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पत्रकार राणा अय्यूब को दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश जाने की दी इजाजत
पत्रकार राणा अय्यूब को दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश जाने की इजाजत दे दी है. अय्यूब को लंदन जाते समय एयरपोर्ट पर रोक लिया गया था इसके बाद उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के खिलाफ याचिका दायर की थी.
राणा अय्यूब की याचिका का ईडी ने विरोध करते हुए कहा, ‘‘अय्यूब धन के दुरुपयोग के गंभीर अपराध में शामिल है.’’
ईडी के वकील ने कोर्ट में कहा कि अय्यूब को कोविड-19 के दौरान गरीबों और प्रवासियों की मदद करने के लिए भारतीय रुपए के साथ डॉलर में दान मिला था. जांच में पाया गया कि राहत कार्य के लिए पैसा निकाल लिया गया और उसके लिए नकली बिल जमा किए गए. अय्यूब मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच से बच रही हैं.
अय्यूब की ओर से पेश हुई वकील वृंदा ग्रोवर ने दलील दी कि उनका मुवक्किल ईडी के लगातार संपर्क में है और पूछताछ के लिए हमेशा मौजूद रहने को तैयार हैं.
वृंदा ग्रोवर ने पत्रकार को बेगुनाह बताते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को सिर्फ सरकार की आलोचना करने के चलते परेशान किया जा रहा है.
ग्रोवर ने कहा उनके बैंक खातों को जब्त कर लिया गया है. 1 फरवरी के बाद ईडी की ओर से न तो कोई समन आया है और न ही उनकी ओर से कोई संपर्क किया गया. ईडी की कार्रवाई एक दिखावे के अलावा कुछ नहीं है क्योंकि मेरी मुवक्किल सरकार की आलोचक है.
बता दें कि इससे पहले 30 मार्च को मुंबई एयरपोर्ट पर राणा अय्यूब को लंदन जाने से रोक दिया गया था. जिसके बाद पत्रकार ने ट्वीट कर किया था, “उन्हें गैर-लाभकारी संस्था, इंटरनेशनल सेंटर फॉर जर्नलिस्ट्स द्वारा महिला पत्रकारों के खिलाफ ऑनलाइन हिंसा पर चर्चा करने के लिए यूके आमंत्रित किया था. जिसमें शामिल होने के लिए वह लंदन जा रही थीं. लेकिन उन्हें एयरपोर्ट पर रोक दिया गया.”
क्या है मामला
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) राणा अय्यूब के खिलाफ कोविड- 19 राहत के लिए चंदा इकट्ठा करने और विदेशों से पैसा लेने जैसे विदेशी फंडिंग नियमों के कथित उल्लंघन की जांच कर रही है.
दरअसल इंदिरापुरम के रहने वाले हिंदू आईटी सेल के सहसंस्थापक विकास सांकृत्यायन ने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया था कि राणा अय्यूब ने केटो वेबसाइट के जरिए अप्रैल-मई 2020, जून सितंबर 2020 और मई-जून 2021 के दौरान तीन कैंपेन चलाए. पहला झुग्गी में रहने वालों और किसानों के लिए, दूसरा असम, बिहार और महाराष्ट्र में राहत कार्य के लिए और तीसरा कोरोना महामारी से प्रभावित लोगों के लिए. इन तीनों कैंपेन से राणा ने करोड़ों रुपए इकठ्ठा किए. इन पैसों का उपयोग उन्होेंने अपने निजी उपयोग के लिए किया.
गाजियाबाद पुलिस द्वारा केस दर्ज करने के बाद ईडी ने पत्रकार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केस दर्ज किया था. वहींइस साल की शुरुआत में बैंक में राणा की 1.77 करोड़ रुपए से अधिक राशि भी कुर्क कर ली थी.
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