Report
अग्निपथ योजना: हमारे लिए मरने-मारने का मौका है क्योंकि आर्मी के अलावा हमने कुछ सोचा नहीं
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका है. ट्रेनों और बसों में आग लगाई जा रही है. पुलिस और सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की जा रही है. छात्रों की गिरफ्तारियां भी हो रही हैं.
शुक्रवार सुबह, उत्तर प्रदेश के मथुरा में सैकड़ों की संख्या में छात्र प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए. ये छात्र अलीगढ़, हाथरस और मथुरा के रहने वाले थे. सुबह 10:30 बजे के करीब इन्होंने आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया, और केंद्र की मोदी सरकार व भाजपा के खिलाफ नारे लगाने लगे. इन छात्रों की मांग है कि सरकार अग्निपथ योजना को वापस ले और पुरानी भर्ती प्रक्रिया को दोबारा लागू करे.
प्रदर्शन से लगे जाम को देखते हुए जिले के एसएसपी, डीएम समेत तमाम आला अधिकारियों ने छात्रों को पहले समझाने की कोशिश की. जब छात्र अपनी बात पर अड़े रहे तो प्रशासन ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया. गुस्साए छात्रों ने पलट कर प्रशासन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस हंगामे की चपेट में वे राहगीर भी आ गए जो आगरा से दिल्ली की ओर लौट रहे थे.
प्रदर्शनकारियों ने कई बसों व कारों के शीशे तोड़ दिए. कई लोग घायल भी हुए. हरियाणा रोडवेज की एक बस में आग भी लगा दी गई. यह बस राजस्थान के बालाजी जा रही थी. घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने में सफल हुई. इस दौरान कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया. प्रशासन का कहना है कि इस प्रदर्शन की वीडियोग्राफी कराई गई है और जो भी आरोपी होंगे उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा.
लगातार प्रदर्शन कर रहे एक छात्रों ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया, ‘‘हम घंटो भाग सकते हैं. चार साल से भाग ही रहे हैं. सरकार भर्ती नहीं ला रही थी. पहले जो भर्ती आई थी उसे बीच में लटका दिया. आर्मी के लिए मेरा सब कुछ हो गया था, सिर्फ रिटेन (लिखित परीक्षा) बचा था. हम इंतजार कर रहे थे. लगातार उसकी डेट बढ़ाई जा रही थी. अब उसे खत्म कर दिया. अब जब भर्ती आई तो वह चार साल के लिए है. सरकार को इसे वापस लेना होगा. यह हमारे लिए मरने-मारने का मौका है क्योंकि हमने आर्मी के अलावा कुछ सोचा ही नहीं है.’’
मथुरा क्षेत्र में अग्निपथ योजना को लेकर हो रहे प्रदर्शन से जुड़ा पूरा वीडियो यहां देखें.
Also Read
-
Rs 2.3 crore a day, 8 years: Yogi govt outspends Modi govt when it comes to ads
-
Before HC convicted him: How Tejpal was given access to the victim’s personal chats to build his defence
-
As CJP protest wrapped up, media found its ‘villains’ and buried all victims
-
Hafta letters: NL app issues, story suggestions, CJP protest
-
तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल दुष्कर्म मामले में दोषी करार, सजा का ऐलान भी आज ही