Newslaundry Hindi
बिहार चुनाव: नीतीश से ज्यादा बीजेपी पर हमलावर दिखे सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य
बिहार विधानसभा चुनाव में सीपीआई (एमएल) भी महागठबंधन का हिस्सा है. सीपीआई (एमएल) बिहार में 19 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि 2015 में पार्टी ने तीन सीटें जीती थीं. पार्टी महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने न्यूज़लॉन्ड्री से बात करते हुए भाजपा और उसके सहयोगी दल जनता दल (यू) पर जमकर हमला बोला है.
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि "शुरुआत में भाजपा को लग ही नहीं रहा था कि बिहार में उनकी किसी से लड़ाई भी है. लेकिन अब महागठबंधन को देखकर वह बौखला गई है." उन्होंने कहा कि "यह नौजवानों का चुनाव है, उनका मुद्दा रोजगार है. बीजेपी और जेडीयू अब थके हारे दिख रहे हैं. चुनाव में भी ऐसी बातें कर रहे हैं जिसका चुनाव और बिहार के युवाओं से कोई लेना देना ही नहीं है. बिहार की जनता बदलाव के लिए तैयार है. यह जनादेश बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश की जनता के लिए निर्णायक जनादेश होगा."
उन्होंने कहा कि "लॉकडाउन ने बीजेपी की पोल खोल कर रख दी है. लॉकडाउन में प्रवासियों को पीड़ा के साथ-साथ उनका अपमान भी हुआ है. विकास का मतलब रोजगार, शिक्षा और लोगों का स्वाभिमान और सम्मान भी होता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी चुनाव प्रचार में आ रहे हैं और कह रहे हैं कि देखों हमने कश्मीर से 370 हटा दिया है, और लोग अब कश्मीर में जाकर जमीन खरीद सकते हैं. जबकि यहां लोग जमीनों से बेदखल हो रहे हैं. ये लोग शहर और गांव में जो लोग झोपड़ियों में रह रहे हैं उनके ढहाने का काम कर रहे हैं. ऐसा करके यह लोगों के साथ मजाक और जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं."
उन्होंने कहा कि "अगर 90 के दशक में जंगल राज था तो आज यूपी में योगीआदित्यनाथ के राज में जो चल रहा है वह क्या है, वह तो सुपर जंगल राज है. हाथरस में क्या हुआ. पीड़िता मौत से पहले बयान देकर गई है कि दबंगों ने उसके साथ क्या किया, लेकिन ये क्या कर रहे हैं रात के अंधेरे में पेट्रोल छिड़कर उसे जला देते हैं. मौत का भी एक सम्मान होता है और वह हर मजहब में होता है."
भट्टाचार्य ने आगे कहा "भाजपा पार्टी से पूरा हिंदुस्तान डरा हुआ है ये कह रहे हैं कि महागठबंधन के जीतने से आंतकवाद आ जाएगा. जबकि आतंकवाद का कारोबार नरेंद्र मोदी कर रहे हैं. इनसे कौन आतंकित नहीं है, इनसे किसान, बेरोजगार, महिलाएं सभी आतंकित हैं. योगी राज में मुठभेड़, मॉब लिंचिंग और फेक एकाउंटर का सिलसिला शुरू हुआ है. जिसमें कई बेगुनाह मारे गए हैं."
आगे उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में संविधान खतरे में है. इस दौरान दीपांकर भट्टाचार्य ने हमारे संवाददाता बसंत कुमार से खास बातचीत में और भी बहुत कुछ बातें शेयर की हैं.
देखिए ये पूरी बातचीत.
***
यह स्टोरी एनएल सेना सीरीज का हिस्सा है, जिसमें हमारे 99 पाठकों ने योगदान दिया. आप भी हमारे बिहार इलेक्शन 2020 सेना प्रोजेक्ट को सपोर्ट करें और गर्व से कहें 'मेरे खर्च पर आज़ाद हैं ख़बरें'.
Also Read
-
Anatomy of a ‘conspiracy’: How UP cops turned a wage protest into a national security case
-
A Delhi SIR mystery: 728 of 729 voters deleted in booth, poll official says their homes ‘unauthorised’
-
Nepal flash floods: When disaster becomes content
-
‘Once they see the money, they keep building’: Inside Delhi’s PG ecosystem built on a hostel shortage
-
एनएल चर्चा 440: ब्रिक्स के मंच पर वैश्विक नेता, मणिपुरी संगीतकार चांगथम विक्रम की हत्या और दिल्ली में दर्दनाक पीजी हादसा