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क्या बुझते दीपक की लौ बचाने के लिए दो चमकते सितारों को बलि का बकरा बनाया गया?
न्यूज़ नेशन के एंकर और पत्रकार दीपक चौरसिया 10 दिसंबर के बाद से टीवी पर नहीं आए हैं. उन्होंने अपना आखिरी शो नौ दिसंबर को किया था. इस शो का वीडियो वायरल होने के बाद से ही वह ऑफ एयर हो गए हैं.
सवाल उठ रहा है कि क्या इस वाकये के बाद दीपक चौरसिया को चैनल से निकाल दिया गया है या बतौर सज़ा उन्हें ऑफ एयर किया गया है? साथ ही क्या उनके साथ जो लोग काम करते हैं उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है या नहीं? दीपक न्यूज़ नेशन से सलाहकार संपादक के रूप में जुड़े हुए हैं और प्राइम टाइम शो ‘देश की बहस’ करते हैं.
न्यूज़ नेशन में फिलहाल काम कर रहे एक पत्रकार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर न्यूज़लॉन्ड्री को बताया, "9 दिसंबर को हुई घटना के बाद से चैनल ने उस कार्यक्रम के जुड़े दो लोगों को नौकरी से निकाल दिया है. जिसमें से एक नीरज कुमार और दूसरे विवेक भटनागर हैं. नीरज कुमार नौ दिसंबर के दिन पीसीआर पर थे और विवेक भटनागर, दीपक चौरसिया के शो के मुख्य प्रोड्यूसर थे."
पत्रकार ने आगे जो बताया वह थोड़ा चौंकाने वाली बात है. वे कहते हैं, “घटना के दिन ही नीरज कुमार और विवेक भटनागर को ऑफिस न आने के लिए बोल दिया गया था. उसके दो-तीन दिन बाद मैनजेमेंट ने उन्हें निकालने का फरमान जारी कर दिया.”
चौंकाने वाली बात इसलिए कि चैनल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हमें बताया कि इस मामले में एक जांच कमेटी बनी थी, कमेटी की सलाह के हिसाब से कार्रवाई हुई है. जबकि कर्मचारी बताते हैं कि दोनो कर्मचारियों को घटना के दिन ही दफ्तर नहीं आने के लिए बोल दिया गया था. इस बात पर यकीन करें तो दोनों कर्मचारियों को न तो अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया न ही उन्हें कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.
क्या दीपक चौरसिया के खिलाफ भी कार्रवाई की गई. इस पर उस कर्मचारी ने कहा, “वह भी उस दिन से (घटना के दिन से) ऑफिस नहीं आ रहे हैं और न ही अपना प्राइम टाइम शो कर रहे हैं. हालांकि इस बारे में अभी कुछ साफ नहीं है.”
नीरज कुमार सीनियर एडिटर थे. जबकि विवेक भटनागर प्रोडक्शन में थे. नीरज पिछले आठ साल से न्यूज़ नेशन में काम कर रहे थे. वहीं विवेक 2019 से न्यूज़ नेशन से जुड़े थे. इससे पहले वे इंडिया न्यूज़ में हुआ करते थे. जहां दीपक चौरसिया एडिटर इन चीफ थे. दीपक चौरसिया ने अप्रैल 2019 में न्यूज नेशन ज्वाइन किया, जिसके छह महीने बाद विवेक भी कंपनी के साथ जुड़े. चैनल से जुड़ने के साथ ही वह दीपक चौरसिया के शो के प्रोड्यूसर बन गए.
जैसा कि हमने ऊपर जिक्र किया, न्यूज़ नेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया, “इस घटना के बाद चैनल ने एक आंतरिक कमेटी बनाई थी. कमेटी ने पूरे मामले की जांच की है और उसके अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है.”
यह पूछे जाने पर कि क्या नीरज कुमार और विवेक के अलावा दीपक चौरसिया के खिलाफ भी कोई कार्रवाई हुई है? इस पर उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि आप खुद ही समझ जाइए और उन्होंने फोन काट दिया. कमेटी में कौन-कौन लोग शामिल थे, इस बारे में भी उन्होंने कुछ नहीं बताया.
न्यूज़लॉन्ड्री ने न्यूज़ नेशन के ए़डिटर इन चीफ मनोज गरोला से इस पूरे घटनाक्रम के बारे में बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
क्या दीपक को बचाने के लिए बनाई गई कमेटी?
जैसा सीनियर अधिकारी ने दावा किया कि, चैनल ने घटना की जांच के लिए कमेटी का गठन किया. इस पर कई सवाल उठ रहे हैं. क्या नीरज कुमार और विवेक भटनागर को कमेटी के कहने के बाद निकाला गया. क्या ऐसी कोई कमेटी बनी भी थी?
निकाले गए दोनों कर्मचारियों के एक करीबी ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया, “यह झूठ है कि कोई कमेटी बनाई गई थी. ऐसी कोई कमेटी नहीं बनी. अगर बनी होती तो दोनों कर्मचारियों (नीरज और विवेक) को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया होता. उनसे बात की होती. यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ.”
उन्होंने आगे बताया, “जिस दिन यह घटना हुई उसके अगले दिन से दोनों को ऑफिस आने से मना कर दिया गया. जब वह ऑफिस नहीं आ रहे थे उसी दौरान उन्हें निकालने का आदेश आ गया. ऐसे में कमेटी बनने और उसके सामने शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं उठता. दरअसल दीपक को बचाने के लिए कमेटी-कमेटी खेला जा रहा है और दोनों कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया गया है.”
दीपक चौरसिया के वापस काम पर आने को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. चैनल के कर्मचारी और अधिकारी या तो कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं या फिर उन्हें इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. हालांकि घटना के बाद से उन्होंने अब तक कोई शो नहीं किया है. अपुष्ट खबरें हैं कि चौरसिया को सजा के तौर पर 15 दिन के लिए ऑफ एयर किया गया है.
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, “दीपक चौरसिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. वह अपने आप को बचाने में कामयाब हुए. 15 दिनों के लिए ऑफ एयर रहने के बाद वह जल्द ही अपने शो के जरिए वापसी कर सकते हैं.
हालांकि न्यूज़लॉन्ड्री को कंपनी से जुड़े कर्मचारियों ने बताया कि दीपक चौरसिया 29 दिसंबर तक चैनल में वापसी कर सकते हैं. दीपक इतने दिनों से ऑफ एयर हैं, क्या यह नौ दिसंबर की घटना को लेकर मिली सजा है? इसको लेकर न तो चैनल का मैनेजमेंट और न ही दीपक चौरसिया स्पष्ट कर रहे हैं.
आखिरी क्या हुआ नौ दिसंबर को
आठ दिसंबर को भारत के पहले सीडीएस बिपिन रावत का तमिलनाडु में हुए एक हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन हो गया था. हेलीकॉप्टर में सीडीएस के अलावा उनकी पत्नी मधुलिका रावत और सेना के 11 अधिकारियों की भी मौत हो गई थी.
घटना के अगले दिन नौ दिसंबर को सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत अन्य सैन्य अधिकारियों का शव दिल्ली लाया गया. इस दौरान दीपक चौरसिया अपने शो ‘देश की बहस’ कर रहे थे. यह शो चैनल का प्राइम टाइम शो है.
शो शुरू होने के तीन मिनट बाद ही दीपक चौरसिया को हटा दिया और दूसरे एंकर्स ने शो को पूरा किया. दरअसल इन तीन मिनटों के दौरान जब वह सीडीएस के निधन से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे थे तब वह वीडियो में बिल्कुल भी सामान्य स्थिति में नहीं दिख रहे थे. शो का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल पूछना शुरू कर दिया कि क्या उन्होंने शराब पी रखी है.
हालांकि बाद में दीपक चौरसिया ने खुद इस बारे में एक स्पष्टीकरण जारी किया. दीपक ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “आप सभी को वीडियो देखकर जो लग रहा है वो पूरा सच नहीं है. सच ये है कि मेरे घर में शादी थी और बारात में ज्यादा डांस करने के कारण मेरे घुटने की पुरानी चोट दर्द देने लगी. शो चूंकि जिस मसले पर था उसे मैं छोड़ना नहीं चाहता था और शो पूरी तरह से ठीक जाए इसलिए मैंने पेन किलर खा ली. आपको बता दूं मेरे घुटने में हेयरलाइन फ़्रैक्चर है. मेरी गलती ये थी कि पेन किलर ज्यादा मात्रा में लेने से साइड इफेक्ट होता है, ये बात मुझे नहीं पता थी. इसलिए पेनकिलर खाकर मेरी तकलीफ कम होने की बजाए बढ़ गई.’’
वीडियो देखने के बाद लोगों ने दीपक चौरसिया की पत्रकारिता पर भी सवाल खड़े किए. इसको लेकर चौरसिया ने लिखा, "वीडियो देखकर तरह-तरह की बातें बनाई गई, जो सच नहीं है. मुझे पत्रकारिता में 25 साल से ज्यादा हो चुके हैं. इसलिए मुझे किसी से पत्रकारिता के इथिक्स सीखने की जरूरत नहीं है."
इस पूरे प्रकरण पर छाए असमंजस को साफ करने के लिए हमने दीपक चौरसिया को भी फोन किया. लेकिन उनकी तरफ से कोई उत्तर नहीं आया. उनका जवाब आने पर खबर को अपडेट कर दिया जाएगा.
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यहां देखें दीपक चौरसिया का इंटरव्यू
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