Khabar Baazi
हेट स्पीच: सुरेश चव्हाणके के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
सुदर्शन टीवी के संपादक सुरेश चव्हाणके द्वारा गोविंदपुरी के एक कॉलेज में दिए गए भड़काऊ भाषण के मामले में कोर्ट ने पुलिस से एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक साकेत कोर्ट के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस मामले से संबंधित अगली सुनवाई के लिए 15 मार्च की तारीख तय की है.
यह याचिका एडवोकेट तारा नरूला, तमन्ना पंकज और प्रिया वत्स के द्वारा दायर की गई है.
याचिका में वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के चीफ सैयद कासिम रसूल इलियास ने सुरेश चव्हाणके के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
याचिका में कहा गया है कि यह एक मात्र ऐसी घटना नहीं है, जहां आरोपी द्वारा घृणित बयान देने और भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए उकसाया गया है. याचिका में यह भी कहा गया है कि शिकायत के बावजूद भी सुरेश चव्हाणके के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई.
क्या है पूरा मामला
19 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली स्थित बनारसीदास चांदीवाला सेवा स्मारक ट्रस्ट सोसायटी के ऑडिटोरियम में हिंदू युवा वाहिनी ने कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया था. इस कार्यक्रम में सुदर्शन टीवी के एडिटर इन चीफ सुरेश चव्हाणके, यूपी सरकार के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री राजेश्वर सिंह, हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अन्य लोग शामिल हुए.
इस कार्यक्रम में सुरेश चव्हाणके वहां आए लोगों को हिंदू राष्ट्र की शपथ दिलाते हुए दिखे. वायरल एक वीडियो में वह कहते हैं, “हम सब शपथ लेते हैं, वचन देते हैं, संकल्प लेते हैं, अपने अंतिम प्राण के क्षण तक, इस देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए, बनाए रखने के लिए, आगे बढ़ाने के लिए लड़ेंगे, मरेंगे, जरूरत पड़ेगी तो मारेंगे, किसी भी बलिदान के लिए, किसी भी कीमत पर एक क्षण पीछे नहीं हटेंगे.”
न्यूज़लॉन्ड्री ने इस वीडियो पर एक रिपोर्ट भी की थी, जिसमें हमने बताया था कि देश की राजधानी में एक समुदाय विशेष के खिलाफ हिंसा और हिंदुओं को हथियार उठाने के लिए शपथ दिलाई जा रही है. लेकिन इस मामले में दिल्ली पुलिस कोई कार्रवाई करती हुई नजर नहीं आ रही है.
Also Read
-
‘How can you remove names without checking?’: Inside Prayagraj’s battle over voter lists
-
Mark Carney calls out the rules-based global order lie, but only after it hurts middle powers
-
6 journalists summoned this month, ‘25’ in a year: The police trail following Kashmir’s press
-
‘This is why he wanted to leave India’: Noida techie death raises civic safety questions
-
Inside the influencer campaign that defended a contested Aravalli order