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नेशनल डिजिटल हेल्थ कार्ड: सुविधाओं के साथ निजता बड़ा मसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में डिजिटल हेल्थ कार्ड लॉन्च किया है. इस कार्ड में संबंधित व्यक्ति के स्वास्थ्य का पूरा लेखाजोखा और इतिहास दर्ज होगा. जैसे कि इलाज संबंधित जांच रिपोर्ट, दवाइयां, डिस्चार्ज वगैरह से जुड़ी पूरी जानकारी इस नंबर के जरिए जानी जा सकेगी. साथ ही मरीज का कार्ड बनने के बाद मेडिकल रिकॉर्ड फिजिकल रूप से लेकर चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
हेल्थ कार्ड को सरकार बहुत क्रांतिकारी कदम बता रही है. लेकिन इसको लेकर सबसे बड़ी चिंता यही है कि इस कार्ड का मिसयूज भी हो सकता है. मसलन लोगों के स्वास्थ्य संबंधी डाटा और हेल्थ हिस्ट्री बहुत संवेदनशील मसला होता है. इसके लीक होने की स्थिति में बहुत बुरे परिणाम हो सकते हैं.
एक तरफ सरकार का कहना है कि कार्ड का मिसयूज नहीं होगा, वहीं विशेषज्ञों का कहना हैं कि आधार कार्ड ही अभी तक फुलप्रूफ नहीं बन पाया जो ऐसे में यह नया कार्ड एक और सिरदर्द ना बन जाए.
सारांश के इस एपिसोड में हम आप को कार्ड बनाने के लेकर उसके फायदे और नुकसान के बारे में बताएंगें.
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