Newslaundry Hindi
पायलट गुट के फोन टैपिंग आरोपों पर, राजस्थान पुलिस ने आजतक के पत्रकार समेत एक अन्य के खिलाफ दर्ज की एफ़आईआर
राजस्थान में सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच जारी तनातनी तो अब खत्म हो गई है, लेकिन दोनो के बीच बढ़ी कड़वाहट कब खत्म होगी, यह तो कोई नहीं जानता. इस बीच विधायकों के फोन टैपिंग मामले में राजस्थान पुलिस ने आजतक के पत्रकार और सचिन पायलट के मीडिया मैनेजर के खिलाफ जयपुर में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है.
करीब दो महीने पहले जब सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच राजनीति खींचतान चल रही थी, तब दोनों ही गुटों ने अपने विधायकों को अलग-अलग होटल में ठहराया था. एक ओर जहां सचिन अपने विधायकों के साथ हरियाणा के एक होटल में रुके थे, तो वही अशोक गहलोत ने अपने सभी विधायकों को जोधपुर के एक होटल में ठहराया था.
उसी समय सचिन पायलट गुट के विधायकों ने राजस्थान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था, सरकार के इशारे पर पुलिस ने हमारे फोन टैप किए. हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को इंकार कर दिया था.
जिसके बाद अब जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात ड्यूटी अधिकारी सत्यपाल सिंह ने बताया कि, इस मामले में सचिन पायलट के मीडिया मैनेजर लोकेंद्र सिंह और आजतक के जयपुर एडिटर शरत कुमार के खिलाफ विधायकों के फोन टैपिंग मामले में ‘फेक न्यूज़ फैलाने’ के आरोप में एफ़आईआर दर्ज की गई है.
बता दें कि, राजस्थान में पूर्व उप मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने बगावत करते हुए कहा था, कि अशोक गहलोत की सरकार जनता के किए वादों को पूरा नहीं कर पा रही है. जिसके बाद उन्होंने पार्टी से बगावत करते हुए अपने समर्थक विधायकों के साथ हरियाणा के होटल में रह रहे थे. हालांकि बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के दखल के बाद सचिन पायलट की घर वापसी हुई थी.
राजस्थान में सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच जारी तनातनी तो अब खत्म हो गई है, लेकिन दोनो के बीच बढ़ी कड़वाहट कब खत्म होगी, यह तो कोई नहीं जानता. इस बीच विधायकों के फोन टैपिंग मामले में राजस्थान पुलिस ने आजतक के पत्रकार और सचिन पायलट के मीडिया मैनेजर के खिलाफ जयपुर में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है.
करीब दो महीने पहले जब सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच राजनीति खींचतान चल रही थी, तब दोनों ही गुटों ने अपने विधायकों को अलग-अलग होटल में ठहराया था. एक ओर जहां सचिन अपने विधायकों के साथ हरियाणा के एक होटल में रुके थे, तो वही अशोक गहलोत ने अपने सभी विधायकों को जोधपुर के एक होटल में ठहराया था.
उसी समय सचिन पायलट गुट के विधायकों ने राजस्थान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था, सरकार के इशारे पर पुलिस ने हमारे फोन टैप किए. हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को इंकार कर दिया था.
जिसके बाद अब जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात ड्यूटी अधिकारी सत्यपाल सिंह ने बताया कि, इस मामले में सचिन पायलट के मीडिया मैनेजर लोकेंद्र सिंह और आजतक के जयपुर एडिटर शरत कुमार के खिलाफ विधायकों के फोन टैपिंग मामले में ‘फेक न्यूज़ फैलाने’ के आरोप में एफ़आईआर दर्ज की गई है.
बता दें कि, राजस्थान में पूर्व उप मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने बगावत करते हुए कहा था, कि अशोक गहलोत की सरकार जनता के किए वादों को पूरा नहीं कर पा रही है. जिसके बाद उन्होंने पार्टी से बगावत करते हुए अपने समर्थक विधायकों के साथ हरियाणा के होटल में रह रहे थे. हालांकि बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के दखल के बाद सचिन पायलट की घर वापसी हुई थी.
Also Read
-
From India Against Corruption to CJP: Abhinandan returns to Jantar Mantar
-
TV Newsance 348 | NEET protest ya CIA plot? Godi media’s 4-step formula exposed
-
Gen Z is protesting. Here is the economics behind the rage
-
‘Nobody asked us to’: Meet the silent engine of the Jantar Mantar protest
-
The media missed the biggest story: How a generation fed on consumerism and hate found its voice