Khabar Baazi
एनबीए ने नए आईटी नियमों से टीवी चैनलों के डिजिटल मीडिया के लिए मांगी छूट
न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से टेलीविजन समाचारों के डिजिटल मीडिया विंग को नई आईटी नियमों के दायरे से छूट देने को लेकर पत्र लिखा है.
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखे इस पत्र में, समाचार चैनलों के संघ ने कहा कि वह पहले से ही विभिन्न कानूनों, दिशानिर्देशों और विनियमों द्वारा "पर्याप्त रूप से स्व नियमन” है.
यदि इन संगठनों के डिजिटल मीडिया के लिए नए आईटी नियमों का विस्तार किया जाता है, तो एनबीए ने कहा, इसके परिणामस्वरूप न्यायिक और निवारण तंत्र का दोहराव होगा जिसके परिणामस्वरूप कई जांच एजेंसियां बनानी होगी. और प्रशासनिक नियम इसे लगभग असंभव बना देंगे.
एनबीए ने कहा, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित की जानी वाली अधिकांश सामग्री पहले ही टीवी पर प्रसारण का हिस्सा है जो विभिन्न नियमों को पास कर प्रसारित की जाती है. ऐसे में एनबीए के सदस्यों के संबंध में, क्योंकि उनके पास पहले से ही एक स्व-नियामक है. इसलिए हमें इससे छूट दी जाए.
पत्र में आगे कहा गया है कि नए आईटी नियमों में कुछ कमियां हैं और इसमें ‘अर्ध-सत्य’, ‘अच्छा स्वाद’, ‘सभ्यता’ जैसे शब्द शामिल हैं- ऐसे शब्दों के अर्थ ‘अस्पष्ट और महत्वाकांक्षी’ हैं.
बता दें कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को डिजिटल समाचार वेबसाइटों और ओटीटी प्लेटफार्मों को नोटिस जारी कर नए आईटी नियमों के अनुपालन की स्थिति के बारे में पूछा था.
गौरतलब है कि मार्च में ही डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन, जिसमें प्रिंट और टीवी मीडिया के डिजिटल विंग शामिल हैं, ने प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की और सरकार से आईटी नियमों के तहत हमें केवल डिजिटल मीडिया घरानों से अलग व्यवहार करने की मांग की थी.
Also Read
-
Newslaundry turns 14! Celebrate with our new campaign
-
TV Newsance 330 | Godi goes gaga over India-US ‘Daddy of All Deals’
-
Hafta 575: The Naravane book row, WaPo layoffs, and TM Krishna on ‘making democracy a culture’
-
Paisa and power can’t protect journalism: Why readers are the only safety net that works
-
From Watergate to watered-down: Every Indian journalist should read this piece