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वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद के वीडियो सर्वे के बारे में क्या कहते हैं स्थानीय लोग
12 मई को, काशी विश्वनाथ मंदिर से लगी हुई ज्ञानवापी मस्जिद के वीडियो सर्वे को दोबारा शुरू करने के लिए वाराणसी अदालत ने आदेश दिया.
इस पर्यवेक्षण की अनुमति पिछले महीने दी गई थी, जब पांच हिंदू महिलाओं ने मस्जिद की पश्चिमी दीवार के अंदर मौजूद एक पूजा स्थल पर पूजा करने के लिए एक साल तक की अनुमति मांगी थी. लेकिन इस पर तब रोक लगा दी गई जब मस्जिद की मैनेजिंग कमेटी ने अदालत के द्वारा नियुक्त किए गए एडवोकेट कमिश्नर पर "पक्षपाती" होने का आरोप लगाया.
कमेटी ने मस्जिद के अंदर वीडियो शूट करने पर भी आपत्ति दर्ज कराई. कमेटी पक्ष के एक वकील ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि यह एक "संवेदनशील" मुद्दा है जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं और उनकी आपत्तियां इसी बात से जुड़ी हैं.
कमेटी ने वाराणसी अदालत के आदेश को चुनौती देती हुई एक याचिका अब उच्चतम न्यायालय में लगा दी है, लेकिन उच्चतम न्यायालय का कहना है कि वे सभी कागजात की जांच कर लेने के बाद ही इस मामले को सुनवाई के लिए लिस्ट करेंगे.
वाराणसी अदालत के आदेश से पहले वाली रात को, न्यूज़लॉन्ड्री ने स्थानीय निवासियों और दुकानदारों से बात की और जानने की कोशिश की कि वे इस मामले को लेकर क्या सोचते हैं?
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