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पत्रकार मारिया रेसा और दिमित्री मुरातोव को मिला इस बार का नोबेल शांति पुरस्कार
शुक्रवार को नॉर्वे की नोबेल पुरस्कार कमेटी ने नोबेल शांति पुरस्कारों की घोषणा की. इस वर्ष यह पुरस्कार फिलीपींस की पत्रकार मारिया रसा और रूस के पत्रकार दिमित्री मुरातोव को दिया गया है. उन्हें यह पुरस्कार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दिया गया.
नॉर्वे की नोबेल कमेटी की अध्यक्ष बेरिट रीस एंडरसन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "रेसा और मुराटोव को फिलीपींस और रूस में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उनकी साहसी लड़ाई के लिए शांति पुरस्कार दिया गया है. वे उन सभी पत्रकारों के प्रतिनिधि हैं जो एक ऐसी दुनिया में अपने आदर्शों के लिए खड़े हैं जिसमें लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता लगातार प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर रही है."
मारिया रेसा, लेखिका और फिलीपीन की ऑनलाइन न्यूज़ वेबसाइट रैपलर की सह-संस्थापक और सीईओ हैं. वहीं दिमित्री मुरातोव रूसी अखबार नोवाया गजेटा के एडिटर-इन-चीफ हैं. मारिया को जब नोर्वेजियन नोबल प्राइज कमेटी की ओर यह सूचना दी गई तो उनकी प्रतिक्रिया थी "मैं निःशब्द हूं."
गौरतलब है कि नोबेल समिति अब तक चिकित्सा, भौतकी और रसायन विज्ञान के लिए विजेताओं के नामों की घोषणा कर चुकी है.
नोबेल शांति पुरस्कार 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर दिया जाएगा. जिन्होंने अपनी वसीयत में इस पुरस्कार की स्थापना की बात कही थी. इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के तहत एक स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (11.4 लाख डॉलर से अधिक राशि) दी जाती है.
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