Khabar Baazi
वसूली मामले में चेन्नई पुलिस ने तमिल न्यूज़ मैगजीन के संपादक का नाम एफआईआर से हटाया
चेन्नई पुलिस ने तमिल न्यूज़ मैगजीन जूनियर विकतन के संपादक, मुखबरी सवक्कु शंकर और यूट्यूबर मरीधस पर जबरन वसूली और धमकी की धाराओं को लेकर दर्ज एफआईआर को पुलिस ने वापस ले लिया है.
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, यह एफआईआर जी स्क्वायर कंपनी की शिकायत पर दर्ज की गई थी. कंपनी ने कहा कि केविन नाम के एक व्यक्ति ने जूनियर विकतन में एक स्टोरी छपने से रोकने के लिए 50 लाख रिश्वत मांगी थी. स्टोरी कंपनी को डीएमके सरकार से नजदीकियों की वजह से मिल रहे फायदे के बारे में थी.
केविन को इसी सप्ताह गिरफ्तार किया गया था. मरीधस और सवक्कु शंकर का नाम एफआईआर में इसलिए था क्योंकि केविन ने कहा था कि अगर उसे 50 लाख रुपए की रिश्वत नहीं दी गई, तो वह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के जरिए वह कंपनी के खिलाफ गलत बयानबाजी करवाकर बदनाम करवा सकते हैं.
इससे पहले बुधवार को पुलिस ने जारी एक बयान में कहा था कि उन्होंने जांच में पाया कि केविन ने मैगजीन संपादक जूनियर विकतन के साथ पैसों का लेनदेन किया था.
चेन्नई पुलिस कमिश्नर शंकर जीवल ने कहा, "जब हमें पता चल गया कि जूनियर विकतन मैगजीन के संपादक और अन्य के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले, तो हमने उनका नाम एफआईआर से हटा दिया.”
आप को बताते चलें कि उक्त प्रकरण पर चेन्नई प्रेस क्लब में 24 मई को धरना-प्रदर्शन हुआ था.
Also Read
-
The science on trans athletes is inconclusive. Cricket’s prejudice isn’t
-
BAPS: The Hindu organisation at the heart of Modi’s cultural diplomacy
-
The men building AI want us to fear it. We should – but not for the reasons they give
-
Did Delhi do as told on Modi’s birthday? | Vibe Check with Abhinandan Sekhri
-
South Central 93: Could AI destroy humanity? What’s happening in Telangana politics?