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न्यूज़लॉन्ड्री ने जीते तीन लाडली मीडिया पुरस्कार
न्यूज़लॉन्ड्री ने एक बार फिर से अपनी पत्रकारिता के लिए वाहवाही बटोरी है. इस बार, क्षेत्रीय लाडली मीडिया और एडवरटाइजिंग अवॉर्ड फॉर जेंडर सेंसिटिविटी 2020 अवॉर्ड में मो. असग़र ख़ान को बलात्कार के बाद जन्मी बच्ची की कीमत 15 हजार?" और चेरी अग्रवाल को अंग्रेजी रिपोर्ट एन एनाटॉमी ऑफ आप-एड एंड एडिटोरियल पेज रिपोर्ट के लिए इस खिताब से सम्मानित किया गया है. वहीं रितिका को हिंदी वेब: न्यूज़ रिपोर्ट कैटेगरी में चिल्ड्रेन ऑफ वॉर’ की याद दिलाती हिबा निसार रिपोर्ट के लिए नवाजा गया है. इन पुरस्कारों की घोषणा शुक्रवार को एक ऑनलाइन समारोह में किया गया.
बता दें कि यह चौथा, पांचवा और छठा लाडली पुरस्कार है जिसे न्यूज़लॉन्ड्री ने जीता है. इससे पहले न्यूज़लॉन्ड्री को 2015 और 2018 में जेंडर सेंसिटिविटी के लिए लाडली मीडिया अवॉर्ड और 2019 में जेंडर सेंसिटिव जर्नलिज्म के लिए मीडिया अवॉर्ड मिला था.
लगातार इस तरह की बहुमूल्य पत्रकारिता करना महंगा और जोखिम भरा काम है. इसके बावजूद भी न्यूज़लॉन्ड्री सरकारों या निजी कंपनियों से विज्ञापन नहीं लेता है. यानी यह एक विज्ञापन फ्री प्लेटफॉर्म है. हम अपनी रिपोर्ट, मीडिया क्रिटिक, इंटरव्यू, पॉडकास्ट और अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए हम अपने पाठकों और उनकी सदस्यता पर निर्भर हैं. ऐसे में जब सीधे जनता भुगतान करती है तो फिर उनकी सेवा भी की जाती है. और जब विज्ञापनदाता भुगतान करते हैं तो फिर विज्ञापनदाता की सेवा की जाती है. इसलिए न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करें और गर्व से कहें मेरे ख़र्च पर आजाद हैं ख़बरें.
न्यूज़लॉन्ड्री ने एक बार फिर से अपनी पत्रकारिता के लिए वाहवाही बटोरी है. इस बार, क्षेत्रीय लाडली मीडिया और एडवरटाइजिंग अवॉर्ड फॉर जेंडर सेंसिटिविटी 2020 अवॉर्ड में मो. असग़र ख़ान को बलात्कार के बाद जन्मी बच्ची की कीमत 15 हजार?" और चेरी अग्रवाल को अंग्रेजी रिपोर्ट एन एनाटॉमी ऑफ आप-एड एंड एडिटोरियल पेज रिपोर्ट के लिए इस खिताब से सम्मानित किया गया है. वहीं रितिका को हिंदी वेब: न्यूज़ रिपोर्ट कैटेगरी में चिल्ड्रेन ऑफ वॉर’ की याद दिलाती हिबा निसार रिपोर्ट के लिए नवाजा गया है. इन पुरस्कारों की घोषणा शुक्रवार को एक ऑनलाइन समारोह में किया गया.
बता दें कि यह चौथा, पांचवा और छठा लाडली पुरस्कार है जिसे न्यूज़लॉन्ड्री ने जीता है. इससे पहले न्यूज़लॉन्ड्री को 2015 और 2018 में जेंडर सेंसिटिविटी के लिए लाडली मीडिया अवॉर्ड और 2019 में जेंडर सेंसिटिव जर्नलिज्म के लिए मीडिया अवॉर्ड मिला था.
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