Newslaundry Hindi
अवमानना मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने हाईकोर्ट से कार्यवाही रोकने का किया अनुरोध
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने बृहस्पतिवार को दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि वह जी न्यूज द्वारा उनके खिलाफ निचली अदालत में दायर अवमानना मामले में कार्यवाही पर रोक लगाए.
ज़ी मीडिया ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि वह 18 फरवरी तक महुआ मोइत्रा के खिलाफ अपने मानहानि मामले में ट्रायल कोर्ट के समक्ष साक्ष्य दर्ज नहीं करेगा. इस मामले में जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने जी मीडिया के वकील और एडवाइजर का बयान दर्ज किया.
बता दें कि अदालत इस मामले में सम्मन और उसके बाद की कार्यवाही के लिए महुआ मोइत्रा की चुनौती पर सुनवाई कर रही थी. अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी.
मालूम हो कि जुलाई में लोकसभा सांसद मोइत्रा ने ज़ी न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया था. मानहानि का यह मामला संसद में 25 जून को मोइत्रा द्वारा दिये गए बयान को लेकर चैनल पर दिखाए गए एक कार्यक्रम के संबंध में दर्ज कराया गया था. इसके बाद ज़ी न्यूज ने भी मोइत्रा के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत में महुआ मोइत्रा पर न्यूज चैनल को बदनाम करने का आरोप लगाया गया था.
सुधीर चौधरी ने मोइत्रा के भाषण को चोरी बताते हुए उन पर नकल का आरोप लगाया था और बाकायदा इस पर एक शो भी किया था. इसमें आरोप लगाया कि एक अमेरिकी राजनीतिक कमेंटेटर मार्टिन लांगमैन के शब्दों की चोरी महुआ मोइत्रा ने की है. हालांकि सुधीर चौधरी के आरोपों के बाद अमेरिकी कमेंटेटर मार्टिन लांगमैन खुद सामने आए और ट्विटर पर उन्होंने दक्षिणपंथ को गाली देते हुए महुआ मोइत्रा का पक्ष लिया.
एक ट्वीट में उन्होंने लिखा है, "मैं इंटरनेट पर भारत में भी चर्चित हो गया हूं, क्योंकि एक राजनेता पर मेरे शब्दों का प्रयोग करने का झूठा आरोप लगाया जा रहा है. यह एक हास्यास्पद हरकत है लेकिन दक्षिणपंथी का हर एक देश में पाया जाना समान है."
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने बृहस्पतिवार को दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि वह जी न्यूज द्वारा उनके खिलाफ निचली अदालत में दायर अवमानना मामले में कार्यवाही पर रोक लगाए.
ज़ी मीडिया ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि वह 18 फरवरी तक महुआ मोइत्रा के खिलाफ अपने मानहानि मामले में ट्रायल कोर्ट के समक्ष साक्ष्य दर्ज नहीं करेगा. इस मामले में जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने जी मीडिया के वकील और एडवाइजर का बयान दर्ज किया.
बता दें कि अदालत इस मामले में सम्मन और उसके बाद की कार्यवाही के लिए महुआ मोइत्रा की चुनौती पर सुनवाई कर रही थी. अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी.
मालूम हो कि जुलाई में लोकसभा सांसद मोइत्रा ने ज़ी न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया था. मानहानि का यह मामला संसद में 25 जून को मोइत्रा द्वारा दिये गए बयान को लेकर चैनल पर दिखाए गए एक कार्यक्रम के संबंध में दर्ज कराया गया था. इसके बाद ज़ी न्यूज ने भी मोइत्रा के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत में महुआ मोइत्रा पर न्यूज चैनल को बदनाम करने का आरोप लगाया गया था.
सुधीर चौधरी ने मोइत्रा के भाषण को चोरी बताते हुए उन पर नकल का आरोप लगाया था और बाकायदा इस पर एक शो भी किया था. इसमें आरोप लगाया कि एक अमेरिकी राजनीतिक कमेंटेटर मार्टिन लांगमैन के शब्दों की चोरी महुआ मोइत्रा ने की है. हालांकि सुधीर चौधरी के आरोपों के बाद अमेरिकी कमेंटेटर मार्टिन लांगमैन खुद सामने आए और ट्विटर पर उन्होंने दक्षिणपंथ को गाली देते हुए महुआ मोइत्रा का पक्ष लिया.
एक ट्वीट में उन्होंने लिखा है, "मैं इंटरनेट पर भारत में भी चर्चित हो गया हूं, क्योंकि एक राजनेता पर मेरे शब्दों का प्रयोग करने का झूठा आरोप लगाया जा रहा है. यह एक हास्यास्पद हरकत है लेकिन दक्षिणपंथी का हर एक देश में पाया जाना समान है."
Also Read
-
Too big, too costly, too far: Delhi’s new protest sites put to the test
-
‘People scared of economics’: Sarthak Pradhan on your money, GST and Fiscal Fables
-
Ex-ISRO chairman on privatisation and what left the space community ‘alarmed’
-
स्वर्ग में चायवाले की टपरी पर एसआईआर की चर्चा और टीएन शेषन की एंट्री
-
No, Neha Bora did not call for Bangladesh-like situation in India; viral claim misses important context