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पांच सालों में 204 टीवी चैनल हुए बंद- केंद्र सरकार
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया कि पिछले पांच सालों में 204 टीवी चैनल बंद हुए हैं. इन चैनलों का संचालन कई तरह की शर्तों को पूरा नहीं करने के कारण हुआ है.
अनुराग ठाकुर ने बताया कि, इस साल 2020-21 में 22 चैनल्स को मंत्रालय की ओर से लाइसेंस की मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही मंत्रालय ने वर्ष 2016-17 में 60, वर्ष 2017-18 में 34, वर्ष 2018-19 में 56 और वर्ष 2019-20 में 50 टीवी चैनल्स को लाइसेंस दिए गए.
साल 2019-20 के मुकाबले 2020-21 में आधे से भी कम नए चैनल खुले हैं. उन्होंने बताया, ‘अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग गाइडलाइंस 2011’ के तहत सरकार द्वारा अब तक 916 प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनल्स को मंजूरी प्रदान की गई है.
अनुराग ठाकुर ने बताया, साल 2016 से 2020 के बीच सरकार ने टीवी चैनलों द्वारा प्रोग्राम कोड उल्लंघन पर 128 मामलों में कार्रवाई की.
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि, साल 2017-18 के बाद से 12805 आवदेन आरएनआई (रजिस्ट्रेशन ऑफ न्यूजपेपर्स ऑफ इंडिया) को मिले हैं.
समाचार संस्थानों को विज्ञापन के एवज में किए गए भुगतान के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि, यह एक हमेशा चलते रहने की प्रकिया है. समाचार संस्थानों को विज्ञापन के लिए भुगतान किया जाता है. साथ ही सूचना मंत्रालय सभी मंत्रालयों के साथ फॉलोअप भी करती रहती है.
बता दें कि समाचार संस्थानों के बकाए भुगतान से जुड़े एक आरटीआई में सामने आया था कि केंद्र सरकार द्वारा अखबारों में दिए गए विज्ञापन का 147 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है. जिसमें 2004 के विज्ञापन का बिल भी दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) के पास लंबित है.
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