Khabar Baazi
इंडिया टुडे के कर्मचारी ने द्रौपदी मुर्मू पर किया जातिवादी पोस्ट, कंपनी ने किया बर्खास्त
द्रौपदी मुर्मू के रूप में देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने जा रही हैं. दुनिया भर से उन्हें शुभकामनाएं दी जा रही हैं. इस बीच इंडिया टुडे के बंगाल यूनिट के डिप्टी जनरल मैनेजर इंद्रनील मुखर्जी ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट किया. इसके बाद से सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हो रही है. लोग सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म्स पर इंडिया टुडे को टैग कर सवाल भी कर रहे हैं.
मुखर्जी अपनी फेसबुक पर लिखते हैं, “मैं समलैंगिक विवाह के पक्ष में नहीं हूं. वैसे ही मैं एक आदिवासी को राष्ट्रपति पद के पक्ष में नहीं हूं. कुछ पद सबके लिए नहीं होते हैं. क्या एक सफाईकर्मी दुर्गा पूजा करा सकता है? क्या एक हिंदू मदरसे में पढ़ा सकता है? यह कुछ नहीं बल्कि एक घटिया सामाजिक-राजनीतिक चलन है. एक रबर स्टाम्प संवैधानिक प्रमुख बनाने का, जिससे कि विपक्ष को ताक पर रख कर आसानी से अपने मन मुताबिक कानून पास करा लिया जाएगा. आज हमने सिर्फ रायसीना हिल्स में मौजूद पद को ही नहीं आघात पहुंचाया बल्कि महान हस्तियों डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, प्रणब मुखर्जी, एस. राधाकृष्णन, जाकिर हुसैन, डॉ. शंकर दयाल शर्मा, राजेंद्र प्रसाद की आत्मा को भी ठेस पहुंचायी है.”
वरिष्ठ लेखक दिलीप मंडल ने ट्विटर इस पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “बंगाल से सघन जातिवाद भारत में शायद ही कहीं है. बिहार, यूपी और दक्षिण भारत जातिवादी माने जाते हैं क्योंकि वहां जातिवाद विरोधी संघर्ष है. इस खास मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्र सरकार की एजेंसियों को संज्ञान लेकर तत्काल अभियुक्त को गिरफ्तार करना चाहिए.”
इस सन्दर्भ में इंडिया टुडे समूह के सीईओ दिनेश भाटिया ने एक विज्ञप्ति भी जारी की.
इसके साथ-साथ इंडिया टुडे ने मुखर्जी को उनके पद से हटा दिया है. इंडिया टुडे ने एक मेल में लिखा कि हम ऐसे किसी भी विचार का समर्थन नहीं करते हैं.
Also Read
-
BJP wins Bengal. TV news finds a new god | TV Newsance 341
-
4 tests, 1 question: Did SIR shape Bengal outcome?
-
East India’s Hindutva turn may fuel a new era of India-Bangladesh hostility
-
Congress-DMK split: How Rahul-Stalin bonhomie collapsed over Vijay’s rise
-
The new official ‘one cuisine’ list is everything UP is not about