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142 वर्षों के इतिहास में चौथा सबसे गर्म नवंबर
पिछले 142 वर्षों के इतिहास में यह चौथा मौका है जब नवंबर के महीने का तापमान सर्वाधिक उच्च दर्ज किया गया है. यह जानकारी हाल ही में एनओएए के नेशनल सेंटर फॉर एनवायर्नमेंटल इंफॉर्मेशन (एनसीईआई) द्वारा जारी रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष नवंबर का औसत तापमान सामान्य से करीब 0.91 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया है.
तापमान में होती वृद्धि की यह गणना 20वीं सदी में नवंबर के औसत तापमान के आधार पर की गई है, जोकि 12.9 डिग्री सेल्सियस है. गौरतलब है कि दुनिया के 10 सबसे ज्यादा गर्म नवंबर के महीने 2004 के बाद ही दर्ज किए गए हैं, जिससे एक बात तो स्पष्ट हो जाती है कि हमारी धरती का तापमान बहुत तेजी से बढ़ रहा है.
यदि इतिहास में सबसे गर्म नवंबर के महीनों की बात करें तो 2015 में नवंबर का तापमान रिकॉर्ड गर्म था, जब तापमान सामान्य से 1.01 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया था. इसके बाद नवंबर 2020 में तापमान सामान्य से 0.96 डिग्री सेल्सियस और नवंबर 2019 में तापमान 0.92 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.
इससे पहले अक्टूबर का महीना भी इतिहास का चौथा सबसे गर्म अक्टूबर था. जब तापमान 20वीं सदी के औसत तापमान से करीब 0.89 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया था. इसी तरह सितम्बर का महीना भी इतिहास का पांचवा सबसे गर्म सितम्बर का महीना था, जब तापमान सामान्य से 0.9 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया था.
अफ्रीका में दर्ज किया गया अब तक का सबसे गर्म नवंबर
यदि उत्तरी गोलार्ध में तापमान से जुड़े आंकड़ों को देखें तो इस बार नवंबर का महीना उत्तरी गोलार्ध के लिए रिकॉर्ड दूसरा सबसे गर्म नवंबर था जबकि दक्षिणी गोलार्ध के लिए यह 2014 के साथ 10वां सबसे गर्म नवंबर था. वहीं यदि क्षेत्रीय तौर पर तापमान में होती वृद्धि को देखें तो अफ्रीका में पहली बार नवंबर का तापमान इतना ज्यादा दर्ज किया गया है, जबकि एशिया और दक्षिण अमेरिका दोनों के लिए ही यह 10 सबसे गर्म नवंबर के महीनों में से एक था. वहीं यदि ओशिनिया की बात करें तो इस साल नवंबर का महीना 1999 के बाद से सबसे ठंडा नवंबर का महीना था.
कुल मिलाकर एशिया के लिए यह नौवां सबसे गर्म नवंबर था, जबकि उत्तरी अमेरिका के लिए 11वां, दक्षिण अमेरिका के लिए 9वां, यूरोप के लिए 15वां सबसे गर्म नवंबर का महीना था. इसी तरह 127 वर्षों के इतिहास में यह 7वां सबसे गर्म नवंबर का महीना था. वहीं न्यूजीलैंड ने अपने इतिहास के सबसे गर्म नवंबर को दर्ज किया था.
यदि शरद या बसंत ऋतु के तीन महीनों (सितंबर से नवंबर) के औसत तापमान को देखें तो वो सामान्य से 0.89 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया है. इस लिहाज से वो इतिहास का चौथा सबसे गर्म बसंत है. वहीं यदि सिर्फ भूमि से जुड़े तापमान के आंकड़ों को देखें तो उत्तरी गोलार्ध के लिए यह अब तक की सबसे गर्म शरद ऋतु थी. वहीं यदि जनवरी से नवंबर के तापमान को देखें तो वो सामान्य से 0.84 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया था. इस तरह वो रिकॉर्ड की छठी सबसे गर्म जनवरी से नवंबर की अवधि थी.
कुछ महाद्वीपों के लिए मौसम असाधारण रूप से गर्म था, जहां उत्तरी अमेरिका में यह 2016 के बाद दूसरी सबसे गर्म शरद ऋतु थी. वहीं दक्षिण अमेरिका के लिए तीसरी और अफ्रीका के लिए चौथा सबसे गर्म बसंत था. यूरोप और ओशिनिया में भी तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया गया था, इसके बावजूद यह उनके लिए 2016 के बाद से सबसे ठंडी शरद ऋतु थी.
यदि ध्रुवों पर जमा बर्फ की स्थिति को देखें तो नवंबर 2021 में आर्कटिक समुद्री बर्फ का औसत 1981-2010 के औसत से 359,000 वर्ग मील कम दर्ज किया गया है. इस तरह 43 वर्षों के रिकॉर्ड में यह 9वां मौका है जब वहां इतनी कम बर्फ जमा थी. इसी तरह अंटार्कटिक में जमा समुद्री बर्फ औसत से 370,000 वर्ग मील कम थी, जो नवंबर 2016 के बाद सबसे कम है.
(डाउन टू अर्थ से साभार)
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