Newslaundry Hindi
बिहार चुनाव: गया के मज़दूर क्यों हैं पीएम मोदी और नीतीश कुमार से खफा?
बिहार चुनाव में रोजगार और लॉकडाउन में घर लौटे मज़दूर एक बड़ा चुनावी मुद्दा हैं. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का दावा है कि उसने प्रदेश में रोजगार का सृजन किया और लॉकडाउन में लौटे मज़दूरों को कई तरह की सहूलियतें दी गईं. लेकिन आंकड़े कुछ और गवाही देते हैं. दूसरी तरफ विपक्ष भी सरकार पर रोजगार नहीं देने और बिहार से बाहर फंसे मज़दूरों को वापस बुलाने पर आनाकानी करने का आरोप लगा रहा है.
न्यूजलॉन्ड्री ने अपनी चुनावी यात्रा के दौरान गया के बाटा चौक पर काम की तलाश में पहुंचे मज़दूरों से बात की. यहां हर रोज सैकड़ों की संख्या में मज़दूर काम की तलाश में पहुंचते हैं. ये मज़दूर गया और उसके आसपास के इलाकों के रहने वाले हैं. ज़्यादातर मजदूरों की बातचीत में नीतीश सरकार से नाराजगी झलकती है. लोगों ने आरोप लगाया कि ये सरकार रोजगार नहीं दे पायी, इसलिए हमें भूखा रहना पड़ रहा है.
नीतीश कुमार के सत्ता में लौटने के सवाल पर ज्यादातर मज़दूरों का कहना था कि इस बार नीतीश कुमार सत्ता में नहीं पहुंच पाएंगे.
***
यह स्टोरी एनएल सेना सीरीज का हिस्सा है, जिसमें हमारे 34 पाठकों ने योगदान दिया. आप भी हमारे बिहार इलेक्शन 2020 सेना प्रोजेक्ट को सपोर्ट करें और गर्व से कहें 'मेरे खर्च पर आज़ाद हैं ख़बरें'.
देखें ये वीडियो रिपोर्ट.
Also Read
-
66 stations, 98 daily calls, 80% station officers unrecruited: Inside Delhi’s fire service crisis
-
Tirupati laddu row: What the SIT report finally says
-
Indore school holds annual day separately. One for Muslim students. Another for Hindu students
-
Newslaundry turns 14! Celebrate with our new campaign
-
दंतकटौव्वल के खतरे से बाल-बाल बचे मोदीजी और मुसलमानों को गोली मारते असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा