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अन्वय नाइक आत्महत्या मामले में अर्णब गोस्वामी के खिलाफ दायर चार्जशीट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान
अलीबाग न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पत्रकार अर्णब गोस्वामी और दो अन्य के खिलाफ पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए तीनों को अगले महीने सात जनवरी को पेश होने का निर्देश दिया है.
रायगढ़ पुलिस ने 4 दिसंबर को अन्वय नाईक आत्महत्या मामले में चार्जशीट दायर की थी. जिसपर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने यह फैसला दिया है. वहीं अर्णब गोस्वामी के वकील अबाद पोंडा ने हाईकोर्ट को यह जानकारी देते हुए आरोप-पत्र के खिलाफ दायर याचिका में संसोधन की अनुमति मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंज़ूर कर लिया है.
बता दें कि अर्णब गोस्वामी ने दायर आरोप-पत्र पर संज्ञान लेने से मजिस्ट्रेट कोर्ट पर रोक लगाने की मांग की थी. हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह आरोप पत्र की कॉपी अर्णब गोस्वामी को मुहैया कराए, साथ ही मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी तक टाल दी है.
टीआरपी मामला
अर्णब गोस्वामी और रिपब्लिक मीडिया ग्रुप के खिलाफ दर्ज टीआरपी छेड़छाड़ मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने इस मामले में रिपब्लिक टीवी के कर्मचारियों को राहत देते हुए 6 जनवरी तक किसी भी पुलिस कार्रवाई पर रोक लगा दी है.
दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आबाद पोंडा ने प्रकरण को लेकर मुंबई पुलिस की ओर से दायर किए गए आरोपपत्र में खामियों को उजागर किया था. उन्होंने कहा था कि पुलिस इस मामले में रिपब्लिक टीवी के चलाने वालों और मालिक सहित संबंधित व्यक्ति के नाम पर मनमाने तरीके से गिरफ्तारियां कर रही है. जो पूरी तरह अवैध हैं.
न्यायमूर्ति एसएस शिंदे व न्यायमूर्ति एमएस कर्णिक की खंडपीठ के सामने सुनवाई हुई. इस दौरान महाराष्ट्र सरकार की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने कहा कि पुलिस इस मामले में अपनी जांच जारी रखेगी, लेकिन 6 जनवरी 2021 तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं करेगी.
बता दें कि मुंबई की स्थानीय अदालत ने टीआरपी मामले में आरोपी रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विकास खानचंदनी को जमानत दे दी है. खानचंदनी को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के अंतर्गत आने वाले क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट ने इस मामले में रविवार को गिरफ्तार किया था.
अलीबाग न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पत्रकार अर्णब गोस्वामी और दो अन्य के खिलाफ पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए तीनों को अगले महीने सात जनवरी को पेश होने का निर्देश दिया है.
रायगढ़ पुलिस ने 4 दिसंबर को अन्वय नाईक आत्महत्या मामले में चार्जशीट दायर की थी. जिसपर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने यह फैसला दिया है. वहीं अर्णब गोस्वामी के वकील अबाद पोंडा ने हाईकोर्ट को यह जानकारी देते हुए आरोप-पत्र के खिलाफ दायर याचिका में संसोधन की अनुमति मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंज़ूर कर लिया है.
बता दें कि अर्णब गोस्वामी ने दायर आरोप-पत्र पर संज्ञान लेने से मजिस्ट्रेट कोर्ट पर रोक लगाने की मांग की थी. हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह आरोप पत्र की कॉपी अर्णब गोस्वामी को मुहैया कराए, साथ ही मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी तक टाल दी है.
टीआरपी मामला
अर्णब गोस्वामी और रिपब्लिक मीडिया ग्रुप के खिलाफ दर्ज टीआरपी छेड़छाड़ मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने इस मामले में रिपब्लिक टीवी के कर्मचारियों को राहत देते हुए 6 जनवरी तक किसी भी पुलिस कार्रवाई पर रोक लगा दी है.
दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आबाद पोंडा ने प्रकरण को लेकर मुंबई पुलिस की ओर से दायर किए गए आरोपपत्र में खामियों को उजागर किया था. उन्होंने कहा था कि पुलिस इस मामले में रिपब्लिक टीवी के चलाने वालों और मालिक सहित संबंधित व्यक्ति के नाम पर मनमाने तरीके से गिरफ्तारियां कर रही है. जो पूरी तरह अवैध हैं.
न्यायमूर्ति एसएस शिंदे व न्यायमूर्ति एमएस कर्णिक की खंडपीठ के सामने सुनवाई हुई. इस दौरान महाराष्ट्र सरकार की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने कहा कि पुलिस इस मामले में अपनी जांच जारी रखेगी, लेकिन 6 जनवरी 2021 तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं करेगी.
बता दें कि मुंबई की स्थानीय अदालत ने टीआरपी मामले में आरोपी रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विकास खानचंदनी को जमानत दे दी है. खानचंदनी को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के अंतर्गत आने वाले क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट ने इस मामले में रविवार को गिरफ्तार किया था.
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