Assembly Elections 2022
हाथरस पर चुप्पी और उन्नाव के सवाल पर योगी सरकार के मंत्री बोले, 'हमारा एमएलए बेचारा मुजरिम बनाया गया'
भाजपा ने मथुरा के छाता विधानसभा से उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है. छाता की राजनीति में लंबे समय से चौधरी लक्ष्मीनारायण और तेजपाल सिंह का वर्चस्व रहा है. दोनों एक दूसरे के खिलाफ लड़ते और जीतते रहे हैं. चौधरी लोकदल, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी में रहने के बाद 2017 में बीजेपी में शामिल हुए और चुनाव जीतने के बाद प्रदेश सरकार में मंत्री बने. पश्चिमी यूपी में इन्हें जाट समुदाय का बड़ा नेता माना जाता है.
छाता शुगर मिल शुरू नहीं करा पाने के कारण चौधरी की आलोचना कई किसान करते नजर आते हैं. प्रदेश में बढ़ते अपराध और किसानों समेत दूसरे अन्य मुद्दों पर न्यूज़लॉन्ड्री ने लक्ष्मीनारायण से बात की. छाता की राजनीति में आप लंबे समय से सक्रिय हैं. इस बार आप किन उपलब्धियों के साथ मैदान में उतरे हैं? इस सवाल पर वे कहते हैं, "छाता एक अकेला क्षेत्र है जिसमें चार विश्वविद्यालय, पॉलिटेक्निक, मेडिकल और आईटीआई कॉलेज हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो पिछले चार सालों में मेरे क्षेत्र में 250 किलोमीटर सड़क बनी है. क्षमता के आधार पर बच्चों ने सरकारी नौकरी हासिल की है और यहां बड़े उद्योग भी लगाए जा रहे हैं."
प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और एनसीआरबी के आंकड़ों को लेकर सवाल पूछने पर वे आंकड़ों को ही गलत बता देते हैं. एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक यूपी में साल 2020 में 12913 अपहरण के मामले दर्ज हुए. वहीं महिला को लेकर हर रोज 135 अपराध दर्ज हुए. इसपर लक्ष्मीनारायण सिंह कहते हैं, "पिछले पांच साल में मथुरा में एक भी अपहरण नहीं हुआ है. यहां जब से ऑपरेशन मजनू चला है तब से एक भी पिता अपनी बेटी को कॉलेज छोड़ने नहीं जाता. महिलाओं के अंदर आत्मविश्वास जगा है. अपराध तो हर युग में हुए हैं.''
एक कार्यक्रम के दौरान चौधरी ने कहा कि योगी सरकार से पहले महिलाएं गहने पहनकर बाहर नहीं निकलती थीं. हालांकि जब हमने सिंह से हाथरस और उन्नाव की घटना पर सवाल किया तो वे इंटरव्यू छोड़कर जाने लगे. आगे उन्होंने हाथरस पर कुछ नहीं बोला लेकिन उन्नाव पर बोलते हुए गलत दावे किए कि हमारे बेचारे विधायक कुलदीप सेंगर को फंसाया गया और सुप्रीम कोर्ट ने बरी कर दिया है. हकीकत यह है कि सेंगर को सड़क दुर्घटना मामले में जमानत मिली है न कि बलात्कार मामले में.
अमित शाह द्वारा जाट नेताओं की मीटिंग पर लक्ष्मी नारायण सिंह कहते हैं, "बीजेपी अनुशासित पार्टी है. जब भी बुलाया जाता है हम सब जाते हैं. बीजेपी में जातिवाद की राजनीति नहीं होती है. हम हिंदू हैं और हिंदुस्तानी हैं. जहां तक बात किसान आंदोलन की है तो हमारे यहां टिकैत अपना संगठन भी नहीं बना पाए. यहां किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है. किसान खुश हैं और बीजेपी के पक्ष में हैं. 10 मार्च को हमारी पार्टी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी''
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