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प्रयागराज: बुलडोज़र न्याय के प्रशस्तिगान से भरे हिंदी के अख़बार
पैगंबर मोहम्मद को लेकर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल द्वारा दिए गए बयान पर देश में बवाल बढ़ता ही जा रहा है. उत्तर प्रदेश में इस बयान के बाद कई शहरों में हिंसा की घटनाए हुईं. इस बीच प्रयागराज में जुमे की नमाज के बाद हुए प्रदर्शनों में हिंसा भड़क गई.
प्रयागराज में हुई हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे जावेद अहमद उर्फ पंप के घर को हिंसा के अगले ही दिन प्रशासन ने ढहा दिया. पुलिस ने जावेद को शानिवार को गिरफ्तार किया था वहीं उनका घर रविवार को ढहाया गया.
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) जिसने घर गिराने की कार्रवाई की. उसके एक अधिकारी ने कहा, जावेद का घर नक्शा पास कराए बिना ही बनाया गया है. इसी कारण इस घर को गिरा दिया गया.
बुलडोजर कार्रवाई की इस खबर को हिंदी अखबारों ने पहले पेज पर प्रमुखता से जगह दी है. दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान और अमर उजाला ने लीड खबर के तौर पर घर गिराए जाने की फोटो का उपयोग किया है. जुमे की नमाज के बाद देश के कई शहरों में हिंसा हुई थी. इससे संबंधित सभी खबरों को अखबारों ने जगह दी. साथ ही जावेद के तोड़े गए घर की भी फोटो सभी ने प्रकाशित की.
दैनिक जागरण
हिंदी पट्टी में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले अखबार में से एक दैनिक जागरण प्रदेश में हो रही बुलडोजर की कार्रवाईयों को सही ठहरा रहा है. प्रयागराज में बुलडोजर की कार्रवाई पर अखबार ने खबर प्रकाशित की. खबर का शीर्षक है- “प्रयागराज हिंसा के षड्यंत्रकारी का घर ढहाया”. बिना कोई दूसरा पक्ष जाने अखबार ने खबर को छाप दिया.
खबर में नीचे बताया गया है “जावेद की बेटी का शाहीनबाग कनेक्शन”, जिसमें बताया गया कि दिल्ली हिंसा का मुख्य आरोपित शरजील इमाम और शाहीनबाग में चले सीएए विरोधी प्रदर्शन से भी कनेक्शन है. साथ ही कहा गया कि जेएएयू की छात्रा आफरीन ने आंतकी अफजल गुरू के पक्ष में कई विवादित टिप्पणियां की थीं. पुलिस हिंसा में आफरीन की भूमिका की भी जांच कर रही है.
दैनिक भास्कर
दैनिक भास्कर ने इस खबर को नई दिल्ली संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया है. भास्कर की खबर में प्रदेशभर के साथ देश के अन्य हिस्सों में हुई हिंसा के बारे में बताया गया है. अखबार ने लिखा कि, जावेद अहमद ने पुलिस को काफिर कहते हुए लड़को को भड़काया और उसके बाद ही हिंसा भड़की. हालांकि भास्कर की खबर में जावेद की बेटी के बारे में नहीं बताया गया है. जैसा अन्य अखबारों ने बताया गया.
अमर उजाला
अमर उजाला अखबार ने हेडलाइन दी- “मास्टमाइंड के घर पर चला बुलडोजर”. इस खबर में जावेद के घर को गिराए जाने के बारे में बताया गया है. साथ ही मुख्यमंत्री का दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई वाला बयान छापा गया है. यह अखबार की लीड खबर है.
अमर उजाला ने बताया कि बिना नक्शा पास कराए जावेद ने घर बनाया था. घर गिराए जाने की कार्रवाई से जावेद को एक करोड़ का नुकसान हुआ. वहीं जागरण ने पांच करोड़ के नुकसान की बात बताई है. खबर में कहा गया है कि मास्टरमाइंड जावेद के घर दो तमंचे भी मिले हैं साथ ही आपत्तिजनक पोस्टर और झंडे भी बरामद हुए.
हिंदुस्तान
हिंदुस्तान ने बुलडोजर की कार्रवाई पर शीर्षक दिया है, “यूपी में हिंसा के आरोपी का घर तोड़ा, बंगाल में बवाल”. अखबार ने यूपी की घटना के अलावा बंगाल के नादिया में हुई हिंसा के बारे में भी बताया है. हिंदुस्तान ने लिखा, लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से बने इस घर को गिराने में अधिकारियों को छह घंटे लग गए. अखबार ने इस तोड़फोड़ के बाद जेएनयू में हुए विरोध प्रदर्शन के बारे में भी बताया है, जहां जावेद की बेटी पढ़ाई कर रही है.
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