Newslaundry Hindi
11 डिजिटल मीडिया संस्थानों ने मिलकर बनाया डिजीपब न्यूज़ इंडिया फाउंडेशन
डिजिटल मीडिया और केवल डिजिटल माध्यम के समाचार संस्थानों के अत्यधिक विस्तार के बावजूद भारत में अभी तक कोई भी ऐसी संस्था नहीं थी जो उनका प्रतिनिधित्व कर सके. केवल डिजिटल क्षेत्र में पत्रकारिता और समाचार संस्थाओं के प्रतिनिधित्व, उनके हितों की रक्षा और डिजिटल क्षेत्र में अच्छी पत्रकारिता को सभी प्रकार से पोषित करने के लिए आज डिजीपब न्यूज़ इंडिया संस्था की आधिकारिक रूप से दिल्ली में घोषणा हुई. डिजीपब न्यूज़ इंडिया प्रतिष्ठान अपने आप को एक ऐसी संस्था के रूप में परिभाषित करता है जिसके संस्थापक और सदस्य केवल डिजिटल क्षेत्र में खबरों की दुनिया से वास्ता रखते हैं.
डिजीपब न्यूज़ मीडिया फाउंडेशन की स्थापना
घोषणा पत्र के मुताबिक संस्था का उदेश्य, देश के अंदर डिजिटल क्षेत्र में काम करने वाले पत्रकारों के लिए एक स्वस्थ और मजबूत तंत्र को खड़ा करना है. यह संस्था इस विचार से खड़ी की गई है कि परंपरागत मीडिया और डिजिटल मीडिया के हित और लक्ष्य हमेशा समान नहीं होते. यह अंतर किसी भी संस्थान के व्यवसायिक तंत्र, तकनीकी समझ और क्षमता से लेकर पत्रकारिता की परिभाषा तक बहुआयामी हो सकते हैं. ऐसे में डिजिटल क्षेत्र में खबरों की प्रतिबद्धता और स्वतंत्रता के हितों की रक्षा के लिए डिजीपब न्यूज़ इंडिया प्रतिष्ठान को स्वरूप दिया गया है.
इस संस्था का सबसे विशिष्ट पहलू यह है कि इसके संस्थापन के आधार मूल्य में से केवल मीडिया संस्थानों को ही डिजिटल समाचार तंत्र का प्रतिनिधि नहीं मानता. संस्था विश्वास रखती है कि भारत के समाचार जगत में स्वतंत्र पत्रकारों के अथक और दुष्कर परिस्थितियों में किए गए योगदान को इस तंत्र में सही जगह मिले. इसीलिए डिजीपब न्यूज़ इंडिया प्रतिष्ठान की सदस्यता डिजिटल क्षेत्र में काम करने वाले स्वतंत्र पत्रकारों के लिए भी खुली है.
डिजिटल न्यूज़ इंडिया फाउंडेशन की शुरुआत 11 डिजिटल समाचार संस्थानों ने साथ मिलकर की है.
यह संस्था परंपरागत मीडिया के सभी अच्छे मूल्यों और कार्यप्रणाली को अपनाएगा और उन्हें प्रमुख रूप से डिजिटल क्षेत्र में उपयोग के लिए आवश्यकतानुसार ढालेगा. डिजिटल क्षेत्र में पत्रकारिता और समाचार संस्थानों की, देश की प्रगति में अभूतपूर्व योगदान कर सकने की संभावनाएं हैं. डिजीपब न्यूज़ मीडिया फाउंडेशन की स्थापना आने वाले इस योगदान को सकारात्मक और किसी भी व्यक्तिगत या संस्थागत हित से पृथक रखने के लिए की गई है.
Also Read
-
A flagship 2024 promise, a 99% shortfall: PM internship scheme spent nearly as much on ads as interns
-
The story of the Parliament march, told hour by hour
-
‘Told my father to quit police job’: Inside Ram Manohar Lohia Hospital after the Parliament march
-
Nepal reference, Pak ‘link’, and opposition conspiracy theories: How TV anchors spun the July 20 march
-
सोनम वांगचुक की हिरासत से संसद मार्च तक: 72 घंटों का सिलसिलेवार ब्यौरा