Khabar Baazi
तेज प्रताप यादव ने नौ पत्रकारों को भेजा 50 करोड़ की मानहानि का नोटिस
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और राज्य की हसनपुर सीट से विधायक तेज प्रताप यादव ने नौ पत्रकारों के खिलाफ 50 करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजा है. तेज प्रताप की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता नवल किशोर झा ने यह नोटिस तैयार किया है. इस नोटिस में नौ लोगों का नाम है जो अलग-अलग चैनलों और वेबसाइटों में बतौर पत्रकार काम करते हैं.
तेज प्रताप ने अपने ट्विटर अकाउंट पर नोटिस की तस्वीरों के साथ यह जानकारी साझा की.
इन नौ पत्रकारों में वेद प्रकाश (द एक्टिविस्ट), प्रशांत राय (जनता जंक्शन), अलोक (लाइव सिटी), सुजीत कुमार (आजतक), मुकेश (एएनआई), गणेश (फर्स्ट बिहार), प्रकाश कुमार (रिपब्लिक भारत), प्रकाश कुमार (एबीपी न्यूज़) और कन्हैया बेल्लारी (न्यूज़ बात) के नाम शामिल हैं.
नोटिस में कहा गया है कि इन सभी पत्रकारों ने अपने संस्थानों के लिए तेज प्रताप यादव के खिलाफ खबरें चलाई हैं, जिससे उनकी मानहानि हुई है.
बता दें कि सोशल मीडिया पर तेज प्रताप का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में तेज प्रताप यादव उनका इंटरव्यू लेने आए पत्रकार वेद प्रकाश को एक्सपोज करने का दावा कर रहे हैं.
वीडियो में पत्रकार तेज प्रताप के आवास में उनका इंटरव्यू लेने आए, तेज प्रताप पत्रकार को पहले बाहर कैमरा रखने और फिर बातचीत करने के लिए कहते हैं.
इसके बाद वीडियो में देखा जा सकता है कि इंटरव्यू लेने की बजाय पत्रकार वेद प्रकाश कैमरा बाहर रखने के बहाने वहां से भाग जाते हैं. तेज प्रताप अपने आवास से बाहर आकर पत्रकार का पीछा करते हैं और इंटरव्यू लेने के लिए कहते हैं, लेकिन पत्रकार वहां अपनी गाड़ी में बैठकर निकल जाते हैं.
तेज प्रताप आरोप लगाते हैं कि जीतन राम मांझी के आवास से उनको बदनाम करने की साजिश रची जा रही है जिसका प्रमाण यह वीडियो है.
इस वीडियो में तेज प्रताप पत्रकारों पर मानहानि का नोटिस भेजने की बात कहते हैं.
Also Read
-
TV Newsance 327 | New Year, old script: ‘Tukde Tukde’ returns
-
Get your Milton Friedman and Ayn Rand right: Zomato and Blinkit aren’t capitalism
-
Behind JNU’s latest ‘media trial’: What happened on the night of January 5?
-
‘Disastrous’: Modi govt allows commercial plantations in forests, drops safeguards
-
Hostel for SC/ST girls in Ghaziabad now ‘houses only snakes, not students’