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त्रिपुरा सरकार के घोटाले की खबर छापने पर अखबार की हजारों प्रतियां जलाईं
भाजपा शासित राज्य त्रिपुरा में कथित भ्रष्टाचार की रिपोर्ट छापने पर समाचार पत्र की तकरीबन 6000 प्रतियों को नष्ट करने का मामला सामना आया है. अखबार में राज्य के कृषि विभाग के कथित भ्रष्टाचार की रिपोर्ट प्रकाशित की गईं थी. जिसमें अन्य लोगों के साथ कृषि मंत्री प्रणजीत एस राय का नाम सामने आने की बात भी सामने आई है.
यह घटना शनिवार 7 नवंबर को तब घटी जब सुबह बसों से विभिन्न जिलों में ‘प्रतिबादी कलम’ अखबार की करीब 6,000 प्रतियां भेजी जा रही थीं. तभी कुछ लोगों के समूह नें गोमती जिले के उदयपुर में बसों में लादकर ले जाई जा रही इन प्रतियों को जबरदस्ती नष्ट कर दिया. उनमें से आधी प्रतियों को जला दिया गया जबकि शेष को फाड़कर फेंक दिया गया.
बंगाली दैनिक ‘प्रतिबादी कलम’ नामक अखबार ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर घटना के संबंध में कई ट्वीट कर इस बाबत जानकारी दी थी.
ट्वीट के साथ लिखा था, “सुबह 7 बजे बसों में भरकर तीन जिलों को ले जाई जा रहीं हजारों अखबार की कॉपियों को 30-40 लोगों के समूह ने जबरदस्ती बस से उतार लिया, और उन्हें फाड़कर, जलाकर नष्ट कर दिया.” इसमें फटी और जली प्रतियों के फोटो के साथ गृह मंत्रालय और कुछ बड़े मीडिया हाउस को भी टैग किया गया है.
अखबार के संपादक अनोल रॉय चौधरी का कहना है कि, "दैनिक समाचार पत्र ने कृषि विभाग में कथित रूप से 150 करोड़ रुपये के घोटाले के संबंध में पिछले तीन दिनों में रिपोर्ट की एक शृंखला प्रकाशित की. कृषि मंत्री प्रणजीत सिंह राय का नाम भी इस घोटाले में है. यह उसी का परिणाम है." गोमती के पुलिस अधीक्षक लकी चौहान के मुताबिक, "उदयपुर के राधाकिशोरपुर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, अपराधियों की पहचान की जा रही है. दोषी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा."
उधर अगरतला प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने पुलिस उप-महानिरीक्षक सौमित्र धर से मुलाकात की और इस घटना के लिए दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
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