Newslaundry Hindi
रिपब्लिक टीवी को बार्क की रेटिंग सिस्टम से किया जाए बाहर- एनबीए
न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने अर्णब गोस्वामी और बार्क के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता की व्हाट्सएप चैट सामने आने के बाद बार्क को पत्र लिखकर रिपब्लिक टीवी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) को लिखे पत्र में एनबीए ने कहा, “हम (एनबीए) मांग करते हैं कि रिपब्लिक टीवी को आईबीएफ की सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निबलिंत किया जाना चाहिए, जब तक रेटिंग में हेराफेरी का यह मामला कोर्ट में लंबित है. एनबीए बोर्ड का यह भी मानना है कि रिपब्लिक टीवी द्वारा रेटिंग में की गई हेराफेरी से ब्राडकॉस्ट उद्योग की साख को बट्टा लगा है, इसलिए अदालत का आदेश ना आ जाने तक रिपब्लिक टीवी को बार्क की रेटिंग सिस्टम से बाहर रखा जाए.”
बार्क को लिखे इस पत्र में एनबीए द्वारा कई मुद्दो पर रिपब्लिक टीवी को घेरने की कोशिश की गई है. संस्था ने आगे लिखा, “बार्क की रेटिंग अब विश्वसनीय नहीं रही और इस खुलासे से साफ नजर आता है कि बार्क के अंदर मनमाने ढंग से कार्य किया जाता है साथ ही कुछ लोग अपनी मर्जी के मुताबिक रेटिंग में बदलाव की क्षमता रखते है.”
एनबीए ने कहा, “बार्क ऐसे संदिग्ध चरित्र वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे और जिन्होंने बार्क की विश्वसनीयता को नष्ट किया उनके खिलाफ कानूनी और पुलिस कार्रवाई हो. ऐसे लोग अपने गलत कार्य के नतीजों से बेखबर और बिना डर के अपना कारोबार अब भी कर रहे है.”
पत्र के अंत में 6 मुद्दों पर एनबीए, बार्क से कार्रवाई की मांग करता है साथ ही यह भी कहता है कि “बार्क द्वारा हर महीने जो गलत रेटिंग दी गई उससे ना सिर्फ न्यूज़ ब्राडकास्टर्स की प्रतिष्ठा का नुकसान हुआ बल्कि उन्हें आर्थिक नुकसान भी पहुंचा. इसलिए बार्क का यह फर्ज बनता है कि वह इस मामले पर स्पष्टीकरण दे.”
रिपब्लिक टीवी का जवाब
एनबीए की इस चिट्ठी पर रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी ने स्टेटमेंट जारी किया है. गोस्वामी ने कहा, “लुटियन्स चैनल्स की लॉबी रिपब्लिक टीवी के खिलाफ बार्क पर दवाब बनाने की कोशिश कर रही है जब कि मामला कोर्ट में चल रहा है. यह पूरा देश जानता है कि रिपब्लिक टीवी के खिलाफ राजनीति से प्ररित होकर कार्रवाई की जा रही है, उसे खत्म करने की कोशिश की जा रही है. मैं सरकार और देश की जनता से आग्रह करता हूं कि इस नाइंसाफी को रोका जाए.”
अर्णब ने आगे लिखा, “एक ऐसे समय में जब रिपब्लिक टीवी पाकिस्तान के अटैक का जवाब दे रहा है ऐसे में यह लुटियन्स मीडिया बार्क पर दवाब बना रहा है. क्या बार्क उन चैनलों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा जिनपर ईडी की जांच चल रही है, क्या उनकी रेटिंग भी संस्पेड की जाएगी? मैं सरकार और बार्क को भी पत्र लिख रहा हूं. देश की जनता रिपब्लिक टीवी के साथ इस बड़े षडयंत्र में साथ है.”
क्या हैं मामला
रिपब्लिक टीवी और अर्णब गोस्वामी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है. अन्वय नाईक आत्महत्या मामले में जमानत पर छूटे अर्णब का अब यह व्हाट्सएप चैट सामने आने के बाद एक बार फिर से वह सभी के निशाने पर हैं.
बार्क के पूर्व सीईओ के साथ मिलकर टीआरपी में छेड़छाड़ करने के उनके चैट्स सामने आने के बाद एनबीए और अन्य संस्थाएं रिपब्लिक टीवी पर हमलावर हो गई हैं. अर्णब ने अपने चैट में कहीं राहुल गांधी पर कटाक्ष किया तो कहीं अपने प्रतिद्वंदी चैनलों के मालिकों को मूर्ख बताया.
इस बातचीत में सबसे ज़्यादा निशाने पर टाइम्स नाउ और रजत शर्मा थे. दासगुप्ता और अर्णब दोनों टाइम्स नाउ में रह चुके हैं. इसके अलावा पत्रकार जैसे, राजदीप सरदेसाई को लेकर कहा गया कि वो अपनी नौकरी खो रहा है. अरुण पुरी को कांग्रेस प्रोपेगेंडा मशीन का हिस्सा बताया गया. रजत शर्मा को मूर्ख और राहुल शिवशंकर को गधा बोलते नज़र आ रहे हैं.
इन चैट्स में बालाकोट एयर स्ट्राइक से तीन दिन पहले किसी बड़ी स्ट्राइक का जिक्र भी है. बातचीत में अर्णब कहते हैं कि 'कुछ बड़ा' होने वाला है, जिसके बाद जब पार्थो पूछते हैं क्या यह दाऊद के बारे में है तो वह जवाब देते हैं, ''नहीं सर, पाकिस्तान. इस बार कुछ अहम होने जा रहा है.'' पार्थो दासगुप्ता अगले जवाब में स्ट्राइक का जिक्र करते हैं तो अर्णब कहते हैं, ''नॉर्मल स्ट्राइक से बड़ी स्ट्राइक होने वाली है और उसी समय कुछ कश्मीर में भी अहम होगा.''
इस चैट के सामने के बाद एक ओर जहां कांग्रेस ने रिपब्लिक टीवी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, वहीं इस मामले में जेपीसी जांच की मांग भी की.
इस मामले से जुड़ी सभी रिपोर्ट को न्यूज़लॉन्ड्री पर पढ़ें.
न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने अर्णब गोस्वामी और बार्क के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता की व्हाट्सएप चैट सामने आने के बाद बार्क को पत्र लिखकर रिपब्लिक टीवी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) को लिखे पत्र में एनबीए ने कहा, “हम (एनबीए) मांग करते हैं कि रिपब्लिक टीवी को आईबीएफ की सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निबलिंत किया जाना चाहिए, जब तक रेटिंग में हेराफेरी का यह मामला कोर्ट में लंबित है. एनबीए बोर्ड का यह भी मानना है कि रिपब्लिक टीवी द्वारा रेटिंग में की गई हेराफेरी से ब्राडकॉस्ट उद्योग की साख को बट्टा लगा है, इसलिए अदालत का आदेश ना आ जाने तक रिपब्लिक टीवी को बार्क की रेटिंग सिस्टम से बाहर रखा जाए.”
बार्क को लिखे इस पत्र में एनबीए द्वारा कई मुद्दो पर रिपब्लिक टीवी को घेरने की कोशिश की गई है. संस्था ने आगे लिखा, “बार्क की रेटिंग अब विश्वसनीय नहीं रही और इस खुलासे से साफ नजर आता है कि बार्क के अंदर मनमाने ढंग से कार्य किया जाता है साथ ही कुछ लोग अपनी मर्जी के मुताबिक रेटिंग में बदलाव की क्षमता रखते है.”
एनबीए ने कहा, “बार्क ऐसे संदिग्ध चरित्र वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे और जिन्होंने बार्क की विश्वसनीयता को नष्ट किया उनके खिलाफ कानूनी और पुलिस कार्रवाई हो. ऐसे लोग अपने गलत कार्य के नतीजों से बेखबर और बिना डर के अपना कारोबार अब भी कर रहे है.”
पत्र के अंत में 6 मुद्दों पर एनबीए, बार्क से कार्रवाई की मांग करता है साथ ही यह भी कहता है कि “बार्क द्वारा हर महीने जो गलत रेटिंग दी गई उससे ना सिर्फ न्यूज़ ब्राडकास्टर्स की प्रतिष्ठा का नुकसान हुआ बल्कि उन्हें आर्थिक नुकसान भी पहुंचा. इसलिए बार्क का यह फर्ज बनता है कि वह इस मामले पर स्पष्टीकरण दे.”
रिपब्लिक टीवी का जवाब
एनबीए की इस चिट्ठी पर रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी ने स्टेटमेंट जारी किया है. गोस्वामी ने कहा, “लुटियन्स चैनल्स की लॉबी रिपब्लिक टीवी के खिलाफ बार्क पर दवाब बनाने की कोशिश कर रही है जब कि मामला कोर्ट में चल रहा है. यह पूरा देश जानता है कि रिपब्लिक टीवी के खिलाफ राजनीति से प्ररित होकर कार्रवाई की जा रही है, उसे खत्म करने की कोशिश की जा रही है. मैं सरकार और देश की जनता से आग्रह करता हूं कि इस नाइंसाफी को रोका जाए.”
अर्णब ने आगे लिखा, “एक ऐसे समय में जब रिपब्लिक टीवी पाकिस्तान के अटैक का जवाब दे रहा है ऐसे में यह लुटियन्स मीडिया बार्क पर दवाब बना रहा है. क्या बार्क उन चैनलों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा जिनपर ईडी की जांच चल रही है, क्या उनकी रेटिंग भी संस्पेड की जाएगी? मैं सरकार और बार्क को भी पत्र लिख रहा हूं. देश की जनता रिपब्लिक टीवी के साथ इस बड़े षडयंत्र में साथ है.”
क्या हैं मामला
रिपब्लिक टीवी और अर्णब गोस्वामी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है. अन्वय नाईक आत्महत्या मामले में जमानत पर छूटे अर्णब का अब यह व्हाट्सएप चैट सामने आने के बाद एक बार फिर से वह सभी के निशाने पर हैं.
बार्क के पूर्व सीईओ के साथ मिलकर टीआरपी में छेड़छाड़ करने के उनके चैट्स सामने आने के बाद एनबीए और अन्य संस्थाएं रिपब्लिक टीवी पर हमलावर हो गई हैं. अर्णब ने अपने चैट में कहीं राहुल गांधी पर कटाक्ष किया तो कहीं अपने प्रतिद्वंदी चैनलों के मालिकों को मूर्ख बताया.
इस बातचीत में सबसे ज़्यादा निशाने पर टाइम्स नाउ और रजत शर्मा थे. दासगुप्ता और अर्णब दोनों टाइम्स नाउ में रह चुके हैं. इसके अलावा पत्रकार जैसे, राजदीप सरदेसाई को लेकर कहा गया कि वो अपनी नौकरी खो रहा है. अरुण पुरी को कांग्रेस प्रोपेगेंडा मशीन का हिस्सा बताया गया. रजत शर्मा को मूर्ख और राहुल शिवशंकर को गधा बोलते नज़र आ रहे हैं.
इन चैट्स में बालाकोट एयर स्ट्राइक से तीन दिन पहले किसी बड़ी स्ट्राइक का जिक्र भी है. बातचीत में अर्णब कहते हैं कि 'कुछ बड़ा' होने वाला है, जिसके बाद जब पार्थो पूछते हैं क्या यह दाऊद के बारे में है तो वह जवाब देते हैं, ''नहीं सर, पाकिस्तान. इस बार कुछ अहम होने जा रहा है.'' पार्थो दासगुप्ता अगले जवाब में स्ट्राइक का जिक्र करते हैं तो अर्णब कहते हैं, ''नॉर्मल स्ट्राइक से बड़ी स्ट्राइक होने वाली है और उसी समय कुछ कश्मीर में भी अहम होगा.''
इस चैट के सामने के बाद एक ओर जहां कांग्रेस ने रिपब्लिक टीवी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, वहीं इस मामले में जेपीसी जांच की मांग भी की.
इस मामले से जुड़ी सभी रिपोर्ट को न्यूज़लॉन्ड्री पर पढ़ें.
Also Read
-
TV Newsance 334 | Kerala Story 2 and the Baniyan Panic
-
Plot twist! The ‘Real Kerala Story’: Keralites converting to Hinduism more than Islam
-
The story behind the viral video that exposed a TV newsroom’s internal war
-
Media can’t kill India’s colonial mindset if it bows before VIPs
-
Hafta Letters: Limited AI discussion, subscribing to NL despite losing job, and grilling Hardeep Puri