NL Charcha
एनएल चर्चा 195: सीडीएस बिपिन रावत का निधन, नागालैंड में सेना के हमले में नागरिकों की मौत
एनएल चर्चा के इस अंक में नागालैंड में सेना की कार्रवाई में नागरिकों की मौत, सीडीएस बिपिन रावत उनकी पत्नी समेत कुल 13 लोगों का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, स्थगित हुआ किसान आंदोलन, सांसदों के निलंबन पर जारी प्रदर्शन और जेल से रिहा हुई सुधा भारद्वाज आदि विषयों पर बातचीत हुई.
चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान पत्रकार और लेखक सम्राट एक्स शामिल हुए. इसके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन और सह संपादक शार्दूल कात्यायन भी चर्चा में शामिल हुए. चर्चा का संचालन कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
अतुल ने चर्चा की शुरुआत सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मौत से की. उन्होंने आंनद से पूछा, “जिस सीडीएस पद की मांग काफी समय से की जा रही थी, उस महत्वपूर्ण पद पर बिपिन रावत की पहली नियुक्ति हुई थी. बिपिन रावत के जाने बाद जो खालीपन आया है उसके संभावित नतीजे क्या हो सकते हैं? साथ ही तीनों सेनाओं के बीच जो सामंजस्य बनाने की प्रक्रिया बिपिन रावत ने शुरू की थी उस पर भी विपरीत असर पड़ने की बातं कही जा रही हैं."
अतुल के सवाल पर आनंद कहते हैं, "जो आधुनिक सेनाएं हैं उनमें किसी व्यक्ति के आने-जाने से बहुत फर्क नहीं पड़ता. यह जो पोस्ट सीडीएस का बनाया गया है, यह तीनों सेनाओं के बीच समन्वय का पद है. मेरे हिसाब से तो अभी तक किसी की नियुक्ति इस पद पर हो जानी थी. लेकिन भारत में सेना के मामलों में नियुक्ति उतनी तेज नहीं है. जहां तक बात है सीडीएस पोस्ट की तो यह बहुत ही महत्वपूर्ण है तीनों सेनाओं के लिए. हालांकि अभी भी बहुत से आलोचक कहते है सीडीएस के पास तीनों सेनाओं के प्रमुखों को आदेश देने की पावर नहीं है. लेकिन कुछ भी हो अभी यह पद शुरुआती दौर में है. आने वाले समय में इसमें और सुधार होंगे. लेकिन इस रिक्ति को तुरंत भरा जाना चाहिए.”
इस विषय पर आगे बात करते हुए अतुल बिपिन रावत के बयानों और उनके कामकाज पर सम्राट और शार्दूल को शामिल करते हैं. जनरल रावत का आतंकियों की मॉब लिंचिग पर दिए गए बयान को राजनीतिक बयान कहें या फिर पोलिटिकली इनकरेक्ट बयान कहा जाय. इस पर सम्राट कहते है, “उनका बयान राजनीति बयानबाजी थी. चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ को इससे दूर रहना चाहिए. क्यों हमारे देश में आर्मी राजनीति में हिस्सा नहीं लेता है. ऐसे बयान सेना प्रमुख के तौर पर पब्लिक डोमेन में नहीं आना चाहिए.”
इस विषय पर शार्दूल कहते हैं, “यह दुर्घटना अप्रत्याशित है. इसलिए शायद उनके उत्तराधिकारी के बारे में गंभीरता से सोचा नहीं गया था. सीडीएस का पद तीनों सेनाओं के बीच समन्वय का काम है, यह सैन्य और ब्यूरोक्रेसी का मिलाजुला काम है. रही बात उनके राजनीति बयान की तो, जब तक आप पद पर है तब तक ऐसे बयान नहीं देना चाहिए. उनके निधन पर हम सब की सहानुभूति है.”
इस विषय के अलावा नागालैंड में सेना की कार्रवाई में मारे गए नागरिकों के मुद्दे पर भी विस्तार से बातचीत हुई. पूरी बातचीत सुनने के लिए हमारा यह पॉडकास्ट सुनें और न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करना न भूलें.
टाइमकोड
00-2:00 - इंट्रो
2:00-5:00 - हेडलाइंस
5:02 - 23:30 - सीडीएस बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत
23:31 - 50:00 - नागालैंड घटना
50:01 - 1:03:00 - ज्यूडिशियल कमिशन
1:03:05 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय, क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए.
आनंद वर्धन
शिव अरुर की किताब - इंडियाज मोस्ट फीयरलेस
विऑन टीवी पर जनरल बिपिन रावत का इंटरव्यू
सम्राट एक्स
पूर्वोत्तर को लेकर मनाव विज्ञानी वेरियर एलविन की किताबें
फूरर हाईमनड्राफ की किताब - द नेकेड नागा
सम्राट एक्स की किताब - द ब्रेडेड रिवर
शार्दूल कात्यायन
किसान आंदोलन पर न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट्स पढ़े
पार्किंसन रोग पर डीडब्ल्यू की डॉक्यूमेंट्री
अतुल चौरसिया
अफस्पा पर एक्सप्लेनर - इंडियन एक्सप्रेस
रुद्रप्रयाग का आदमखोर तेंदुआ किताब - जिम कार्बेट
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प्रोड्यूसर- लिपि वत्स
एडिटिंग - उमराव सिंह
ट्रांसक्राइब - अश्वनी कुमार सिंह
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