Report
महाराष्ट्र का संकट: इस लोकतंत्र की कीमत 18355715.08 रुपए है
(स्टोरी में दिए गए खर्च के सभी आंकड़े इंटरनेट पर मौजूद जानकारियों पर आधारित हैं. यह अनुमानित कीमत है लेकिन हमने एक से ज्यादा स्रोतों से इन्हें पुख्ता करने की कोशिश की है.)
20 जून को हुए महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों के बाद से प्रदेश की राजनीति बदल गई है. चुनाव के बाद शिवसेना नेता और मंत्री एकनाथ शिंदे अपने साथ लगभग 30 विधायकों को लेकर गुजरात के सूरत पहुंच गए. यहीं से शुरू हुआ शिंदे सेना बनाम शिवसेना का खेल.
लगभग ढाई साल से महाराष्ट्र में चल रही महाविकास अघाड़ी सरकार को गिराने की यह तीसरी कोशिश है. शिंदे अपने साथ शिवसेना और कुछ निर्दलीय विधायकों को लेकर करीब आठ दिन से महाराष्ट्र से बाहर हैं. वह इन विधायकों को पहले सूरत लेकर गए फिर वहां से गुवाहाटी.
प्रदेश की राजनीति में मचे कोहराम के बीच आरोप लग रहे हैं कि इस पूरे रंगमंच की सूत्रधार बीजेपी है. परदे के पीछे से वह इस पूरे खेल को संचालित कर रही है. हालांकि बीजेपी के नेता इससे इंकार कर रहे हैं. इन सब के बीच एक दिन पहले मंगलवार को एकनाथ शिंदे गुवाहाटी के होटल के बाहर निकले और मीडिया को बताया की वह जल्द ही महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिल सकते हैं.
इस बीच देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की. फणनवीस ने महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी से भी मुलाकात की है. एकनाथ शिंदे का कहना है कि उन्होंने शिवसेना नहीं छोड़ी है. वह बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे ले जा रहे हैं.
शिंदे का बाल ठाकरे के प्रति अखंड समर्पण और भाजपा का लोकतंत्र के प्रति समर्पण के बीच बीते दस दिनों से महाराष्ट्र में लोकतंत्र अधर में लटका हुआ है. इस समर्पण की आर्थिक कीमत क्या है. कितना खर्च कर एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं?
अन्य खर्चे -
सूरत के ली मेरिडियन होटल से सूरत एयरपोर्ट तक जाने की बस
गुवाहाटी एयरपोर्ट से रेडिसन ब्लू होटल तक जाने की बस
कानूनी लड़ाई का खर्च
असम सरकार द्वारा विधायकों को होटल के बाहर दी जा रही सुरक्षा (जनता के पैसों का उपयोग) का खर्च
असम के मुख्यमंत्री और विधायकों द्वारा अपना सारा कामकाज छोड़कर महाराष्ट्र के बागी विधायकों की दिनरात आवभगत का खर्च.
बीजेपी शिवसेना विधायकों के टूटने के पीछे अपना हाथ होने से इनकार कर रही है. लेकिन शिंदे गुट के लिए यह सबकुछ अकेले करना नामुमकिन लगता है. खुद शिंदे ने भी होटल में विधायकों के साथ बातचीत में कहा था, “वो एक राष्ट्रीय पार्टी है. एक महाशक्ति, जिसने पाकिस्तान को हरा दिया, उन्होंने मुझसे कहा है कि मैंने जो भी फैसला लिया है वो ऐतिहासिक है, और जब भी हमें जरूरत होगी वे मौजूद होंगे.”
असम के एक पत्रकार जो बीजेपी को कवर करते हैं, गोपनीयता की शर्त पर कहते हैं, “असम के मुख्यमंत्री के आदेश के बिना होटल तक कोई नहीं जा सकता. उनकी निगरानी में यह सब हो रहा है.”
वह आगे कहते हैं, “विधायकों के यहां आने से पहले होटल को बोला गया था कि वह सारी बुकिंग कैंसल करें. बेंगलरू से एक दंपती जिनकी पहले से ही बुकिंग थी उन्हें होटल में घुसने तक नहीं दिया गया. उन्हें बिना बताए ही उनकी बुकिंग कैंसल कर दी गई. जो लोग वहां पहले से थे, सिर्फ वही हैं, कोई नई बुकिंग नहीं हो रही है.”
महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर द्वारा 5 जुलाई, 2021 को सदन में कथित रूप से दुर्व्यवहार करने वाले भाजपा के 12 विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया था. इसके खिलाफ भाजपा सुप्रीम कोर्ट गई थी. यह केस वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ भटनागर और नीरज किशन कौल ने लड़ा था. अब सुप्रीम कोर्ट में एकनाथ शिंदे और भरत गोगावाले ने जो याचिका लगाई है, वह केस भी सिद्धार्थ भटनागर और नीरज किशन कौल ही लड़ रहे हैं. यह रिश्ता क्या है?
शिंदे गुट ने अभी तक अपने खर्चों पर कोई बात नहीं कही है. उनका कहना है कि सभी विधायक खुद यहां अपनी मर्जी से आए हैं.
महाराष्ट्र में हर विधायक को एक महीने की सैलरी के तौर पर एक लाख 60 हजार रुपया मिलता है.
लेकिन अभी तक जो विधायकों के रहने-खाने, जाने-आने पर खर्च हुआ है, वह करीब 18355715.08 रुपए आता है. इस तरह अगर एक विधायक के खर्च को देखा जाए तो यह करीब 382410.73 रुपए आ रहा है. यानी विधायकों की एक महीने की कमाई से ज्यादा खर्च मात्र आठ दिनों में हो गया है. यह इस लोकतंत्र की कीमत है.
हमने खर्चों को लेकर एकनाथ शिंदे को कुछ सवाल भेजे है. जवाब आने पर खबर में जोड़ दिया जाएगा.
Also Read
-
The science on trans athletes is inconclusive. Cricket’s prejudice isn’t
-
BAPS: The Hindu organisation at the heart of Modi’s cultural diplomacy
-
The men building AI want us to fear it. We should – but not for the reasons they give
-
Did Delhi do as told on Modi’s birthday? | Vibe Check with Abhinandan Sekhri
-
फिलहाल जेल में ही रहेंगे रवि नायर, गुजरात हाईकोर्ट ने अडाणी को जवाब का वक्त दिया