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झांसी: अवैध स्टोन क्रशर की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार के साथ मारपीट
उत्तर प्रदेश के झांसी में अवैध स्टोन क्रशर के खिलाफ रिपोर्टिंग करने गए एक पत्रकार के साथ मारपीट की गई है. इस दौरान पत्रकार को भीड़ द्वारा मारा गया. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि झांसी में द न्यूज़ एक्सप्रेस के नाम से ऑनलाइन पोर्टल चलाने वाले पत्रकार मिलन परिहार को भीड़ पीट रही है. इस भीड़ में एक महिला भी चप्पल से पत्रकार को पीट रही है.
पत्रकार मिलन परिहार के साथ दैनिक जागरण और दैनिक स्वदेश के लिए काम करने वाले शशिकांत तिवारी भी रिपोर्टिंग के लिए गए थे. पत्रकार मिलन कहते हैं, “अवैध खनन के खिलाफ लगातार रिपोर्टिंग कर रहा हूं. इसको लेकर मैंने खनन अधिकारी को भी सूचना दी थी. शुक्रवार को मैं और मेरे साथी पत्रकार अवैध खनन को लेकर फिर से रिपोर्टिंग करने गए थे. लेकिन वहां स्टोन संचालकों ने हमें बंधक बना लिया. वह मुझे घसीटकर अपने ऑफिस ले गए और वहां मेरे साथ मारपीट की गई.”
वह आगे कहते हैं, “क्रेशर संचालकों ने साजिश कर वहां एक महिला को बुलाया और मेरे साथ बदतमीजी करवाई और मुझे महिला से मरवाया गया. मेरे हाथ-पैर में चोट आई है. क्रेशर संचालकों का बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा था इसलिए उन्होंने मेरे साथ मारपीट की.”
इस घटना पर झांसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेश वर्मा न्यूज़लॉन्ड्री से कहते हैं, “दोनों पत्रकार अवैध स्टोन क्रशर की रिपोर्टिंग के लिए गए थे जहां उनके साथ मारपीट की गई. क्योंकि स्टोन संचालक भाजपा नेता सुशील गुप्ता का है, इसलिए अवैध स्टोन क्रशर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई. हम अभी पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं. अगर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो विरोध प्रदर्शन करेगें.”
एक अन्य पत्रकार नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि पत्रकार शशिकांत तिवारी और मिलन दोनों रिपोर्टिंग के लिए गए थे लेकिन मारपीट के बीच ही शशिकांत वहां से निकल गए. इसलिए वायरल वीडियो में सिर्फ मिलन ही दिखाई दे रहे हैं.
इस पूरे मामले पर पत्रकार मिलन ने स्थानीय पुलिस को शिकायत दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
इस पर झांसी देहात के एसपी नैपाल सिंह कहते हैं, “गरौठा थानाध्यक्ष से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है. जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.”
हमने पत्रकार मिलन से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो पाई.
बता दें कि झांसी में पिछले दो-तीन दिनों से अवैध स्टोन क्रशर की खबर प्रमुखता से अखबारों में छप रही है. दरअसल कुछ दिनों पहले पहाड़ की खदान में किए गए विस्फोट से पास में स्थित एक मंदिर का कुछ हिस्सा छतिग्रस्त हो गया था. जिसके वजह से यह पूरा मुद्दा मीडिया में छाया रहा.
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