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एमजे अकबर की ‘घर’ वापसी, सौजन्य ज़ी मीडिया समूह
पूर्व केंद्रीय मंत्री और पत्रकार एमजे अकबर पर साल 2018 में कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. अब उन्होंने जी मीडिया के अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल वॉयन के जरिए एक बार फिर से न्यूज़रूम में वापसी की है. हालांकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर उनकी नियुक्ति की घोषणा नहीं की है, लेकिन अकबर 16 अगस्त से ही कंपनी की संपादकीय मीटिंग में हिस्सा ले रहे हैं.
वॉयन चैनल के एक कर्मचारी ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया, “जी मीडिया की नियंत्रक कंपनी एस्सेल ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा ने खुद ही चैनल के वरिष्ठ कर्मचारियों से अगस्त के दूसरे हफ्ते में अकबर से मिलवाया था.”
नाम नहीं छापने की शर्त पर एक दूसरे पत्रकार बताते हैं, “पिछले हफ्ते दोपहर की मीटिंग में वॉयन और ज़ी न्यूज के प्रधान संपादक सुधीर चौधरी ने कर्मचारियों से कहा कि एमजे अकबर अगले सोमवार से सुबह की बैठकों में भाग लेंगे. हमें बताया गया कि वह बतौर वाइस प्रेसिडेंट कंपनी ज्वाइन कर रहे हैं. अभी वह ऑनलाइन ही मीटिंग कर रहे हैं और ऑफिस नहीं आ रहे हैं.”
कर्मचारी ने आगे बताया, “सुधीर चौधरी ने साथ ही कहा कि अब से सुबह की मीटिंग में वह और सुभाष चंद्रा दोनों मीटिंग में हिस्सा लेंगे. अकबर के जुड़ने से कुछ लोग चितिंत हैं खासकर जूनियर कर्मचारी. हालांकि वे विरोध नहीं कर रहे लेकिन कानाफूसी कर रहे हैं.”
एक तीसरे पत्रकार ने भी अकबर की ज्वाइनिंग की पुष्टि करते हुए कहा, “ऑफिस में लोगों को बताया गया है कि अकबर अगले सप्ताह से बैठकों में भाग लेना शुरू कर देंगे. लेकिन अभी तक उनके ज्वाइन करने और उनकी भूमिका के बारे में कोई आधिकारिक ईमेल नहीं आया है.”
वॉयन के कर्मचारियों ने बताया कि अकबर जो पहले टेलीग्राफ, एशियन एज और संडे गार्जियन के एडिटर रह चुके हैं, उन्होंने अभी तक जितनी भी संपादकीय मीटिंग ज्वाइन की हैं, उनमें वह काफी सक्रिय रहे हैं साथ ही रिपोर्ट्स को लेकर आइडिया भी दिया. चंद्रा और चौधरी, जो आमतौर पर सुबह की बैठकों में शामिल नहीं होते थे, वह भी इस सप्ताह मीटिंग में रहे.
बता दें कि अकबर और चंद्रा दोनों का राजनीतिक संबंध बीजेपी से रहा है. वह राज्यसभा के सांसद हैं. अकबर ने साल 2016 में मीडिया मुगल (सुभाष चंद्रा) की जीवनी का विमोचन किया था.
साल 2018 में जब अकबर के साथ काम करने वाली प्रिया रमानी समेत कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया तो उन्हें विदेश राज्यमंंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था. मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अकबर ‘ओपन मैगजीन’ के लिए लिखते हैं.
पिछले हफ्ते, दिल्ली हाईकोर्ट ने रमानी को एक नोटिस जारी किया है. यह नोटिस अकबर द्वारा रमानी को आपराधिक मानहानि मामले में बरी होने के फैसले को चुनौती देने के बाद जारी किया गया.
जब न्यूज़लॉन्ड्री ने वॉयन में उनकी नई भूमिका के बारे जानने के लिए अकबर को संपर्क किया तो उन्होंने कहा, “वह इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहते.” उन्होंने इसके बारे में चंद्रा और चौधरी से पूछने के लिए कहा.
इसके बाद हमने सुधीर चौधरी को फोन कॉल और मैसेज किए, लेकिन उन्होंने भी हमें कोई जवाब अभी तक नहीं दिया है. हमने उन्हें और चंद्रा दोनों को ईमेल कर अकबर की नियुक्ति और चैनल में उनकी भूमिका की पुष्टि के बारे में सवाल किया है. जवाब आने पर इस रिपोर्ट में जोड़ दिया जाएगा.
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