Newslaundry Hindi
उमाकांत लखेड़ा बने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के नए अध्यक्ष
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में हुए चुनावों के परिणाम रविवार शाम को जारी हो गए. अध्यक्ष पद के लिए लड़ रहे हिंदुस्तान के राष्ट्रीय ब्यरो प्रमुख रहे उमाकांत लखेड़ा ने अपने प्रतिद्वंदी द एशियन एज के ब्यूरो हेड संजय बसक को 97 वोटों से हरा दिया.
इन चुनावों में लखेड़ा-विनय-ज्योतिका पैनल ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और महासचिव पद पर जीत हासिल की है. सिर्फ कोषाध्यक्ष पद पर विपक्षी पैनल के सुधीर रंजन सेन ने जीत दर्ज की है. ब्लूमबर्ग के पत्रकार सेन ने दूरदर्शन की पत्रकार ज्योतिका ग्रोवर को 20 वोटों से हराया.
इस बार प्रेस क्लब ऑफ इंडिया का यह चुनाव बेहद दिलचस्प होने के साथ ही रोचक भी था क्योंकि पहली बार सत्ता पर काबिज एक पैनल (लखेड़ा-विनय-ज्योतिका) को विपक्षी पैनल ने कड़ी टक्कर दी है. इस चुनाव में ही वरिष्ठ पत्रकार पल्लवी घोष जो की उपाध्यक्ष के लिए चुनाव लड़ रही थीं उनका नॉमिनेशन रद्द करने का फर्जी हस्ताक्षर वाला पत्र इलेक्शन कमीशन के सामने आया था. हालांकि बाद में कमीशन ने पत्रकार से बात करने के बाद उनका नॉमिनेशन रद्द नहीं किया.
उपाध्यक्ष पद पर शाहिद अब्बास ने न्यूज़ 18 की सीनियर एडिटर पल्लवी घोष को 13 वोट से हरा दिया. पल्लवी को कुल 655 वोट मिले थे. वहीं सेक्रेटरी पद के लिए यूएनआई के विनय कुमार ने पत्रकार संतोष ठाकुर को 59 वोटों से हरा दिया. इस चुनाव में संतोष ठाकुर का मुगल गार्डन का नाम बदलने वाला ट्वीट भी चर्चा में रहा.
जॉइंट सेक्रेटरी पद पर डीएनए के पत्रकार रहे चंद्रशेखर लूथरा ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया के पत्रकार मानष प्रतिम गोहैन को 108 वोटों से शिकस्त दी. इन चुनावों में 16 पद मैनेजिंग कमेटी पद के लिए भी थे. जिसमें से लखेड़ा-विनय-ज्योतिका पैनल के 12 उम्मीदवारों को जीत मिली, वहीं संजय बसक पैनल के 4 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है.
संजय बसक पैनल की तरफ से मैनेजिंग कमेटी पद के लिए चुनाव लड़ रहे वरिष्ठ पत्रकार नितिन सेठी पर सबकी निगाहें टिकी थीं. हालांकि वह चुनाव नहीं जीत पाए, उन्हें कुल 436 वोट मिले.
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की राजनीति को समझने के लिए यह रिपोर्ट पढ़ें.
Also Read
-
TV Newsance 342 | Arnab wants manners, Sudhir wants you to stop eating
-
‘We’ve lost all faith’: Another NEET fiasco leaves aspiring doctors devastated
-
Census, Hunter, Eaton: Essential reading on the Bengali Muslim
-
South Central 75: Is it time to do away with NEET?
-
‘Aye dil hai mushkil…’: A look at Bombay through film songs