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‘बुली बाई’ की मुख्य आरोपी युवती को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार
देशभर की सैकड़ों मुस्लिम महिला पत्रकारों, फिल्म कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की तस्वीरों को कथित तौर पर नीलामी के लिए ”बुली बाई” एप्प पर साझा करने के मामले में मुंबई पुलिस ने एक युवती को गिरफ्तारी किया है.
बता दें कि ”बुली बाई” के जरिए महिलाओं की नीलामी की जा रही थी. इसको लेकर सोमवार को 21 वर्षीय विशाल कुमार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया. विशाल इंजीनियरिंग के छात्र हैं. वहीं अब इस मामले में मुंबई पुलिस ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की है. हैरानी कि बात है कि मुख्य आरोपी लड़की है. एएनआई के मुताबिक उत्तराखंड से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक,आरोपी विशाल कुमार ने खालसा सुप्रीमेसिस्ट नाम से एक अकाउंट खोला था. 31 दिसंबर को उसने दूसरे अकाउंट्स का भी नाम बदलकर सिख नाम से मिलता-जुलता रख दिया. इसमें फर्जी खालसा अकाउंट होल्डर को दिखाया गया. जबकि आरोपी लड़की तीन अलग-अलग अकाउंट चलाती थी. इस अकाउंट के जरिए ही महिलाओं की तस्वीरों को कथित तौर पर नीलामी के लिए पोस्ट किया जाता था.
इस मामले में पत्रकार इस्मत आरा ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. वहीं शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की थी. शिवसेना सांसद के ट्वीट पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट कर कहा था,"भारत सरकार इस मामले पर दिल्ली और मुंबई में पुलिस टीमों के साथ काम कर रही है."
इस मामले में मुंबई पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (ए), 153 (बी), 295 (ए), 354 डी, 509 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत केस दर्ज किया. वहीं दिल्ली पुलिस ने गिटहब प्लेटफॉर्म से इस एप के डेवलपर की जानकारी मांगी है. साथ ही ट्विटर को अपने प्लेटफॉर्म से इससे जुड़ा आपत्तिजनक कंटेट हटाने को कहा था.
इससे पहले, दिल्ली महिला आयोग की चीफ स्वाति मालीवाल ने डिप्टी पुलिस कमिश्नर, साइबर क्राइम सेल से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी. आयोग ने दिल्ली पुलिस से 'सुल्ली डील' और 'बुली बाई' दोनों मामलों में गिरफ्तार लोगों की लिस्ट और कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है.
गौरतलब हैं कि इससे पहले ‘सुल्ली डील’ नाम से एक एप पर मुस्लिम महिला की फोटो को नीलाम किया जा रहा था. उस एप को भी गिटहब प्लेटफार्म पर बनाया गया था. तब दिल्ली पुलिस ने गिटहब को नोटिस जारी कर एप से जुड़ी जानकारी मांगी थी लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली.
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