपीडिया को संचालित करती है, को भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा भारतीय क्रिकेटर अर्शदीप सिंह के विकिपीडिया पेज पर हुई छेड़छाड़ से अवगत कराया गया है. 4 सितंबर को क्रिकेटर के विकिपीडिया पेज से छेड़छाड़ कर झूठे दावे डाले गए, हालांकि विकिपीडिया के स्वयंसेवी समुदाय द्वारा कुछ ही मिनटों में इन गलत जानकारियों को हटा दिया गया था. फिलहाल अंग्रेजी विकिपीडिया पर यह लेख अर्ध-संरक्षित है (जो केवल एक विश्वस्त यूजर को ही संपादन की अनुमति देता है), जिससे पेज से और छेड़छाड़ न की जा सके.
"विकिपीडिया एक स्वयंसेवकों के द्वारा चलने वाला मंच है, जिसमें दुनिया भर से 295,000 से ज्यादा लोग योगदान देते हैं, जिनमें भारत के 60,000 से अधिक स्वयंसेवक शामिल हैं. विकिमीडिया फाउंडेशन आमतौर पर विकिपीडिया पर संपादकीय नीति निर्धारित नहीं करती है.
अर्थात्, हम विकिपीडिया पर कौन सी सामग्री शामिल है या उस सामग्री को कैसे व्यवस्थित किया जाता है, इसे लिखते, संपादित या निर्धारित नहीं करते हैं. इसके बजाय संपादकीय नीति हमारे वैश्विक स्वयंसेवकों द्वारा निर्धारित की जाती है, जो हर महीने विकिपीडिया को संपादित करते हैं. समय के साथ, स्वयंसेवकों के इस समुदाय ने विकिपीडिया पर कौन सी सामग्री शामिल हो और कैसे हो, इसे निर्धारित करने के लिए विभिन्न नीतियां और दिशानिर्देश बनाए हैं.
लाभ के लिए चलने वाली प्रौद्योगिकी कंपनियों के विपरीत, विकिपीडिया विश्वसनीयता, तटस्थता और पारदर्शिता के सिद्धांतों से प्रशासित होता है - एक प्लेटफ़ॉर्म मॉडल, जिसमें विज्ञापन या उपयोगकर्ताओं की ट्रैकिंग शामिल नहीं है, उसका उद्देश्य वायरल सामग्री और गलत सूचना के प्रसार के प्रलोभन को कम करना है. विकिपीडिया पर उपलब्ध जानकारी को विश्वसनीय समाचार या सूचना के अन्य स्रोतों के द्वारा पुष्ट और उद्धृत होना होता है.
"समय-समय पर विकिपीडिया पर सूचना से छेड़छाड़ होती है, जैसा किसी भी खुले, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में हो सकता है. यह हमारे संपादकों और पाठकों के भरोसे और सद्भाव का हनन है, और विकिपीडिया के आधारभूत मूल्यों के विपरीत है. जैसा कि इस हालिया मामले में हुआ, विकिपीडिया पर अधिकांश अराजक छेड़छाड़ की घटनाओं को बॉट्स या संपादकों द्वारा मिनटों में वापस सुधर दिया जाता है.”
Also Read
-
‘The only dangerous thing about him is his ideas’: Inside the Manesar workers’ arrests
-
Six reasons why the media should stop publishing opinion and exit polls
-
Palestine freer for journalists than India: It’s the Press Freedom Index again
-
Mandate hijacked: The constitutional sin of the seven AAP defectors
-
Only 1,468 voters restored for Bengal’s final phase rolls. Poll duty staff among the excluded